विधि
का विधान और व्यवस्था का पूरा होना
यह
ना समझो कि मैं व्यवस्था या नदियों की पुस्तकों को नष्ट करने आया हूं नष्ट करने नहीं
परंतु पूर्ण करने परक्योंकि मैं तुमसे गलत कहता हूं कि जब तक आकाश और पृथ्वी तल ना
जाए व्यवस्था में से एक मात्र या बिंदु भी जब तक ही सब कुछ पूरा ना हो जाए नहीं डालेगा
इसलिए जो भी इन छोटी से छोटी आज्ञाओं को तोड़ेगा और ऐसी ही शिक्षा दूसरों को देगा वह
परमेश्वर के राज्य में छोटे से छोटा कहलाएगा परंतु जो उनका पालन करेगा और दूसरों को
भी सिखाएगा वह परमेश्वर के राज्य में महान कहलाएगा क्योंकि मैं तुमसे सच कहता हूं कि
जब तक तुम्हारी धार्मिकता शास्त्रियों और हरी सिंह की धार्मिकता से बढ़कर ना होतो तुम
परमेश्वर के राज्य में कभी प्रवेश न पाओगे
नमक
और प्रकाशका विधि का विधान
तुम
पृथ्वी के नमक हो पर यदि नमक अपना स्वाद हो बैठे तो वह फिर किस नमकीन किया जाएगा वह
किसी काम का नहीं रह जाता केवल इसके कि बाहर फेंका जाए और मनुष्यों के पैरों तले रौंदा
जाए तुम जगत की ज्योति हो पर्वत पर बसा हुआ नगर छुप नहीं सकता लोग दीपक को जलाकर टोकरी
के नीचे नहीं परंतु देवत पर रखते हैं और वह घर की सब लोगों को प्रकाश देता है तुम्हारा
प्रकाश मनुष्यों के सम्मुख इस प्रकार चमके कि वह तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे
पिता की जो स्वर्ग में हैऔर पृथ्वी में है उसकी महिमा करें
हत्या
व्यभिचार तलाक
तुम
सुन चुके हो कि पूर्वजों से कहा गया था हत्या न करना और जो हत्या करेगा वह न्यायालय
में दंड के योग ठहरेगा पर मैं तुमसे कहता हूं कि हर एक जो अपने भाई पर क्रोधित होगा
वह न्यायालय में दंड के योग ठहरेगा और जो कोई अपने भाई को निकम्मा रहेगा वह सर्वोच्च
न्यायालय में दोषी ठहरेगा और जो कोई कहेगा अरे मूर्ख वह नरक की आज की दंड की योग होगा
इसलिए यदि तू अपनी भेंट भेदी पर लगाए और वहां तुझे स्मरण आए कि मेरे भाई को मुझे कोई
शिकायत है तो अपनी भेंट वृद्धि के सामने छोड़ दे और जाकर पहले अपने भाई से मिल कर ले
और तब जाकर अपनी भेंट चढ़ा जबकि तू अपने वादी के साथ मार्ग पर ही है तो उसे शीघ्र मित्रता
कर ले कहीं ऐसा ना हो की वादी तुझे न्यायाधीश को सौंप दें और न्यायाधीश तुझे अधिकारी
को और गुरु वंदीकरण में डाल दिया जाए मैं तुझे सच कहता हूं जब तक तू पैसा पैसा चुकाना
देगा तब तक वहां से छूटने ना पायेगा
व्यभिचार न करना
तुम
सुन चुके हो कि कहा गया था परंतु मैं तुमसे सच कहता हूं कि जो कोई किसी स्त्री को कामुकता
से देखें वह अपने मन में उसे वह विचार कर चुका यदि तेरी दाहिनी आंख तुझे पाप करवाए
तो उसे निकाल कर दूर फेंक दे क्योंकि तेरे लिए यपरंतु मैं तुमसे कहता हूं कि प्रत्येक
जो व्यभिचार को छोड़ अन्य किसी कारण से अपनी पत्नी को तलाक देता है तो वह उसे वह विचार
करवाता है और जो कोई किसी तलाक दी हुई सी विवाह करता है वहविचार करता है ही उत्तम
है कि तेरे अंगों में से एक नाश हो इसकी आदेश था कि मेरा सारा शरीर नर्क में डाला जाए
यदि तेरा दाहिना हाथ तुझे पाप करवाए तो उसे काट कर दूर फेंक दे क्योंकि तेरे लिए यही
