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Thursday, October 10, 2019


पटवारी हड़ताल के लिए मजबूर क्यो??*
ये सन्देश भी प्र के हर व्यक्ति , किसानों/जनप्रतिनिधियों , हर शिक्षित वर्ग तक पहुचाएं।
  
निवेदक:-
            प्र पटवारी संघ
              जिला बैतूल             

पटवारी हड़ताल के लिए मजबूर क्यो??

वेतन विसंगति
वर्ष 2008 के पूर्व निम्न सभी पदों की स्थिति :-
पटवारी           -2100- 3500
आर आई         -2400- 4000
ना तहसीलदार -2800- 4500
तहसीलदार।     -3200- 5000
उपरोक्त सभी के वेतन में 500 रूपये का अंतर बढ़ते पदक्रम में था।

वर्ष 2008 के बाद की स्थिति

पटवारी               2100-   3500
आर आई            2400-   4000
ना तहसीलदार    3600- 5500
तहसीलदार        4000- 6000

पटवारी ,आर. आई. आज भी यथावत है जबकि नायब तहसीलदार/तहसीलदार  की ग्रेड पे 3600/4000 हो गयी वेतन में 1000 रुपये की बढ़ोतरी हो गयी। आज ग्रेड पे 2800/3200 पर पटवारी/आर. आई. होना चाहिए था किंतु उन्हें वहीँ दबा के रखा है
6 वा वेतनमान के उपरांत ग्रेड पे
पटवारी            -   2100
आर आई         -   2800
ना तहसीलदार  -  3600
तहसीलदार      - 4200

प्र की सरकार प्र को विकसित राज्यों की श्रेणी में बताता है
 अब आप ही तुलना करे की विकसित श्रेणी में प्र है भी या नही।
अन्य राज्यों की तुलना में प्र के पटवारियो का वेतन :-
पंजाब            10300-34800  -3200
जम्मूकश्मीर    10300-34800  -3200
हिमाचल प्रदेश 10300-34800 -3200
उत्तराखंड         5200-20200  -2800
छातिषगढ़।       5200-20200  -2200
मध्यप्रदेश         5200-20200  -2100
       ये है हमारा विकसित प्र जिसका वेतन हमसे अलग हुए छत्तीशगढ़ से भी कम है
इस वेतन विसंगति से व्यथित होकर .प्र. प्रशाशन की रीढ़ की हड्डी कहे जाने वाला एक छोटा सा लेकिन सबसे महत्वपूर्ण पद पटवारी का सन् 2008 से  अपनी एक छोटी सी मांग वेतन विसंगति सुधारने की गुहार लगा रहा है।
पटवारी /रा0नि0 2008 से आज दिनांक तक 2100/2800 ग्रेड पे पर ही अटका हुआ है बाकी सभी संवर्गो के ग्रेड पे बढ़ा दिए गए है तो पटवारी/रा0नि0 का क्यू नही बढ़ाया गया

पटवारी बनने के पश्चात् सीधी पदोन्नति के कोई नियम नहीं है
पटवारी भर्ती होने के बाद पटवारी पद पर ही retired हो जाता है जबकि एक चपरासी भी पदोन्नत होकर बाबू बन जाता है। पटवारी से आर आई बनने के लिए विभागीय परीक्षा पास करना होता है।
पटवारी पद के अतिरिक्त सभी पदों को डी पी सी के माध्यम से  पदोन्नत कर दिया जाता है पटवारी को क्यों नही किया जाता।
शाषन् की वादाखिलाफी
सरकार द्वारा 2008 में पटवारी की वेतन विसंगती और अन्य मांगों के संबंध में सनावद सम्मलेन में आश्वाशन दिया जिसके सम्मान में पटवारी अपने कार्य पर वापस हुए थे आस्वाशन के अनुरूप आदेश नही होने से पुनः   2013, 2015  एवं 2017 की हड़ताल की गयी तब भी केवल आश्वासन पर हड़ताल खत्म की गई।
इतने आश्वासनों के बाद भी शासन की ओर से कोई ठोस कार्यवाही ना करते हुए आज इस बात पर नौबत गई है कि शासन के मंत्रियों द्वारा संपूर्ण पटवारी संवर्ग को ही भ्रष्ट कहा जा रहा है जिससे पटवारी संघ और पूरा संवर्ग मानसिक रूप से प्रताड़ित है और कार्य करने में अक्षम महसूस कर रहा है पटवारी आज प्रदेश के किसान के साथ तो है और उसने सर्वे करने के पश्चात फसलों की क्षति की जानकारी शासन को पहुंचा भी दी है ,किंतु अपने खोए हुए मान सम्मान को वापस पाने और सम्मान पूर्वक 2800 के ग्रेड पे दिए जाने पर ही वह दिनांक 3 अक्टूबर 2019 से जारी इस हड़ताल को वापस लेगा।

बिना टेक्निकल पद/बिना संसाधन के भी टेक्निकल कार्य
पटवारियो को काम करने के लिए आवस्यक  संसाधन नही दिए जाते है, बिना संसाधनों के ही हाई टेक काम करवाये जाते है जैसे  .टी.एस. एम. से सीमांकन ,लैपटॉप इंटरनेट मोबाइल आदि जबकि समान योग्यता में भर्ती होने वाला विभागीय पद जूनियर डाटा एंट्री आपरेटर टेक्निकल है जिसका ग्रेड पे पटवारी से ज्यादा है और ऑफिस आवास जैसी बुनियादी सुबिधाये भी नहीं दी जा रही है।
अतिरिक्त हल्के का मानदेय दे या करे नवीन पदों की भर्ती
पटवारी नियमवाली के अनुसार पदस्थापना के अतिरिक्त हलके का वेतन का नियमानुसार मूल वेतन का 25% दिया जाना चाहिए पर वर्तमान में पटवारी साथियो को वह भी नही दिया जाता है।
शासन की फिजूल खर्ची
प्र शासन राजस्व विभाग में 15 वर्षों से चल रही NIC के सबसे अच्छे सॉफ्टवेयर को बंद करके कुछ नेताओं के स्वार्थ के लिए करोडो रुपयों की फिजूल ख़र्च करके कमियों से भरे सॉफ्टवेयर WEB gis को प्राइवेट कंपनी से खरीदा जिसमे बहुत सारी कमिया है। पहले किसानों को नक़ल 10 रुपये में मिल जाती थी आज WEB gis प्राइवेट कंपनी वही नक़ल 30 रूपये में बेच रही है।

अन्य विभागों के कई महत्वपूर्ण काम किये जाने पर पटवारियो कोई मानदेय नही दिया जाता है। जबकि अन्य शासकीय सेवको को मानदेय दिया जाता है

उपरोक्त माँगो के लिए हमें सरकार से 2008 से केवल आश्वाशन मिले है। सरकार के द्वारा कोई मांग पूरी नहीं की गई। यदि अभी भी आपको हमारी मांगे और आंदोलन गलत लगता है तो हमारा समर्थन करे , यदि लगता है कि मांगे जायज है तो हमारे आंदोलन के समर्थन में इस सन्देश को हर व्यक्ति के मोबाइल में भेजे और वास्तिविकता से  अवगत करावे , और दुआ कीजिये सरकार हमारी मांगे जल्दी से जल्दी मान लेवे, और हम वापस से अपने सेवा कार्य पर लौट आये।। धन्यवाद
आपका मित्र आपका पटवारी।

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