अगर आप SC/ST/OBC समुदाय के हैं और अपने बच्चों से प्यार करते हैं तथा उनके भविष्य के लिए सोचते हैं तो कृपया समय निकाल कर इस पोस्ट को अंत तक पढ़ें। आपको सोचने के लिए जरूर वाध्य कर देगा।
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ऐसे तो आप बहुत सारा चीज पढ़ते हैं परन्तु अपना सच्चा इतिहास नहीं जानते क्योंकि 1947 के बाद से पठ्य पुस्तक में जो इतिहास शामिल किया गया है वह सम्पूर्ण सच्चा इतिहास नहीं है। इसमें ब्राह्मण इतिहासकारों ने असलियत को छिपाया और बहुतों को लिखा ही नहीं। जबतक हमारे मूलनिवासी समाज अपना इतिहास को पढेगा नहीं जानेगा नहीं तो वह अपना विकास नहीं कर सकता, अपना पहचान नहीं कर सकता। हमारा सच्चा इतिहास हमरे मूलनिवासी महापुरूषों द्वारा लिखी गयी किताबों से ही मिल सकती है। "महात्मा ज्योतिबा फुले, पेरियार रामास्वामी, पेरियार ललई सिंह यादब, डॉ. भीमराव अम्बेड़कर " ये हमारे मूलनिवासी सामाजिक क्रांति के अग्रदूत नायक, लेखक तथा महापुरूष हैं। मवनुवादी सरकार द्वारा मीडिया के माध्यम से दिखाया जा रहा सपना ढकोसला है, हाथी के दो दँत जैसे, कहना कुछ और करना कुछ। अतः समय रहते सावधान होने की जरूरत है अन्यथा चारा के आस में मछली जैसा न फँस जाएँ।
मोदीराज में नये तिकड़मो से सावधान ये लोग सबसे पहले समस्या को हल्के से उछालते है, फिर एक लाख It Cell से उसके खिलाफ माहोल बनाते, फिर अन्त में वार कर उस मुद्दे को अपने पक्ष में भुना लेते है, जैसे तीन तलाक हो या राष्टवाद कि आड़ में चुनाव जीतना हो,अब नये मुद्दें उछाले जायेगे जैसे सरकारी कर्मचारी मुफ्त का खाते है, कामचोरी करते है असल में उन्हे सरकारी क्षेत्र खत्म करना है, ना रहेगा सरकारी क्षेत्र न SC ST OBC को नौकरी मिलेगी, अगला सगुफा होगा इनका जनसंख्या नियन्त्रण इस बहाने ये मुसलमानों व दलितों को वोट देने के अधिकार से वंचित करना चाहते है अगर दलित व मुसलमान वोट नहीं देगे तो सरकार सवर्णों की बनेगी आने वाले समय में बडे हमले SBI, BSNL,
Education, Hospital, Airport, Railway पर होगे और इसका एक ही लक्ष्य होगा - सरकारी क्षेत्र खत्म तो आरक्षण खत्म गोडसे को महिमामन्डित किया जायेगा हिन्दुराष्ट्रवाद को और मजबुत किया जायेगा। अगर हम दम लगाकर न लडे़ तो गुलामी निश्चित है।
अत: ऐसे समय में हमें क्या करना चाहिए----
1. SC ST OBC के जितने भी students है उन्हें सिर्फ एक बात पर फोकस करना चाहिए और वो है education "बाबा साहेब ने कहा था उच्च व अंग्रैजी शिक्षा शेरनी का दुध है जो पियेगा वो दहाड़ेगा" , सभी विद्यार्थी जम कर पढ़ें, Inteligent students वकालत करके हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में बहुजनों के अधिकारों के लिए लड़ें याद रखों कि IAS बनने से ज्यादा आसान है जज बनना कितने RJS है आज कि तारीख में हमारे SC ST के, Oxford और केम्ब्रिज मे पढ़ने के सपने पालें डॉक्टर और इन्जिनियर बनकर तो प्रताड़ित ही होगे ।
2 . विद्यार्थी व नौकरीशुदा रोजाना एक घन्टे तक अंग्रेजी सीखने कि कोशिश करें सन् 2035 के बाद व्यक्ति गुंगे बहरे के समान होगा जो अंग्रैजी नहीं जानता होगा, अंग्रैजी जानने से आप दुनिया से
international level पर जुड़ते है बीच में बाह्मण और उसके बनाये नियम कायदो कि जरूरत नही पड़ती ।
3. विद्यार्थी हर तरह से अपने आप को लड़ने योग्य बनाये मानसिक, शारिरीक, वैचारिक हर रूप से बल होगा तो ही अपने दुश्मनों से लड़ पाओगे और अभी तक दुश्मन कि पहचान नहीं है तो जीना बेकार है, रोजाना एक घन्टे व्यायाम से शरीर को मजबुती प्रदान करे। सभी संगठनों से गुजारिश है कि बच्चों को समय समय पर सेल्फ डिफेन्स, लाठी चलाना, कुश्ती, जैसे दावपेंच से शारिरीक मजबूती प्रदान करे बोलने के लिए बच्चों को मंच प्रदान करे ताकि उनकी हिचकिचाहट दुर हो ।