उत्तम है कि तेरा एक अंग नाश हो जाए अपेक्षा इसके की तेरी सारा शरीर नर्क में डाला
जाए यह कहा गया था
जो
कोई अपनी पत्नी को तलाक देना चाहिए वह उसे त्यागपत्र दे
जो
कोई अपनी पत्नी को तलाक देना चाहे वह उसे त्यागपत्र दे परंतु मैं तुमसे कहता हूं कि
प्रत्येक जो वह विचार को छोड़ अन्य किसी कारण से अपनी पत्नी को तलाक देता है तो वह
उसे वह विचार करवाता है और जो कोई किसी तलाक दी हुई से विवाह करता है तो वह भी वह विचार
करता है
शपथ
/बदला /शत्रुओं से प्रेम
फिर
तुम सुन चुके हो कि पूर्वजों से कहा गया था तुम झूठी शपथ ना खाना पर प्रभु के लिए अपनी
शपथें पूरी करना परंतु मैं तुमसे कहता हूं कि कभी शपथ ना खाना ना तो स्वर्ग की क्योंकि
वह परमेश्वर का सिकांशन है ना ही धरती की क्योंकि वह उसके चरणों की चौकी है ना ही जेरूसलम
की क्योंकि यह महाराजाधिराज का नगर है अपने सिर की भी शपथ ना खाना क्योंकि तू अपने
एक बाल को भी सफेद या कल नहीं कर सकता परंतु तुम्हारी बात हां की हां अथवा ना कि नहीं
हो क्योंकि जो कुछ इसे अधिक होता है शैतान की ओर से होता है
कभी
बदला नहीं लेना परमेश्वर उससे बदला लेगा
तुमने
सुना है कि कहा गया था आंख के बदले आंख और दांत के बदले दांत परंतु मैं तुमसे कहता
हूं कि बुरे का सामना न करना वर्ण जो तेरे दाहिने गाल पर थप्पड़ मारे उसकी और दूसरा
भी फेर दे और यदि कोई तुझ पर नालिश करें तेरा कुर्ता लेना चाहे तो उसे वोट भी ले लेने
दे और यदि कोई तुझे बगैर बगैर में एक किलोमीटर ले जाए तो उसके साथ 2 किलोमीटर चला जा
जो तुझे मांगे उसे दे और जो तुझसे उधार लेना चाहे उसे मुंह ना मोड
तुम
सुन चुके हो कि कहां गया थातू अपने पड़ोसी से प्रेम करना और शत्रु से पर परंतु में
तुमसे कहता हूं अपने शत्रुओं से प्रेम करो और जो तुम्हें सताते हैं उनके लिए प्रार्थना
करो जिससे कि तुम अपने स्वर्ग के पिता की संतान बन सकूं क्योंकि वह अपना सूर्य भरो
और गुरु दोनों पर उदय करता है और धर्मियों तथा अधर्मियों दोनों पर मेघ बरसता है क्योंकि
यदि तुम उनसे प्रेम रखते हो जो तुमसे प्रेम रखते हैं तो तुम्हें क्या प्रतिफल मिलेगा
क्या मंसूर लेने वालेभी ऐसा गीत यदि तुम केवल अपने भाइयों को ही नमस्कार करते हो तो
कौन सा बड़ा कार्य करते हो क्योंकि गैर यहूदी भी ऐसा ही नहीं करते अतः तुम सिद्ध बानो
जैसा कि तुम्हारा स्वर्गीय पिता सिद्ध है
एक
हाथ से ऐसा दान करो दूसरे हाथ में पता ना चले
सावधान
तुम अपनी धार्मिकता की कार्य मनुष्यों को दिखाने के लिए ना करो अपने स्वर्ग किताब से
कोई भी प्रतिफल प्राप्त ना करोगे इसलिए जब तू दान करें तो अपने आगे तुम्हारीमत बजवा
जैसे पाखंडी लोग सभाओं और गलियों में करते हैं कि लोग उनका सम्मान करें मैं तुमसे सच-सच
कहता हूं कि वह अपना प्रतिफल पूर्ण रूप से भाग चुके हैं परंतु जब तूदान करें तो तेरा
बाया हाथ जाने ना पाए कि तेरा दाहिना हाथ क्या कर रहा है जिसे तेरा दान गुप्त रहे और
तेरा पिता जो गुप्त में देखा है तुझे प्रतिफल देगा उसको

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