याकूब का लाबान के पास से भागना
फिर लाबान के पुत्रों की यह बातें याकूब के सुनने में आई याकूब ने हमारेपिता का सब कुछ छीन लिया है और हमारे पिता के धन के कारण उसकी यह प्रतिष्ठा है और याकूब ने लबान के मुख्य पर दृष्टि की और तोड़-डर लिया कि वह उसके प्रति पहले की समान नहीं है तब यहोवा ने याकूब से कहा अपने पितरों के देश और अपनी जन्मभूमि को लौट जा और मैं तेरे संग रहूंगा तब याकूब ने राहुल और लिया को मैदान में अपनी भेड़ बकरियों के पास बुलवाकर कहा तुम्हारे पिता के मुख से मुझे जान पड़ता है कि वह मुझे पहले के समान अब नहीं देखा कि वह मुझे पहले के समान अब नहीं देखा पर मेरे पिता का परमेश्वर मेरे संग है तुम भी जानती हो किमैं तुम्हारे पिता की सेवा शक्ति भर की हैफिर भी तुम्हारे पिता ने मुझे चल करके मेरी मजदूरी को 10 बार बदल लिया परंतु परमेश्वर ने उसको मेरी नानी करने नहीं दिया जब उसने कहा चिट्ठी वाले बच्चे तेरी मजदूरी करेंगे तब तब भेड़ बकरियां चिट्ठी वाली ही जाने लगी और जब उसने कहाधारी वाले बच्चे तेरी मजदूरी ठहरेंगे तब तब भेड़ बकरियों धारीवाले जानने लगी इस रीति से परमेश्वर ने तुम्हारे पिता के पशु लेकर मुझको दे दिए भेड़ बकरियों की गाभिन होने के समय मैं सपने में क्या देखा कि जो बकरा बकरियों पर चल रहे हैंवह धारी वाले चिट्ठी वाले औरगाबे वाले हैंतब परमेश्वर के दूध ने स्वप्न में मुझसे कहाहै या खूब मैंने कहाक्या आ गया उसने कहा आंखें उठाकर उन सब बकरों को जो बकरियों परचल रहे हैं देखा कि वह धारी वाले जिद्दी वाले औरधब्बे वाले हैं क्योंकि जो कुछ लाबान
तुझे करता है वह मैंने देखा है मैं उसे बेटे का परमेश्वर हूं जहां तूने एक खंभे पर तेल डाल दिया था और मेरी मन्नत मानी थी अब चल इस देश से निकलकर अपनी जन्मभूमि को लौट
जा तब राहुल और लिया ने उससे कहा क्या हमारे पिता के घर में अभी हमारा कुछ भाग व अंश बचा है क्या हम उसकी दृष्टि में प्राय न ठहरे देखा उसने हमको तो भेज डाला और हमारे रुपए को खो बैठा है इसलिए परमेश्वर ने हमारे पिता का जितना धन ले लिया है वह हमारा और हमारे बच्चों का है अब जो कुछ परमेश्वर नेतुझे कहा है वही कर तब याकूब ने अपने बच्चों और स्त्रियों को होठों पर चढ़ना और जितने पशुओं को वह बदन राम में इकट्ठा करके धनवान हो गया था सबको कानन में अपने पिता इश्क के पास जाने के विचार से साथ ले गया लबान अपनी भेद का उन कार्टन के लिए चला गया था और राहुल अपने पिता की ग्रह देवताओं कोचुरा ले गईअतः याकूब लवण हरामिके पास से चोरी से चला गया उसको ना बताया कि मैं भाग जाता हूं वह अपना सब कुछ लेकर भागा और महानंद के पर उतर कर अपना मुंह दर्द की पहाड़ी देश की ओर किया
लाबान द्वारा याकूब का पीछा करना
