जातियां किसने बनायी थी ? जातियाँ क्यों बनायी थी ? आओ आज कुछ सवाल जवाब करें। Who created the castes? Why were castes created? Let's answer some questions today.
1--यदि आप सच्चाई को समझना जरूरी समझते हैं तो
सवाल - जवाब करना सीखो✍️
आओ आज कुछ सवाल जवाब करें।
1, जातियां किसने बनायी थी ?
जवाब:- ब्राह्मणों ने बनायी थी।
2, ब्राह्मणों ने जातियाँ क्यों बनायी थी ?
जवाब:- मूल निवासी समाज को अनेकों टुकड़ों में
बांटने के लिए ब्राह्मणों ने जातियाँ बनायी थी।
3, मूल निवासी समाज को कुल कितने टुकड़ों में बांटा
गया था ?
जवाब:- कुल 6743
जातियों में बांटा गया था।
4, ब्राह्मणों ने मूल निवासी समाज को 6743 जातियों में क्यों बांटा था ,?
जवाब:- क्योंकि विदेशी मूल के लोगों की
जनसंख्या मात्र 10 से 15
प्रतिशत थी जो कि मूल निवासियों से बहुत कम थी इसलिए मूलनिवासी समाज की ताकत को
कमजोर करने के लिए इस समाज को 6743 जातियों में बांटने का षड्यंत्र रचा
था।
5, जातियों का बंटवारा करते समय ब्राह्मणों ने किस
बात का विशेष ध्यान रखा था ?
जवाब:- किसी भी जाति की जनसंख्या ब्राह्मणों से
अधिक नहीं हो,
इस बात का विशेष ध्यान रखा गया था।
6, जातियों में ऊंच नीच की भावना क्यों पैदा की गई
थी ?
जवाब:- लोगों को मानसिक रूप से संतुष्ट करने के
लिए ऊंच नीच की भावना पैदा की गई थी कि उन्हें मन में यह सन्तुष्टि बनी रहे कि मैं
इससे तो ऊंचा हूँ।
7, ब्राह्मणों ने जातियों में छुआछूत क्यों पैदा
की थी ?
जवाब:- जिससे की एक जाति के लोग दूसरी जाति के
लोगों से दूरी बनाकर रखें और भविष्य में कभी भी एक साथ न बैठ सकें।
8, जाति व्यवस्था बरकरार रखने के लिए ब्राह्मणों
ने और क्या क्या साजिश रची थी ?
जवाब:- इसके लिए निम्नलिखित साजिश रची गई थी,
(क) अंतरजातीय विवाह पर प्रतिबंध लगाया गया था।
(ख) जाति आधारित कार्य निर्धारित किये गए थे।
(ग) वेशभूषा भी जाति आधारित निर्धारित की गई थी।
(घ) आभूषण भी जाति आधारित निर्धारित किये गए थे।
(ड़) स्नान घाट व मुर्दाघाट भी जातियों के अनुसार अलग अलग बांट
दिये गए थे।
(च) बाल विवाह प्रथा भी जाति व्यवस्था को बरकरार
रखने के लिए ही शुरू की थी।
(छ) विधवा विवाह पर पाबंदी भी जाति व्यवस्था को
कायम रखने के लिए ही लगाई थी।
(ज) शिक्षा ग्रहण करने पर पाबंदी भी जाति
व्यवस्था की सच्चाई का ज्ञान नहीं होने देने के लिए ही लगायी थी।
(झ) मनुस्मृति नामक ग्रन्थ की रचना भी
जातिव्यवस्था को कानूनन सही ठहराने के लिए ही की गई थी।
9, ब्राह्मणों की इस षड्यंत्रकारी रणनीति को समझने
के बाद बाबा साहेब अंबेडकर ने क्या किया था ?
जवाब:- जाति विहीन एवं वर्ग विहीन समाज की
स्थापना करने का बाबा साहेब अंबेडकर ने संकल्प किया था।
10, जाति विहीन एवं वर्ग विहीन समाज की स्थापना
करने के लिए बाबा साहेब ने क्या उपाय खोजा था ?
जवाब:- बाबा साहेब अंबेडकर ने इसके लिए एक ही
उपाय सोचा था कि हिन्दू धर्म छोड़कर बौद्ध धम्म स्वीकार करने के अलावा कोई दूसरा
चारा नहीं है।
बाबा साहेब अंबेडकर का कहना था कि जिस प्रकार
विभिन्न नदियों का जल महासागर में मिलने के बाद महासागर का ही जल कहलाता है
महासागर में मिलने के बाद कोई यह नहीं कह सकता है कि ये जल उस अमूक नदी का है इसी
प्रकार बौद्ध धम्म में शामिल हो जाने के बाद जातियों का अस्तित्व खत्म हो जाता है।
11, बौद्ध धम्म को मिटाने के लिए ब्राह्मणों ने
क्या क्या किया था ?
