मोबाइल से ABC ID (Academic Bank of Credits) या APAAR ID कार्ड बनाना बहुत आसान और पूरी तरह से फ्री है। आप इसे DigiLocker ऐप या ABC पोर्टल के जरिए 2 मिनट में बना सकते हैं।
नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें:
1. DigiLocker ऐप के जरिए (सबसे आसान तरीका)
ऐप डाउनलोड करें: सबसे पहले Play Store या App Store से DigiLocker ऐप डाउनलोड करें।
लॉगिन/साइन-अप: अगर आपका अकाउंट है तो लॉगिन करें, नहीं तो 'Sign Up' पर क्लिक करके अपना आधार नंबर और मोबाइल नंबर डालकर अकाउंट बना लें।
सर्च करें: ऐप के होमपेज पर नीचे दिए गए 'Search' बटन पर क्लिक करें।
ABC ID चुनें: सर्च बार में"ABC ID" लिखें। आपको 'Academic Bank of Credits' का विकल्प दिखेगा, उस पर क्लिक करें।
विवरण भरें:
आपका नाम, जन्म तिथि और जेंडर आधार के अनुसार पहले से भरा होगा।
Admission Year: वह साल चुनें जब आपने कॉलेज में एडमिशन लिया।
Identity Type: यहाँ Roll Number, Registration Number या Enrollment Number में से कोई एक चुनें।
Identity Value: अपना रोल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर लिखें।
Institution Name: अपनी यूनिवर्सिटी या कॉलेज का नाम लिस्ट में से सर्च करके चुनें।
Get Document: 'Get Document' पर क्लिक करें। आपकी ABC ID जनरेट हो जाएगी और 'Issued Documents' सेक्शन में दिखने लगेगी।
2. ABC पोर्टल (abc.gov.in) के जरिए
A.
अपने मोबाइल ब्राउज़र में www.abc.gov.in पर जाएं।
B.
ऊपर कोने में 'My Account' पर क्लिक करें और 'Student' चुनें।
C.
यहाँ आपको DigiLocker के जरिए लॉगिन करने को कहा जाएगा। अपना मोबाइल नंबर और पिन डालें।
D.
लॉगिन के बाद, मांगी गई जानकारी (यूनिवर्सिटी और एडमिशन डिटेल्स) भरें।
E.
सबमिट करते ही आपका 12 अंकों का ABC ID स्क्रीन पर आ जाएगा।
जरूरी बातें:
आधार लिंक मोबाइल: आपका मोबाइल नंबर आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए क्योंकि वेरिफिकेशन के लिए OTP उसी पर आएगा।
डाउनलोड: कार्ड बनने के बाद आप इसे PDF के रूप में डाउनलोड करके प्रिंट करवा सकते हैं या डिजिटल रूप में कहीं भी दिखा सकते हैं।
फायदा: यह कार्ड आपके कॉलेज क्रेडिट्स को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखता है, जिससे एक कॉलेज से दूसरे कॉलेज में ट्रांसफर लेना आसान हो जाता है।
क्या आप अपनी यूनिवर्सिटी का नाम लिस्ट में ढूंढ पा रहे हैं या वहां कोई दिक्कत आ रही है?ABC (Academic Bank of Credits) कार्ड, जिसे अब APAAR ID (Automated Permanent
Academic Account Registry) के नाम से भी जाना जाता है, भारत सरकार की 'नई शिक्षा नीति 2020' के तहत छात्रों के लिए शुरू की गई एक डिजिटल सुविधा है। यह एक डिजिटल लॉकर की तरह काम करता है जहाँ आपके शैक्षणिक अंक (Credits) सुरक्षित रहते हैं।
इसके मुख्य फायदे निम्नलिखित हैं:
1. डिजिटल क्रेडिट स्टोरेज (Digital Score House)
छात्र जब भी कोई कोर्स, एग्जाम या प्रैक्टिकल पास करते हैं, तो उसके 'क्रेडिट्स' इस कार्ड में डिजिटल रूप से जमा हो जाते हैं। यह एक बैंक की तरह है, जहाँ पैसों की जगह आपकी पढ़ाई के अंक जमा होते हैं।
2. मल्टीपल एंट्री और एग्जिट (Multiple Entry & Exit)
यह इस कार्ड का सबसे बड़ा फायदा है। अगर कोई छात्र किसी कारणवश पढ़ाई बीच में छोड़ देता है (जैसे 1 साल बाद), तो उसे सर्टिफिकेट मिलेगा और उसके क्रेडिट ABC कार्ड में सुरक्षित रहेंगे। वह छात्र कुछ समय बाद फिर से वहीं से अपनी पढ़ाई शुरू कर सकता है या किसी दूसरे कॉलेज में एडमिशन ले सकता है।