4.खुद को वैचारिक रूप से मजबुत बनाने के लिए अपना इतिहास पढे़ इतिहास वो अधुरा है जो हम विद्यालय और कॉलेजों में पढ़ते है, इतिहास वह है जो बाबा साहैब ने लिखा आज भी वही सच है अगर विश्वास न हो तो किसी कोलोनी में ऊँची जात वालो से किराये के मकान लेने की कोशिश करो
पता चल जायेगा। इसलिए जब भी समय मिले तब बाबा साहेब के विचारों को पढो इतना मजबुत बन जाओगे कि तुम्हे और किसी पथप्रदर्शक कि जरूरत नहीं पडेगी ।
5. बहुजनों के students का मुख्य लक्ष्य है सिर्फ और सिर्फ पढ़ाई
इसलिए ज्यादा महत्वपुर्ण पढ़ाई को माने बाकी सब बाद में ,अपने महापुरुषों के इतिहास को जरूर पढ़ें ।।
6. नौकरीशुदा लोगों से गुजारिश नहीं है, अपितु कहूँगा कि चेतावनी है कि अगर आपको अपनी आने वाली पीढ़ी बचानी है तो बाबा साहेब को सच्चे दिल से आत्मसात करो दिखावे मात्र के लिए नहीं, अपनी आय का 4-5 % बाबा साहेब के मिशन पर खर्च करो नही तो कल को बच्चों को पढाकर inteligent
तो बना दोगे परन्तु नौकरी कहां से लाओगे नौकरी बिना डिग्री अपने आगे या पीछे चिपका कर चलना पर वह कोई काम की नहीं होगी
अपने बच्चों का भविष्य चाहते हो तो उन्है बाबा साहेब कि लिखी दो तीन किताबें पढ़वा दो बाकी सब बच्चा खुद देख लेगा।
7. खासकर महिलाओं के लिए कहना चाहूँगा क्योंकि ये ही रीति रिवाजों से सबसे ज्यादा बंधी रहती है, अगर माताओं को अपने बच्चों से प्यार है तो तीज दिये पार और ढ़कोसले वाले सारे रीति रीवाज छोड़ दो और बाबा साहेब के बताये रास्ते पर चलो दुश्मन कि सांस्कृतिक हत्या कर दो सब कुछ ठीक हो जायेगा।
8. SC ST के लोग बिजनेस में हाथ आजमाने कि कोशिश करें
बहुत बड़ा बाजार है कुछ हुनर हासिल कर आर्थिक मजबुती प्राप्त करे हार नहीं माने बाजार में टिके रहने कि कोशिश करे काम मांगने वाले नहीं काम देने वाले बने।
9. बुजुर्गों से निवेदन है कि दहेज प्रथा, मृत्युभोज,बाल विवाह, अपनी ही जाति में शादी जैसी कुरितियों से समाज को मुक्त करने के लिए कार्य करे आपको आने वाली पीढ़ीयों से प्यार है तो ये सब करना होगा (SC/ST की जातियां आपस में शादियां कर जातिवाद को बहुत हद तक समाप्त कर सकती है)।
RSS कि स्थापना सन् 1925 में हुई थी जब बाबा साहब भीमराव राव अम्बेडकर और महात्मा गांधी ने समाज में काम करना शुरू किया, सवर्णों को उसी समय लग गया था कि आने वाले समय में सत्ता उनके हाथ खिसकती जायेगी तब से ही (1925)से उन्होने काम शुरू कर दिया था बाबा साहेब के विचारों को खत्म करने का और लगभग 100 साल का लक्ष्य लेकर चले थे वो 2025 तक सब तहसनहस कर देगे क्युँकि हमारे बाप दादाओं ने इस पर कोई काम नहीं किया बस बाह्मणों के जाल में फँसे रहे अगर अब भी बाह्मणों के चंगुल में फँसे रहें तो गुलामी मुबारक आपको।
विजय प्राप्त करनी है तो उनके तीज त्योहार मनाना बंद कर दो वो आपकी गुलामी करने को तैयार न हो जाए तो कहना धर्म से चाहे तुम कुछ भी रहो पर दिल से तुम बुद्ध व उनकी विचारधारा अपना लो तो आनेवाली पीढीयां राज करेगी।
आप ने इसे पढ़ने के लिए समय दिया उसका बहुत बहुत धन्यवाद । अब एक एहसान और करदो इस संदेश को अन्य 10-20 साथियों में और भेज दो। बस यही तरीका है अपने साथियों को जागरूक करने का ।
A P I JHARKHAND
🙏 नमो बुद्धा-जय भीम-जय भारत🙏
जय मूलनिवासी
यक़ीन करना सीखें..
शक तो सारी दुनिया
करती है...!
माना कि आप
किसी का भाग्य नहीं
बदल सकते
लेकिन अच्छी प्रेरणा
देकर किसी का मार्ग
दर्शन तो कर सकते हैं
बिना फल वाले सूखे पेड़ पर कभी कोई पत्थर नहीं फैंकता। पत्थर तो लोग उसी पेड़ पर मारते हैं जो फलों से लदा होता है
शख़्सियत अच्छी होगी तभी लोग उस में बुराइयाँ खोजेंगे, वरना बुरे की तरफ़ देखता ही कौन है,
: इंसान का स्वभाव इस तरह है...
जो लेकर जाना है..उसे छोड़ रहा है...
जो यहीं रह जाना है... उसे जोड़ रहा है ....
🌷सुप्रभात

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