जवाब:- बौद्ध धम्म को खत्म करने के लिए
ब्राह्मणों ने निम्नलिखित अपराध किये थे।
(क) बौद्ध विश्वविद्यालयों जिनमें नालन्दा, विक्रमशिला एवं तक्षशिला नामक विश्वविख्यात
विश्वविद्यालय भी शामिल थे उन्हें बन्द किया गया, तोड़फोड़
की गई व आग लगाकर जला दिया गया था।
(ख) बौद्ध साहित्य को भी जलाकर नष्ट कर दिया गया
था।
(ग) उस वक्त उन विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर
बौद्ध भिक्षु हुआ करते थे इसलिए लाखों बौद्ध भिक्षुओं पर ईनाम रखा गया कि जो भी
व्यक्ति एक बोद्ध भिक्षु की गर्दन काटकर लाएगा उसे सोने की 100 मुद्रायें ईनाम में भेंट की जाएंगी।
(घ) लाखों निर्दोष बौद्ध भिक्षुओं को जिंदा जला
कर मार डाला गया था।
(ड़) लाखों बौद्ध विहारों को नष्ट कर दिया गया
तथा कुछ महत्वपूर्ण बौद्ध विहारों को मंदिरों में परिवर्तित कर दिया गया।
(च) बौद्ध भिक्षुओं के भगवा चीवर के रंग को
हिन्दू धर्म के साधुओं के वस्त्र का रंग घोषित कर दिया गया।
(छ) बौद्ध दर्शन एवं बौद्ध संस्कृति को जड़ से
खत्म करने का पूरा प्रयास किया गया।
(ज) बौद्ध उपासकों का लाखों की संख्या में कत्ले
आम किया गया एवं शेष बचे हुए लोगों को अछूत बना दिया गया।
(झ) बौद्ध धम्म के विरूद्ध नफरत फैलाने का
जबरदस्त अभियान चलाया गया।
यही कारण है कि आज भी ब्राह्मण समाज के लोग
हिन्दू मुस्लिम सिक्ख ईसाई का नाम तो लेते हैं लेकिन बौद्ध का गलती से भी नाम नहीं
लेते हैं एवं हिन्दू मुस्लिम सिक्ख ईसाई, जैन
पारसी सभी धर्मों के उत्सव का अवकाश घोषित किया जाता है लेकिन बुद्ध पूर्णिमा का
आज भी अवकाश नहीं किया जाता है।
इन सबके अलावा बौद्ध धम्म के साथ एक बहुत बड़ा
भेदभाव यह भी किया जा रहा है कि बाकी सभी धर्मों के धार्मिक स्थलों पर पूजा अर्चना
उन्हीं के धर्म के पूजारी, मौलवी, ग्रन्थी
अथवा पादरी के द्वारा की जाती है लेकिन बौद्धों के सबसे बड़े धार्मिक स्थल बौद्धगया
के महाबोद्धिविहार पर आज भी ब्राह्मणों का कब्जा बरकरार है वहाँ पर ब्राह्मणों
द्वारा पूजा पाठ भी किया जाता है और दान भी ले रहा है।
12, बौद्ध धम्म के साथ ब्राह्मणों ने इतना जबरदस्त
अन्याय क्यों किया ?
जवाब :- क्योंकि ब्राह्मणों को डर लगता था कि
यदि मूलनिवासी लोग स्वयं के मूल धम्म में जाने लगेंगे तो हिन्दू धर्म अल्पसंख्यक
बनकर रह जायेगा एवं फिर न ब्राह्मणों को दान मिलेगा, न
सम्मान मिलेगा,
न कोई ब्राह्मण को मतदान करेगा।
13, यदि ब्राह्मण को कोई दान नहीं करेगा तो फिर वह
अपना पेट कैसे भरेगा ?
जवाब:- ब्राह्मणों ने मूल निवासियों को अछूत
बनाकर जो गन्दे कार्य करवाये थे वही काम ब्राह्मण बड़ी खुशी से करेगा और अपना पेट
भरेगा ।
14, ब्राह्मण के मामले में सो बातों की एक बात क्या
हो सकती है ?
जवाब:- जिस प्रकार हिंदी फिल्मों में खलनायक
मरते दम तक भी हीरो को नुकसान पहुंचाता रहता है उसी प्रकार भारत के मूल निवासी
हीरों को ब्राह्मण अपनी साम दाम दण्ड भेद नीति से जबरदस्त नुकसान पहुंचाने का
प्रयास करेगा लेकिन अंत क्या होगा यह भविष्य तय करेगा।
Who created the castes? Why were castes created? Let's answer some questions today.सवाल जवाब का निष्कर्ष
बहुजन समाज के लोग जब तक जातियों में बने
रहेंगे तब तक ब्राह्मणों का कोई बाल भी बांका नहीं कर पायेगा और ब्राह्मण जमकर मौज
उड़ाएगा लेकिन जिस दिन बहुजन समाज के लोग जातियां तोड़कर बाहर आ जाएंगे उस दिन
ब्राह्मण समाज के लोग यूरेशिया की ओर वापिस लौटने के सपने लेने लग जाएंगे।
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