अंग्रेजों ने भारत पर 3 तरह का शासन किया तथा सत्ता का हस्तांतरण भी 3 तरह से किया - jagoindia Sarkari Yojana : नई सरकारी योजना 2025

Breaking

more info click below

Sunday, October 13, 2019

अंग्रेजों ने भारत पर 3 तरह का शासन किया तथा सत्ता का हस्तांतरण भी 3 तरह से किया


अंग्रेजों ने भारत पर 3 तरह का शासन किया तथा सत्ता का हस्तांतरण भी 3 तरह से किया
1.) ब्रिटिश इंडिया( indian independence act 1947/ सत्ता का हस्तांतरण अधिनियम sect7 a
2.) इंडियन स्टेट( indian independence act 1947/ सत्ता का हस्तांतरण अधिनियम sect7 b)
3.) ट्राइबल एरिया(  indian independence act 1947/ सत्ता का हस्तांतरण अधिनियम sect7 c
इंडियन इंडिपेंडेंस एक्ट 97 में आगे नीचे लिखा हुआ है कि भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 के सेक्शन 7 b और 7c यानी इंडियन स्टेट और ट्राइबल एरिया को ब्रिटिश भारत या भारत डोमिनियन समझौता के तहत ट्रीटी, एग्रीमेंट के द्वारा अर्जित कर सकता है परंतु जैसा कि एक्स्ट्रा प्रोविंशियल जूरिडिक्शन(Extra provincial jurisdiction या फॉरेन जूरिडिक्शन एक्ट 1947( foreign jurisdiction act) केे तहत इन क्षेत्रों को करार के द्वारा भारत डोमिनियन के अंदर लिया गया(देखें संविधान के अनु 1)  पर इस एग्रीमेंट में यह भी लिखा हुआ है कि उन समझौते के प्रावधानों पर इंडियन स्टेट के रूलर या ट्राईबल एरिया के किसी अथॉरिटी या कोई ऐसा भाग (treaty , grant)जो कि इस बात को लेकर जागरूक है उसके द्वारा भविष्य में प्रश्न नहीं उठना चाहिए अन्यथा भारत के सारे आदिवासी ब्रिटिश भारत या भारत डोमिनियन से स्वतंत्र हो जाएंगे या उनकी जूरिडिक्शन अर्थात कार्यपालिका, न्यायपालिका, विधायिका तीनों समाप्त हो जाएंगे( Indian independence act 1947 sect 7A, b, c , foreign juridiction act 1947 - validity of act done

    🌷🌻Indian independence act 1947 इंडियन स्टेट और ट्राइबल एरिया की कोई भी परिभाषा क्लियर नहीं है गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट 1935 के सेक्शन 311 में इन दोनों की परिभाषा तथा समता जजमेंट 1997 में भी ट्राइबल एरिया की परिभाषा है कि ट्राइबल एरिया इंडियन स्टेट के अंदर भी है दूसरी ओर यह नहीं कहा जा सकता की आजादी के ठीक पहले यानी 1947 के पहले के स्वतंत्र इंडियन स्टेट ही इंडियन इंडिपेंडेंस एक्ट1947  सेक्शन 7 Bऔर 7c मे लिखित ट्रीटी, ग्रांट ,एग्रीमेंट में आएंगे
        🌷🌻Imperial gazetteer of India Volume 4 page 63
Division of states into ancient and modern

The important fact for them is their admission into the political system of the British protectorate and the assurance by statute( 21 and 22 Vict cap 106 sect 67) that "all treaties made by the said East India company shall be binding on Her Majesty,"

🌷🌻चुकी छत्तीसगढ़ ,मध्य प्रदेश ,उड़ीसा ,झारखंड आदि राज्य मैं ट्रीटी आफ इलाहाबाद 12 अगस्त 1765 के द्वारा ईस्ट इंडिया कंपनी का सिर्फ रिवेन्यू कलेक्शन का करार हुआ था ,जिसकी वजह से इन क्षेत्रों पर डिप्टी कमिश्नर को सिर्फ रिवेन्यू कलेक्शन का अधिकार मिला था और यह एक्जिस्टिंग law(अनु 366(10) है विद्यमान लागू विधि है अतः इन क्षेत्रों में सीआरपीसी 1898 और सीआरपीसी 1973 का विस्तार नहीं किया गया बल्कि डिप्टी कमिश्नर को ही सामान्य क्षेत्रों और कोर्ट ( civil, criminal ) का अधिकार दिया गया   वहीं गज़ेटियर ऑफ इंडिया वॉल्यूम 4 , page384 के अनुसार हर आदिवासी विलेज हैडमैन (मुंडा, मानकी, पटेल, गमेती, पड़हा) को  ही सिविल और क्रिमिनल मामले निपटाने की शक्ति प्रदान की गई।

No comments:

Post a Comment

you have any dauts, Please info me know

more info click

https://herbalraising.com/mxzkiav8?key=843373486cec3902d999f329321b8eb8