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Tuesday, February 24, 2026

सुबह माता-पिता के पैर छूने से आपके ये सब काम बन जाएंगे


सुबह-सुबह माता-पिता के पैर छूने की परंपरा हमारी भारतीय संस्कृति का एक अनमोल हिस्सा है। यह सिर्फ़ एक रस नहीं, बल्कि एक ऐसी क्रिया है जिसके पीछे आध्यात्मिक, मनोवैज्ञानिक और वैज्ञानिक कारण छिपे हुए हैं। सुबह माता-पिता के पैर छूने से आपके ये सब काम बन जाएंगे

यहाँ माता-पिता के पैर छूने के मुख्य फ़ायदों का विस्तृत विवरण दिया गया है:

 1. संस्कार और अनुशासन की शुरुआत

जब हम रोज़ाना सुबह उठकर अपने माता-पिता के चरण स्पर्श करते हैं, तो यह हमारे अंदर नम्रता और शिष्टाचार पैदा करता है। यह इस बात का प्रतीक है कि हमने अपने अहंकार को त्याग कर अपने बड़े-बुजुर्गों के प्रति सम्मान व्यक्त किया है। जिस व्यक्ति में विनम्रता होती है, वह जीवन की हर चुनौती को धैर्य से पार कर लेता है।

2. सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह

वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए तो मानव शरीर में एक इलेक्ट्रिकल सर्किट की तरह ऊर्जा प्रवाहित होती है।

एनर्जी लूप: जब हम झुककर माता-पिता के पैरों को छोड़ते हैं, तो हमारी उंगलियों के छिद्रों से उनके पैरों तक एक ऊर्जा का चक्र बनता है।

आशीर्वाद: माता-पिता के मन में उठने वाले प्रेम और आशीर्वाद के भाव उनके हाथों के माध्यम से हमारे सर तक पहुंचते हैं, जो हमें एक अनोखी शांति और शक्ति प्रदान करते हैं।

 3. मानसिक शांति और आत्म-विश्वास

सुबह-सुबह माता-पिता का आशीर्वाद लेने से मन में एक सुरक्षा का भाव आता है। जब हमारे बड़े हमारे सर पर हाथ रखते हैं, तो हमारा स्ट्रेस लेवल कम होता है और आत्म-विश्वास (सेल्फ-कॉन्फिडेंस) बढ़ता है। हमें एहसास होता है कि हम जीवन की लड़ाई में अकेले नहीं हैं, हमारे अपनों का साथ हमारे साथ है।

 

 4. ग्रह-दोष का निवारण (ज्योतिषीय लाभ)

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, माता का संबंध चंद्र से और पिता का संबंध सूर्य से होता है।

1.     माता के पैर छूने से मानसिक सुख मिलता है और चंद्रमा मजबूत होता है।

2.     पिता के चरण स्पर्श से समाज में मान-सम्मान और सौभाग्य मिलता है, क्योंकि सूर्य से यश और उन्नति प्राप्त होती है।

 5. स्वास्थ्य लाभ (फिजिकल एक्सरसाइज)

सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन पैर छूना एक तरह की एक्सरसाइज भी है।

Ø जब हम झुकते हैं, तो हमारी रीढ़ की हड्डी में लछिला-पन आता है।

Ø झुककर पैर छूने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जो सुबह के समय शरीर को स्फूर्ति देता है।

 6. रिश्तों में मजबूती

आज के भागदौड़ भरी जिंदगी में अक्सर परिवार के सदस्यों के बीच दूरियां बढ़ जाती हैं। पैर छूने की यह छोटी सी क्रिया माता-पिता और बच्चों के बीच के इमोशनल बॉन्ड को मज़बूत करती है। इसके घर में प्रेम और सद्भावना का माहौल बना रहता है।

 निष्कर्ष

माता-पिता को धरती पर ईश्वर का रूप माना गया है। उनके चरणों में ही 'तीरथ' होता है। जब हम रोज़ाना उनका आशीर्वाद लेकर दिन की शुरुआत करते हैं, तो हमारे रास्ते की रुकावतें अपने आप कम होने लगती हैं। यह परंपरा हमें अपनी जड़ों से जोड़ती है और एक बेहतर इंसान बनने में मदद करती है।

 

याद रखें: आशीर्वाद सिर्फ हाथों से नहीं, दिल से निकलता है। इसलिए जब भी पैर छूएं, पूरे मन और सम्मान के साथ छूएं।

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