समस्त अनु जनजाति, रूढ़ि गत ग्रामसभा
ट्राइबल एरिया, इंडियन स्टेट, ब्रिटिश इंडिया
तेरी बुराइयों को हर अख़बार कहता है,
और तू मेरे गांव को गँवार कहता है,
ऐ शहर मुझे तेरी औक़ात पता है,
तू चुल्लू भर पानी को भी वाटर पार्क कहता है,
थक गया है हर शख़्स काम करते-करते,
तू इसे अमीरी का बाज़ार कहता है।
गांव चलो वक़्त ही वक़्त है सबके पास,
तेरी सारी फ़ुर्सत तेरा इतवार कहता है,
मौन होकर फ़ोन पर *रिश्ते निभाए जा रहे हैं,
तू इस मशीनी दौर को परिवार कहता है,
जिनकी सेवा में खपा देते थे जीवन सारा,
तू उन माँ बाप को अब भार कहता है,
वो मिलने आते थे तो कलेजा साथ लाते थे,
तू दस्तूर निभाने को रिश्तेदार कहता है,
बड़े-बड़े मसले हल करती थीं पंचायतें,
तु अंधी भ्रष्ट दलीलों को दरबार कहता है,
बैठ जाते थे अपने पराये सब बैलगाडी में,
पूरा परिवार भी न बैठ पाये उसे तू कार कहता है,
अब बच्चे भी बड़ों का अदब भूल बैठे हैं,
तू इस नये दौर को संस्कार कहता है।
आज की हक़ीक़त......
हकी कत है
गाँव मे जाकर देखे समाज कीतनी पीछे है
🙏🙏🙏 प्रणाम🙏🙏🙏🌹
गोंड समाज महासभा सर्किल कमेटी सागर टोला के तत्वावधान में....
गोंडवाना साम्राज्य के अमर शहीद गोंड राजा शंकरशाह मड़ावी व कुवर रघुनाथशाह मड़ावी जी को दी विनम्र श्रृध्दॉजली
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