बीजेपी के शासनकाल में एक और इतिहास लिखा जायेगा। रामनाथ कोविन्द का जो अपने को भारत का राष्ट्रपति नहीं बल्कि सिर्फ भाजपा और आरएसएस का गुलाम और चमचा समझते हैं।वीडियो में पैर छूने की देरी करने पर भगवाधारी किस तरह तरह इशारा करता है कि पैर छू,जब एक दलित राष्ट्रपति की यह दुर्दशा है तो अन्य दलित पिछड़ों की क्या दुर्दशा होगी।यह विचारणीय विषय है। आज तक के इतिहास में शायद किसी ने राष्ट्रपति को सार्वजनिक मंच पर किसी के पैर छूते नहीं देखा होगा रामनाथ कोविंद जी का अभी कुछ दिन पहले स्टेटमेंट आया था की आरक्षण की जरूरत नहीं है जो व्यक्ति अपने पूरे जीवन काल में आरक्षित वर्ग का फायदा लिया नौकरी किया वकील बने इसके बाद भी राष्ट्रपति बनने के बाद बोलते हैं कि इस देश में आरक्षण की जरूरत नहीं जबकि खुद रामनाथ कोविंद यहां तक आरक्षण की बदौलत ही पहुंचे हैं नहीं तो कभी नहीं पहुंच पाते लेकिन शायद अब वह भूल चुके हैं कि मैं राष्ट्रपति हुँ रामनाथ कोविंद जी चाटुकारिता और गुलामी की भी हद होती है राष्ट्रपति पद की गरिमा को बनाए रखो आरएसएस और मनुवादियों की इतनी भी चाटुकारिता चमचागिरी मत करो की की मूलनिवासी बहुजन समाज के लोग आपको हर गली चौराहा में थूंके
अक्सर गेंद पानी पर तैर ही जाती है । मैंने कभी गेंद को पानी में डूबते हुए नही देखा ❗ ....
पता नही ❗.....
कृष्ण की "गेंद" यमुना में कैसे डूबकर कालिया नाग के पास पहुँच गयी ❓
पता नही "गेंद" थी या "पत्थर "❓...
हाँ❗....
राम राज्य में पत्थर तैरते थे कृष्ण राज में गैंद डूब गयी .....❗
और वह कालिया नाग लुगाइयों के साथ रहता था पानी मे ....
आखिर ये धर्म है भाई ❗ ....
सवाल मत करो मूर्ख बनो तो सच्चे भक्त हो
वरना ❗--- ;
नास्तिक ❗
असली भगवान कौन जरूर पढ़े।।।
🔹 1. जब तुमको गाँव से बाहर बस्ती बनाकर रहने के लिए मजबूर किया गया था । तब 5000 साल तक आपका भगवान कहाँ था ?
🔹 2. जब आपको 5000 साल तक शिक्षा से वंचित रखा गया तब आपका भगवान कहाँ था ?
🔹 3. जब 5000 साल तक आपको संपत्ति रखने का अधिकार नहीं था तब आपका भगवान कहाँ था ?
🔹 4. जब आपको गले में हांड़ी लटकाकर चलने के लिए मजबूर किया गया तब पाँच हजार साल तक आपका भगवान कहाँ सोया हुआ था ?
🔹 5. जब पाँच हजार साल तक आपको पीछे झाड़ू बाँधकर चलने के लिए मजबूर किया गया तब आपका भगवान कहाँ था ?
🔹 6. जब आपके प्राणों का मूल्य कुत्ते, बिल्ली, मेंढक के प्राणों के बराबर समझा जाता था तब पाँच हजार साल तक आपका भगवान कहाँ था ?
🔹 7. जब आपको सुबह शाम चलने पर प्रतिबन्ध था सिर्फ दोपहर को कोई थाली वगैरह बजाते हुए चलने दिया जाता था तब आपका भगवान कहाँ था ?
🔹 8. जिस पानी में कुत्ते बिल्ली मल मूत्र विसर्जित
करते रहते थे उसी पानी को आपको पीने नहीं दिया जाता था । तब आपका भगवान कहाँ था ?
🔹 9. जब आपकी बहू बेटियों को किसी जानवर
की तरह कोई भी ले जा सकता था तब आपका भगवान
कहाँ था ?
🔹 10. जब आपको सिर्फ काम कराने के लिए बंधुआ मजदूर की तरह प्रयोग किया जाता था तब आपका भगवान कहाँ था ?
🔹 11. जब आपको मंदिर में नहीं घुसने दिया जाता था तब आपका भगवान कहाँ था ?
🔹 12. जब आपको धर्म कर्म से वंचित रखा गया था तब आपका भगवान कहाँ था ?
🔹 13. जब आपके छूने से ही ये लोग अपवित्र हो जाते थे तब आपका भगवान कहाँ था ?
🔹 14. जब कोई तुम्हारी बीमारी का इलाज
तुम्हारी जाति की वजह से करने से इंकार कर देता था
और तुम इलाज के आभाव में तड़प तड़पकर दम तोड़ देते थे तब आपका भगवान कहाँ था ?
🔹 15. जब पानी के अभाव में तुम प्यासे ही तड़प
तड़पकर दम तोड़ देते थे तब तुम्हारा भगवान कहाँ था ?
💙 आज बाबासाहेब ही हम सभी बहुजनो के भगवान
है, क्योंकि उनके संविधान के कारण ही हम बहुजनो को मुक्ति और जीने का अधिकार मिला।
🔷 33 करोड़ देवी देवता = एक अकेले बाबासाहेब...
🌟 बाबासाहेब दुनिया के पहले इंसान है, जिनको इतना पूजा जाता है।

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