तीसरे दिन लाभन कोसमाचार मिला कि याकूब भाग गया है इसलिए उसने अपने भाइयों को साथ लेकर उसका 7 दिन तक पीछा किया और गिल की पहाड़ी देश मेंउसकोजा पड़ा परंतु परमेश्वर ने रात के सपने में लबान के पास आकर कहा सावधान रहे तू याकूब से ना तो भला कहना और ना बुरा और लवण याकूब के पास पहुंच गया याकूब अपना तंबू गिल नामक पहाड़ी देश में खड़ा किया पड़ा था और लाभन ने भी अपने भाइयों के साथ अपना तंबू इस पहाड़ी देश में खड़ा किया तब लाबान या खूब सेकहने लगा तूने यह क्या किया कि मेरे पाससे चोरी से चला आया और मेरी बेटियों कोऐसा ले आया मानो तलवार के बल से बंदीबनाई गई हो तो क्यों चुपके से भाग आयाऔर मुझसे बिना कुछ कहे मेरे पास से चोरी से चला आया नहीं तो मैं तुझे आनंद के साथ मृदंग और वीणा बजवाते और गीत गावती विदा करता तूने तो मुझे अपने बेटे बेटियों को चूमने तक ना दिया तूने मूर्खता की हैतुम लोगों की हानिकरने की शक्ति मेरे हाथ में तो है पर तुम्हारे पिता के परमेश्वर नेमुझे बीती हुई रात में कहा सावधान रहे याकूब से ना तो भला कहना और ना बुरा
भला अब तू अपने पिता के घर का बड़ा अभिलाषी होकर चला आया तो चला पर मेरे देवताओं को तू क्यों चुरा ले आया है याकूब ने लबान को उत्तर दिया मैं यह सोचकर डर गया था कि कहीं तू कहीं अपनी बेटियों को मुझे छेड़ ना ले जिस किसी के पास तू अपने देवताओं को उपाय वह जीवित ना बचेगा मेरे पास तेरा जो कुछ निकले उसे भाई बांधों के सामने पहचान कर ले ले क्योंकि याकूब ना जानता था कि राहुल ग्रह देवताओं को चुरा ले आई है
यह सुनकर लाबान याकूब और लिया और दोनों राशियों के तंबू में गया और कुछ ना मिला तब लिया ने तमब्बू में से निकलकर रेलकी तंबू में गया रहे तो ग्रह देवताओं को ऊंट की काठी में रखकर उन पर बैठी थी लवन ने उसके सारे तंबू में टटोलना पर भी उन्हें न पाया राहुल ने अपने पिता से कहा है मेरे प्रभु इससे आकर्षण ना हो कि मैं तेरे सामने नहीं उठी क्योंकि मैं मासिक धर्म से हूं आता है उसे ढूंढने पर भी ग्रह देवता उसको ना मिले
तभी याकूब क्रोधित होकर लाबान से झगड़ने लगा और कहा मेरा क्या अपराध है मेरा क्या पाप है कि तूने इतना क्रोधित होकर मेरा पीछा किया है तूने जो मेरी सारी सामग्री को टटोलकर देखा तो तुझको अपने घर की सारी सामग्री में से क्या मिला कुछ मिला हो तो उसको यहां अपने और मेरे भाइयों की सामने रख दे और वह हम दोनों के बीच न्याय करेंइन 20 वर्षों तक में तेरे पास रहा
इनमें ना तो तेरी भीड़ बकरियों के गर्भ गिरे और ना तेरे नैनों का मांस मैंने कभी खाया जिसे बनाई ले जंतुओं ने फाड़ डाला उसको मैं तेरे पासना लता था उसकी नानी मैं ही उठता था चाहे दिन को चोरी जाता चाहे रात को तू मुझमें ही से उसको ले लेता था मेरी तो यह दशा थी कि दिन को तो गम और रात को पल मुझे खो गया और नींद मेरी आंखों से भाग जाती थी20 वर्ष तक मैं तेरे घर में रहा 14 वर्षतो मैं तेरी दोनों बेटियों के लिए और 6 वर्ष तेरी भीड़ बकरियों के लिए सेवा की और तूने मेरी मजदूरी को 10 बार बदल डाला मेरे पिता का परमेश्वर अर्थात अब्राहम का परमेश्वर जिसका भाई इसहक भी मानता है यदि मेरी और ना होता l

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