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Saturday, September 28, 2019

आनेवाला सितम्बर महीना याने अपने जीवनमे दुबारा न। आनेवाला साल है।


आनेवाला सितम्बर महीना याने अपने जीवनमे दुबारा न।    आनेवाला साल है। क्योंकि इस सितंबर वर्ष में चार रविवार चार सोमवार चार मंगलवार चार बुधवार चार गुरुवार चार शुक्रवार और चार शनिवार हैं। यह वर्ष हमेशा 823 सालके बाद एकही बार आता हैं। इस साल में आनेवाले सितंबर माह को धन वर्षा की तिजोरी कहा जाता हैं।आपको निवेदन किया जाता हैं की यह संदेश कमसेकम 5 लोंगो तक या पांच ग्रुप तक जरूर भेजिएगा।और फिर चार दिनके। अंदर देखो तुम्हारे फसे हुए पैसे तुम्हे वापस मिल जाएंगे ।चायनीज फेंगशुई के ऊपर आधारित है।इसे पढनेके बाद 11 मिनिट के अंदर भेजिएगा।धन्यवाद।

जय सेवा जय आदिवासी जय मूलनिवासी 🏹

समस्त मूलनिवासी समाज से विनम्र निवेदन
(समझो जानो जागरूक बनो)

Not  :-  क्या गणेश चतुर्थी दुर्गा पूजा आदिवासी कोया सगा जन को मानना चाहिए या नहीं !


                समस्त मूल निवासी सगा जनों से अपील है की दुर्गा पूजा गणेश चतुर्थी जैसे अन्य जो त्यौहार है यह त्यौहार हिंदू वाद को प्रेरित करता है इसलिए समस्त कोया पुनेम लोग यह हिंदू वादी त्यौहारों को बहिष्कार करते हुए ना मानने की घोर निंदा की है समस्त गोंडवाना भूभाग अर्थात विश्व  में निर्जीव वस्तुओं अर्थात निर्जीव मिट्टी से बने निर्मित मूर्तियों की बहिष्कार करते हुए अर्थात ना मानने की अपील है क्या सभी मूलनिवासी तैयार है
पूजा करना है तो जल जंगल जमीन हवा पानी आग जो नेचुरल हमारे लिए भगवान है इन्हें माने ना कि वह अंधविश्वास को प्रेरित करें अब हमें किसी के धर्म के अनुसार गुलामी करने की जरूरत नहीं है सगा जन हम स्वयं उन्हें बढ़ावा देते हैं पूजा पाठ के जरिए हम उनको रोजगार स्वयं देते हैं अपील है आदिवासी सगा कोया समाज  किसी का गुलामी करने की जरूरत ना करें!

                🏹 Ek teer ek kaman aadivasi ek saman🏹
       
     निवेदक
GSU (गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन इंडिया )
जिला छिंदवाड़ा

आज एक ऐसी जानकारी मिली, जो अकल्पनीय है, पर ये सच है ...

पिछले कई दशकों से ग्राम - चारपारा (जिला -जांजगीर) में नियमित रूप से प्रतिवर्ष लगभग 45 - 50 नग गणेश मूर्ति की स्थापना की जाती थी। पर इस वर्ष जाने कैसा क्रांतिकारी परिवर्तन आया कि उस गांव के लोगों में जागरूकता के कारण एक भी मूर्ति की स्थापना नही की गई है। आप इस बात को पता भी कर सकते हैं। और गांव वालों ने ये भी संकल्प लिया है कि, आने वाले समय मे पूरे गांव में एक भी दुर्गा नाम की मूर्ति स्थापित नही की जाएगी।

