यदि संस्कृत भाषा पूर्व से ही आ रही होती तो संस्कृत भाषा में भी कुछ लिखा हुआ मिलता ।इससे साबित होता है कि सभी धर्म ग्रंथ मौर्य वंश के पतन के बाद पूष्प मित्र शुंग द्वारा स्थापित ब्रह्मण राज्य में लिखा गया है ।
काल्पनिक
देवी -देवता और भगवान का जन्म भी पूष्प मित्र शुंग के शासन काल में हुआ है क्योंकि सिन्धु घाटी की खुदाई में कोई भी देवी -देवता एवं भगवान की मूर्ति तथा कोई भी मंदिर नहीं मिला है ।
🙏
मूलनिवासियों से निवेदन है कि धर्म ग्रंथ पढ़े मगर आॅखें बंद करके दिमाग अलग रख कर नहीं पढ़े बल्कि उसमें जो झूठ और गलत है उसको समझें ।
आपको धर्म शास्त्रों में करोड़ों झूठ और गलतियाॅ मिलेगी।
धूर्तो ने धर्म शास्त्रों को लिखा है ,
गुण्डों द्वारा प्रचार किया गया है
और मूर्खों द्वारा धर्म को माना जा रहा है ।
जागो मूलनिवसी जागो , कब तक मानसिक गुलाम बन कर धर्म के नाम पर धन और समय बर्बाद करते रहोगे ?
मूल निवासियों के पैसे से धर्म के ठेकेदार ऐश मौज करता है ।
अपने बच्चों को धर्म नहीं ज्ञान - विज्ञान और संविधान की शिक्षा दो ।
जय सेवा जय जोहार जय भीम
बाबा साहेब
को प्रणाम🙏👏🏻

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