क्या आपने कभी ऐसा भी सोचा है???
कि हिन्दू धर्म में वर्ण, वर्ण में शूद्र, शूद्र में जाति, जाति में क्रमिक ऊंच-नींच और ब्राह्मण के आगे सारे नींच...अब गर्व से कैसे कहें कि हम हिन्दू हैं ???
"गुलाम को गुलामी का एहसास करा दो गुलाम अपनी बेड़ियाँ खुद तोड़ कर फेंक देगा"
:- बाबा साहब डॉ अम्बेडकर
इन तथ्यों से साबित होता है कि हिन्दू धर्मनहीं है
यह तो सत्ता छीनने का एक राजनीतिक षड्यंत्र है।
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पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक श्री फुन्देलाल सिंह मार्को जी व जयस संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक डाक्टर हीरालाल अलावा जी विधायक मनावर को (T .A .C .) ट्राईबल एड्वाइजरि कमेटी के माननीय सदस्य बनाये जाने पर कोटि कोटि बधाई व शुभकामनायें , निस्चित ही माननीय मार्को साहब व माननीय अलावा साहब के सयुंक्त प्रयास से पेसा कानून , 5 वी अनुसूची , वन अधिकार कानून व आदिवासियो की विभिन्न मुद्दों को विधानसभा व महामहिम राज्यपाल महोदय के समक्ष अपनी बात को गंभीरता के साथ उठायेंगे , बहुत बहुत बधाई -- आर .पी .सिंह धुर्वे जिला अध्यक्ष (जयस ) जिला अनूपपुर
ये देखिए बीजेपी के अंधभक्तों पुष्कर मंदिर का पुजारी पाराशर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से कह रहा है कि हमे दक्षिणा में सिर्फ ओर सिर्फ यही चाहिए कि आप दलितों आदिवासियों और ओबीसी का आरक्षण ख़त्म करें मोहन भागवत को पंडित की मांग सुनकर पसीना आ गया, हमारे दलित आदिवासी ओबीसी के खिलाफ हिन्दू मंदिर का षडयंत फिर भी हमारे मूलनिवासी बहुजन समाज के लोगों की आँखे नहीं खुल रही है जबकि मनुवादी ब्राह्मण चौबीसों घंटे आरक्षण खत्म करने में लगा है देखे विडियो
ब्राह्मण (पूजा करने-करानेवाला पुरोहित) की पोल खोल!!!
गाँव में सत्य नारायण की पूजा बहुत होती थी। हमने पूजा की पोल खोलने की ठानी। मैंने एक मित्र को प्लानिंग के साथ पूजा में बिठाया।
⛳पंडितजी ने गोबर के गणेश बनाकर मित्र को कहा कि गणेशजी पर पानी प्राछन्न करो।
🎈 मेरे मित्र ने कहा कि यह तो गाय का गोबर है लेकिन आप गणेश कह रहे हैं। यह गलत है।
⛳ पंडितजी ने कहा मान लो गणेशजी हैं।
🎈मित्र ने कहा कैसे मान ले ?
⛳पंडित जी ने कहा अरे भाई मै कहता हूँ मान लो।
🎈 मित्र ने कहा ठीक है। पूजा शुरू हुई । पूजा में पंडितजी ने तमाम उदहारण देकर बताया की जिसने सत्य नारायण की पूजा की उसे लाभ हुआ जिसने नहीं सुनी उसे नुकसान हुआ।
🎈 मेरे मित्र ने कहा पंडित जी आपने बताया जिसने सुनी उसे फायदा हुआ, जिसने नहीं सुनी उसे नुकसान हुआ लेकिन वह कथा/मन्त्र क्या है।
⛳पंडितजी निरुत्तर।
🎈खैर कथा समाप्त होने के बाद मेरे मित्र ने उसी गोबर गणेश को उठाया और उसे गोल-गोल करके पेड़ा (मिठाई) का आकार देकर पंडित जी से कहा यह लो पंडितजी प्रसाद के रूप में पेड़ा खाओ।
⛳पंडितजी ने कहा यह तो गोबर है इसे कैसे खाऊ।
🎈 मित्र ने कहा मान लो पेड़ा है।
⛳पंडितजी ने कहा ऐसे कैसे मान लूँ।
🎈 मित्र ने कहा मै कह रहा हूँ मान लो।
⛳पंडितजी ने कहा क्यों ?
🎈मित्र ने कहा आपने मुझे गोबर को गणेश मानने के लिए कहा, मैंने मान लिया, फिर आप क्यों नहीं मानोंगे।
⛳ पंडितजी की सिट्टी पिट्टी गुम। थैला लेकर भागने लगे।
हम लोगों ने उनकी साईकिल पकड़ी और कहा ठीक है यह नहीं खाओगे तो जो प्रसाद (गुड चना की दाल) बना है उसे तो खा लो।
⛳पंडितजी ने थैली देकर कहा कि इसमें दे दो। हम लोगों ने कहा कि प्रसाद मेरे साथ आप भी खाओ। उन्होंने नही खाया और पूछने पर कहा कि मै "आपके घर का प्रसाद " नही खा सकता।
🎈हमने पूछा क्यों ? वही उत्तर आप नीच जाति के हो। फिर मैंने पूंछा अभी आपने कथा में कहा था कि जिसने प्रसाद का तिरस्कार किया उसका सर्वनाश हो गया था, लेकिन आप ही प्रसाद का तिरस्कार कर रहे हैं।
हम लोगो को यहाँ मुर्ख बनाने आते हो क्या ?
⛳ पंडितजी साईकिल छोडकर भागने लगे। हमने पूंछा अच्छा यह तो बताते जाओ की जो हर बार बचा हुआ प्रसाद ले जाते थे उसका क्या करते थे ?
⛳पंडितजी यह कहते हुए भाग गए कि वह प्रसाद मेरे जानवर खाते हैं।

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