कर्मचारी भाइयो आपसे निवेदन है कि बैक टू सोसाइटी अर्थात समाज की ओर मुड़ो अभी सरकारी पद में है,तब तक तो ठीक है,सरकारी दमाद बनकर जी रहे है। फिर अनपढ़ समाज की ओर ही जायेंगे।गोँडवाना शब्द,गोँडवाना विचार का विरोध क्यों ?
सांथियों यदि आप पढ़े और लिखे ,जागरूक हैं,और
देश दुनिया में आज जो सामाजिक,पारम्परिक,आर्थिक,राजनैतिक,वैचारिक,सांस्कृतिक और धार्मिक
उन्माद चल रहा है।यह आदिवासियों,मूलनिवासियों को गुलाम बनाए रखने का एक सोची समझी षड्यंत्र
है। इसको दुसरे के चश्मे से नही अपने आदिवासियत चश्मे से देखना पड़ेगा,वेद,पुराण,रामायण,गीता,भागवत,महाभारत
इत्यादि का रचना जब नही हुआ था।इसके पूर्व का इतिहास हिस्ट्री को अच्छी तरह से अध्ययन
करना पड़ेगा तब गोँडवाना शब्द अर्थ,गोँडवाना विचार का मतलब समझ में आएगा।जिनके पास इतिहास
पड़ने का समय नही है उनको गोँडवाना की गहराई समझे बिना गोँडवाना विचार का विरोध करना अपराध है,उनको हक
नही है।
गोँडवाना आंदोलन एक सत्य सोधक आंदोलन
है।इस वर्तमान भारत भूमि जब से बनी है तब से क्या रीतिरिवाज रहा है,क्या संस्कृति रही
है।इस भारत भूमि में इसका खोजकर्त्ता आंदोलन,गोँडवाना आंदोलन है।
बिना सच्चाई जाने टीका टिप्पड़ी करना मूर्खता
है।
बीरेंद्र सिंह मरावी अनूपपुर(म,प्र,) उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में डिप्टी कलेक्टर पद के लिए चयनित
होने पर ◆◆◆
A -1-अमित शुक्ला (टॉपर )
2-अनुपम मिश्रा(2nd टॉपर)
3-मीनाक्षी पांडे(3rd टॉपर)
4-शत्रुहन पाठक(4rth टॉपर)
12-अनूप कुमार मिश्रा (12th टॉपर)
13-अंकित शुक्ला(13th टॉपर)
B-डिप्टी सुपरिंटेंडेंटऑफ पुलिस(Dy.S.
P.)
पद पर चयनित होने के लिए
1-मयंक द्विवेदी
2-अम्बुजा त्रिवेदी
4-राहुल पांडेय
5-आशुतोष मिश्रा
6-प्रियंका वाजपेयी
7-देवरत वाजपेयी
10-विक्रांत दुवेदी
13-शिवम मिश्रा
16-आरुषि मिश्रा
17-गौरव शर्मा
18-प्रतिभा मिश्रा
20.चंद्र प्रकाश तिवारी
22-अरुण दीक्षित
23-अतुल पांडे
25-मयंक तिवारी
26-प्रगया पाठक
28-हर्ष पांडेय
29-अमित कुमार पांडेय
31-शुकन्या शर्मा
36-विमल कुमार मिश्रा
39-रितेश तिवारी
40-मृतुन्जय नारयण मिश्रा
43-सुमित त्रिपाठीको बहुत बहुत बधाई
।,👍
बाकि यादवजी, मोर्या जी, गौतम जी,
एसटी ,ऐ.सी., ओबीसी के लोगो को कावड़ लाने, नवरात्रों में भजन लांगुरिया गाने ,गणेश
उत्सव में उत्कृष्ट नाचने ,भोले नाथ के परिक्रमा कर माह पूण्य कमाने के लिए बधाई और
शुभकामनाएं।करवा चौथ आने वाली हैं !!
आजकल.. एक बड़ा खतरनाक प्रचलन चला है
हिन्दुओं में..,
वह यह कि.. जैसे ही कोई हिन्दू त्यौहार
आने वाला होता है, हम हिन्दू खुद ही.. उस त्यौहार को ऐसे पेश करते हैं जैसे वो.. उनके
ऊपर बोझ है उनका भद्दा मजाक.. फेसबुक और व्हाट्सएप पर बनाते हैं , और अपने ही त्यौहारों
की..
पवित्रता गम्भीरता.. खत्म कर देते
हैं !!
देखिए क्या लिखा है,, ~
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