मध्य प्रदेश के परिदृश्य में जनजातियों के बारे में कितनी जातियां हैं
क्या आपको पता है अनुसूचित जनजाति मैं कितनी जाति को शामिल किया गया है यदि नहीं पता है तो इस लेखन को एक बार जरूर पढ़ें
भारत की जनसंख्या का कुछ भाग देश के सिर्फ जनसंख्या से आर्थिक समाजिक तथा शैक्षणिक दृष्टि से काफी पिछड़ा है इन के पिछड़ेपन के कारण ही इन्हें भारतीय संविधान की विशेष सूची में रखा गया है तथा इनको अनुसूचित जनजाति का नाम दिया गया है इसका कारण इन अनुसूचित जनजातियों को राष्ट्र की मुख्यधारा से जोड़ना था ताकि वे देश की जनसंख्या के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल सके तथा राष्ट्र की प्रगति में सहभागी बने अनुसूचित जनजातियों में आदिवासियों को सम्मिलित किया गया है तथा उनकी पहचान के लिए समय-समय पर महामहिम राष्ट्रपति जी द्वारा अधिसूचना जारी की जाती है अनुसूचित जाति का प्रतिशत 8.08 प्रदेशों की तुलना में अधिक संख्या में अनुसूचित जातियों23.70 है भारत सरकार द्वारा मध्यप्रदेश के लिए जारी की गई अनुसूचित जनजातियों को 46
समूहों के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है मूल जनजाति के साथ इनकी उपजाति या मूल जाति से उत्पन्न उपजाति जो वर्तमान सामाजिक व्यवस्था में स्वतंत्र अस्तित्व ले चुकी है इन्हें रखा गया है
उपजातियां शाखाएं है जो मध्य प्रदेश में अनुसूचित जनजातियों की विवरण को इस प्रकार दर्शाया गया है
मध्य प्रदेश अनुसूचित जनजातियां संशोधन
1976
1. अगरिया
2. आंधा
3. बैगा
4. मैंना
5. भरिया दुनिया भूमिया बिहार बिहार भूमिया भरिया परिया फरिहा पांडू
6. बत्रा बत्रा धारा भद्रा
7. भीड़ दिलाना बरेला पलिया भिलाला पतलिया
8. भील मिड़
9. भुजिया
10.
बिहआर
11.
बिजवार
12.
बिरहोर
13.
मणिया दामया
14.
धनवान धन्यवाद
15.
गधाबा गरबा
16.
गांव गॉड आरक्ष आग अगरिया अधूरा बड़ी मारिया बड़ा मारिया भटोला भीमा भूत कोई लघुता कोई अलग होती धार मारिया छोटा मारिया
17.
हलबा हलबी
18.
कमाल
19.
कारको
20.
कंवर शेरवा राखियां तवर छतरी
21.
खेलकी
22.
गोद खंडवा खेरवा गोदर
23.
खरिया
24.
कुंभखोल कांड
25.
कॉल
26.
कोल्लम
27.
कोरबा नागौर भंवरी
28.
कोरबा
29.
माझी
30.
मझवार
31.
मेल मेड
32.
मुंडा
33.
नगरिया नगेसिया
34.
उराम धानका धनगर
35.
पनिका छतरपुर दतिया पन्ना रीवा सतना शहडोल सीधी और टीकमगढ़ जिले में पाए जाते हैं
36.
पाव
37.
प्रधान पठारी
38.
रोटीति
39.
पारदी भोपाल रायसेन सीहोर जिले में
40.
पार्थी पहेलियां चिंता रंगोली परथी आवारगी शिकारी डाकन कर
41.
प्रजा
42.
सहरिया सहरिया सेहरिया सोफिया शोर
43.
सौदा
44.
सार
45.
सावर सर
46.
शुभर
मध्य प्रदेश विशाल राज्य है तथा
यहां जन जातियों का प्रतिशत भी अधिक है साथ ही जनजातियां प्राइस पूरे प्रदेश में फैली हुई है जनजातियों का प्रतिशत 80
से अधिक है
दोस्तों इस पोस्ट को लिखने का मतलब एक ही है जनजाति समाज में कितने जातियों को शामिल किया गया है यह सभी जनजाति समुदाय के लोगों को पता होना चाहिए क्योंकि राजनीति की दृष्टि से नौकरी पिज़्ज़ा की दृष्टि से यह सब आपस में बटे हुए हैं तथा इनमें एकता कायम नहीं हो पा रही है यही कारण है कि सत्ता में आज तक कोई भी अनुसूचित जनजाति समाज का व्यक्ति मुख्यमंत्री नहीं बन पाया क्योंकि इनमें आपस में ही धन मतभेद हैं एक दूसरे से लड़ते रहते हैं जाति को लेकर और यही कारण है इतनी बड़ी जनसंख्या होने के बाद भी कोई अच्छा स्थान इनको नहीं मिल पा रहा
मेरा आप सभी से निवेदन है कि इस पोस्ट को आगे जरूर पहुंचाएं ताकि यह समझ में आ सके कि अनुसूचित जनजाति में 46 प्रकार की लोग इसमें शामिल किया गया है और यही मिलजुल कर अपनी समाज संस्कृति को आगे बढ़ाने में सहयोग करें शासन प्रशासन से अपनी मांग पूरा करने में एक दूसरे का सहयोग करें जाति के आधार पर यह लोग आपस में लड़ते हैं जो इनका आर्थिक सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से नीचे होने का मुख्य कारण
मेरा आप सभी से निवेदन है कि इसे अनुसूचित जनजाति समुदाय की लोगों को कम से कम 5 लोगों
तक पहुंचाएं os आगे 5 लोगों तक पहुंचाएं इस प्रकार
संदेश पूरे देश में पहुंच सकती है हो सकता है कि समाज का कोई व्यक्ति इसे पढ़कर जागरूक बन सके
धन्यवाद


No comments:
Post a Comment
you have any dauts, Please info me know