वह गजब हो गया। सामाजिक चेतना को नमन।
अयोध्या मामले की #सुनवाई में कुछ प्रश्न पूछे गए #जिसका जवाब #सरकार के #वकील के पास, नही था।
इसलिए अयोध्या मसले पर सुनवाई और निर्णय नही हो पा रहा है, सवाल ये है?
सिद्ध करो राम थे... ...........या स्वीकार करो कि रामायण काल्पनिक ग्रंथ है.....
(1). एक समय पर दो तरह के इंसान कैसे हो सकते हैं?
एक पूंछ वाला और एक बिना पूंछ वाला...
दोनों मनुष्य की तरह बोलते हैं दोनों के पिता राजा हैं क्या ऐसा संभव है??
(2). मेंढक से मंदोदरी कैसे बन सकती हैं/ पैदा हो सकती है??
(3). लंगोटी का दाग छुड़ाने से अंगद कैसे पैदा हो सकता है??
पक्षी मनुष्य की तरह कैसे काम कर सकता है जैसे गिद्धराज??
(4). किसी मनुष्य के 10 सिर हो ही नहीं सकते इतिहास या पुरातत्व द्वारा आज तक ये सिद्ध नहीं हो पाया कि किसी इंसान के 10 सिर 20 भुजाओं वाला कोई मनुष्य नहीं है.......
(5). जिस लंका की आप बात कर रहे हो,उसका नाम भी 1972 में लंका पड़ा। इसके पहले सिलोन सीलोन से पहले सिहाली इत्यादि नाम थे तो असली लंका कहा है???
(6). घड़े से लड़की कैसे पैदा हो सकती है?
एक माह में मकरध्वज कैसे पैदा हुए?
मछली से कोई मनुष्य कैसे पैदा हो सकता है??
एक माह में मकरध्वज पातालपुरी में नौकरी करने लगे क्या ये संभव है?? अगर संभव है तो साबित करो...
(7). 5000 साल पुरानी द्रविड़ भाषा को कोई पढ़ नहीं सकता
तो 70000 साल पहले अंगद किस भाषा शैली क्या थी??
(8). सम्राट अशोक के काल में अयोध्या का नाम साकेत था तो
अयोध्या के बाद साकेत और साकेत के बाद अयोध्या नाम कैसे पड़ा??
पुरातत्व विभाग की तरफ से एक भी प्रमाण हो तो बताओ कि राम राज्य था??
(9). सात घोड़ों से सूर्य कैसे चल रहा है?? आपकी पुस्तकें कह रही हैं जबकि विज्ञान कह रहा है कि सूर्य चलता ही नहीं है.....
जब राम का राज्याभिषेक हो रहा था तब सूर्य एक महीने के लिए रुक गया था, आपकी किताबों में लिखा है।
जबकि सूर्य चलता ही नहीं है अगर सूर्य चलता है तो सिद्ध करो /साबित करो....
(10). सूर्य खाने गए हनुमान की स्पीड और कद क्या था??
जो हनुमान सूर्य की आग से नही जल सकता, वह पुंछ में लगी आग से कैसे जल सकता है??
(11). बालमीक रामायण कहती है चैत अमावस्या को रावण का वध होता है
तुलसीकृत रामायण कहती है कुमार दशहरा को रावण का वध होता है तो सच क्या है??
(12). सोने की खोज हुए 4000 साल हुए हैं तो 70000 साल पहले सोने की लंका कहां से आई थी??
सोने का गलनांक 3000 से अधिक होता है, तो बताओ पुंछ की आग से इतना तापमान कैसे बढ सकता है??
सोने का महल था या सोने की लंका?
6000 साल पूर्व सभी चमड़े का परिधान पहनते थे
तो 70000 साल पूर्व कपड़े राम कहां से पहनते थे??
(13). जब ब्रह्मा के मुख से ब्राह्मण पैदा हुआ तो भारत में ही क्यों पैदा हुआ?? जबकि ब्रह्मा ने ब्रह्मांड रचाया तो चीन अमेरिका थाईलैंड जापान दक्षिण कोरिया वगैरह वगैरह दुनिया के बाकी देशों में ब्राह्मणों क्यो पैदा नहीं हुआ या होता ??
आज भी बामण किसी के मुख से पैदा होते है या जननांग से।
(14). वह कोनसा सॉफ्टवेयर था जिसे पता चल जाता था कि लक्ष्मण रेखा को सीता पार करे तो कुछ नही हुआ परन्तु रावण पार कर तो जल उठे???
(15). जिस धनुष को रावण उठा नही सका, उसी धनुष को उठाने वाली सीता को रावण कैसे उठा सकता है??ऐसे सवाल अयोध्या सुनवाई में  सुप्रीम कोर्ट में पूछे गए जिसका जवाब सरकार और आर्कियोलॉजी डिपार्टमेंट नही दे पाया।
सवाल और भी बहुत है....


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