3. आसान कॉलेज ट्रांसफर (Seamless Migration)
यदि आप एक यूनिवर्सिटी से दूसरी यूनिवर्सिटी में जाना चाहते हैं, तो आपको ढेरों कागजी कार्रवाई की जरूरत नहीं पड़ेगी। आपके क्रेडिट्स डिजिटल रूप से सीधे ट्रांसफर हो जाएंगे।
4. 7 साल तक वैधता (Validity)
आपके द्वारा अर्जित किए गए क्रेडिट्स आमतौर पर 7 साल तक मान्य रहते हैं। इसका मतलब है कि आप अपनी डिग्री पूरी करने के लिए बीच में ब्रेक भी ले सकते हैं।
5. वेरिफिकेशन में आसानी (Easy Verification)
दस्तावेजों का बोझ खत्म: एडमिशन या नौकरी के समय बार-बार फिजिकल मार्कशीट दिखाने की जरूरत कम हो जाएगी।
फर्जीवाड़े से सुरक्षा: डिजिटल रिकॉर्ड होने के कारण फर्जी डिग्री या सर्टिफिकेट की गुंजाइश खत्म हो जाती है।
6. अन्य सरकारी लाभ
यह आईडी DigiLocker से जुड़ी होती है, जिससे स्कॉलरशिप (Scholarship) के आवेदन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना आसान हो जाता है।
क्या आपने अपनी ABC ID बना ली है? अगर नहीं, तो मैं आपको इसे बनाने की प्रक्रिया (DigiLocker के माध्यम से) समझने में मदद कर सकता हूँ। क्या आप यह जानना चाहेंगे?
भारत में विद्यार्थियों के लिए ABC Card (Academic Bank of Credits) एक बेहद महत्वपूर्ण डिजिटल टूल बन गया है। अगर आपके पास यह कार्ड नहीं है, तो आपको भविष्य में कई शैक्षणिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
यहाँ ABC कार्ड न होने के मुख्य नुकसान दिए गए हैं:
1. एडमिशन और कॉलेज ट्रांसफर में दिक्कत
नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत, अब एक कॉलेज से दूसरे कॉलेज में जाना आसान हो गया है। लेकिन बिना ABC ID के, आपके पुराने कॉलेज के 'क्रेडिट्स' (अंक) नए कॉलेज में ट्रांसफर नहीं हो पाएंगे। इससे आपको दोबारा शुरू से पढ़ाई करनी पड़ सकती है।
2. रिजल्ट और मार्कशीट रुकना
अब भारत के लगभग सभी बड़े विश्वविद्यालयों (जैसे DU, IGNOU, राजकीय विश्वविद्यालय) ने ABC ID अनिवार्य कर दी है। यदि आपके पास यह आईडी नहीं है, तो:
1.
आपका परीक्षा फॉर्म भरने में समस्या आ सकती है।
2.
यूनिवर्सिटी आपका रिजल्ट रोक सकती है।
3.
आपकी डिजिटल मार्कशीट जनरेट नहीं होगी।
3. क्रेडिट्स के नुकसान का डर
ABC कार्ड एक 'डिजिटल लॉकर' की तरह काम करता है जहाँ आपके हर साल के अंक सुरक्षित रहते हैं। कार्ड न होने पर, यदि आप बीच में पढ़ाई छोड़ते हैं (Drop-out), तो आपके द्वारा की गई मेहनत का कोई डिजिटल रिकॉर्ड नहीं रहेगा, जिससे भविष्य में उस कोर्स को वहीं से शुरू करना मुश्किल होगा।
4. 'मल्टीपल एंट्री और एग्जिट' का लाभ न मिलना
सरकार अब छात्रों को यह सुविधा देती है कि वे 1 साल बाद सर्टिफिकेट, 2 साल बाद डिप्लोमा और 3-4 साल बाद डिग्री लेकर निकल सकें।
नुकसान: बिना ABC कार्ड के सिस्टम को यह पता नहीं चलेगा कि आपने कितने साल पूरे किए हैं, और आप इस लचीली शिक्षा नीति का लाभ नहीं उठा पाएंगे।
5. सरकारी स्कॉलरशिप और वेरिफिकेशन में देरी
आने वाले समय में छात्रवृत्ति (Scholarship) के लिए भी ABC ID को आधार की तरह इस्तेमाल किया जाएगा। इसके बिना शैक्षणिक दस्तावेजों का सत्यापन (Verification) धीमा हो सकता है।
सुझाव: ABC ID बनाना बहुत आसान है और यह पूरी तरह मुफ्त है। आप इसे DigiLocker ऐप या www.abc.gov.in पर जाकर अपने आधार कार्ड के जरिए 2 मिनट में बना सकते हैं।
क्या आप जानना चाहेंगे कि स्टेप-बाय-स्टेप ABC ID कैसे बनाई जाती है?

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