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Friday, March 6, 2026

holi mahaparav 2026 होली कविता 2026 holi special song 2026

 


कविता 1

सुबह का सूरज उगना शुरू होता है,

आसमान में सुनहरी चमक,

सड़कें हंसी से जगमगा उठती हैं,

क्योंकि होली रोशनी का दिन लाती है।

बच्चे हाथों में रंग लेकर दौड़ते हैं,

पूरी ज़मीन पर खुशी बिखेरते हैं,

लाल और पीला, हरा और नीला,

हर रंग नया और ताज़ा लगता है।

कोरस

हवा में रंग बिखेरो,

हर जगह खुशी और हंसी,

दिल एक, रूहें आज़ाद,

पूरी तरह से तालमेल बिठाकर नाचते हुए।

ज़ोर से गाओ और ताली बजाओ,

दुनिया को होली का गीत सुनने दो,

प्यार और रंग दिन भर दें,

हमारे सारे डर धो दें।

 

कविता 2

चौक में ढोल बज रहे हैं,

हवा में संगीत तैर रहा है,

दोस्त और अजनबी साथ-साथ हैं,

ऐसी मुस्कान बांट रहे हैं जिसे वे छिपा नहीं सकते। चेहरे पाउडर वाले रंग से चमकते हैं,

आसमान में इंद्रधनुष की तरह चमकदार,

हाथ मस्ती में आगे बढ़ते हैं,

ब्रिज

बीती बातों को बस फीका पड़ने दो,

होली के दिन माफ़ करो और मुस्कुराओ,

हर रंग धीरे से कहता है,

प्यार अनगिनत तरीकों से चमक सकता है।

बैंगनी सपने और सुनहरी रोशनी,

नारंगी उम्मीद चमकती है,

हर छाया में एक कहानी रहती है,

हर दिल में त्योहार देता है।

 

कोरस

हवा में रंग बिखेरो,

हर जगह खुशी और हंसी,

दिल एक, आत्माएं आज़ाद,

पूरी तरह से तालमेल में नाचते हुए।

ज़ोर से गाओ और ताली बजाओ,

दुनिया को होली का गाना सुनने दो,

प्यार और रंग दिन भर दें,

हमारे सारे डर धो दें।

वर्स 3

धूप में पानी के छींटे,

खुशी भरी आवाज़ें, कभी न खत्म होने वाली मस्ती,

खुशी के गाने उठने लगते हैं,

खुले आसमान में गूंजते हुए। मीठी खुशियाँ और त्योहार की खुशियाँ,

परिवार दूर-दूर इकट्ठा होते हैं,

हर मुस्कान एक चमकती किरण,

इस खास दिन को रोशन करती है।

 

श्लोक 4

पुरानी परंपराएँ ज़िंदा हो जाती हैं,

युग-युग से चली आ रही कहानियाँ ज़िंदा रहती हैं,

कृष्ण की चंचल आत्मा चमकती है,

रंगों की उड़ान में नाचती है।

गाँव की सड़कें और शहर की गलियाँ,

संगीत, ढोल और धुनों से भरी होती हैं,

हर कदम एक मज़बूत लय,

हर दिल एक गीत बन जाता है।

ब्रिज

ढोल ज़ोर से और साफ़ बजने दें,

रंग हमें पास आने दें,

इस पल में हम सब देखते हैं,

सच्ची खुशी और प्यार क्या हो सकता है।

सभी मतभेद नज़रों से ओझल हो जाते हैं,

जब दुनिया चमकीली रंगी होती है,

हाथों में हाथ डालकर हम हँसते और खेलते हैं,

होली की तरह ज़िंदगी जीते हैं।

 

कोरस

हवा में रंग उछालो,

हर जगह खुशी और हँसी,

दिल एक, आत्माएँ आज़ाद,

पूरी तरह तालमेल में नाचते हुए। ज़ोर से गाओ और ताली बजाओ,

दुनिया को होली का गाना सुनने दो,

प्यार और रंग दिन भर दें,

हमारे सारे डर धो दें।

 

आखिरी कविता

जैसे-जैसे शाम का सूरज ढलता है,

हल्की और कोमल हवाएँ चलती हैं,

रंग ज़मीन पर टिक जाते हैं,

चारों ओर शांति छा जाती है।

लेकिन यादें चमकती रहती हैं,

जैसे रात में तारे चमकते हैं,

होली का जादू हमेशा रहेगा,

हर दिल में, हर गाने में।

 

आखिरी कोरस

अपने हाथ उठाओ और एक बार फिर गाओ,

खुशियों के रंगों को उड़ने दो,

इस ज़िंदगी का जश्न मनाओ जिसे हम शेयर करते हैं,

हर जगह दया की चमक के साथ।

भले ही रंग फीके पड़ जाएं,

प्यार हमेशा रहना पसंद करेगा,

होली की भावना ज़ोरदार और मज़बूत,

हमेशा हर गाने में रहती है।

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