पवित्र बाइबल holy bible
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विषय- नूह की वंशावली
नूह के पुत्र से हाफ और यह पेट थे उनके पुत्र जल प्रलय की
पश्चात उत्पन्न हुए उनकी वंशावली ही है
यह पेट के पुत्र गोरबगॉग
संवाद है यवनतू बोलबेसिक और तिस
हुए कुबेर के पुत्र अशक डाक
हरिपाठ औरतू गरबा हुए और यवाद
के वश में अलीशा और तरसिस और किटी औरदो
दाढ़ी लोग हुए उनके वर्ष और जातियों के दीपों के देशों में ऐसेबट गई कि वह विडमेट
भाषण कोन और जातियों के अनुसार अलग-अलग हो गए
हम के पुत्र कोष
मिश्भूत और कनर हुए और कुश के पुत्र सभा
हबला सप्ताह राव और सबूत का हुए और राम के पुत्र
सभा और ददन हुए कुश के वश में दी विरोध भी हुआ पृथ्वी पर पहले वीर वही हुआ है
वह यहोवा की दृष्टि में प्राकृतिक शिकार खेलने वाला ठहरा इससे
यह कहावत चली है निमृत के समान यहोवा
की दृष्टि में प्रकृति शिकार खेलने वाला उसके राज्य का आरंभ सिदार देश में बेबीलोन
एक आखात और कल से हुआ उसे देश से वह निकाल कर असुर को गया और
डिडवे रहो तीर और कलाहा को और रेड में और कला के बीच जो रिसेट
है उसे भी बसाया बड़ा नगर यही है मिश्रके वश में लोधी आडवीला बीनाथू
ही और पऋषि कालू ही और कस्तूरी लोग हुए
कालू हीरो पैसे तोपलिस्ती लोग निकले कनाडा
के वश में उसका जेष्ठ पुत्र सिदोतब हिटया बसी अघोरी गिरगासी
हैवी अर्की सीडी एरवादी सवारी और हटी
लोग भी हुए फिर करारियों के कल भी फैल गए और खिलाड़ियों की सीमा से लेकर गार्डर के
वर्ग से होकर आज तक और फिर सदैव और अबूरा
और अथवा और सब युग के गर्व से होकर लास तक हुआ हद के वश में यही हुए और यह विडमेट
खोलो भाषण देश और जातियों के अनुसार अलग-अलग हो गए
सेम
जो सब का मूल पुरुष हुआ
सेम जो सब आवारेडियो का मूल पुरुष हुआ और जो यह वेद का जस्ट
भाई था उसके भी पुत्र उत्पन्न हुए सब के पुत्र अलार्म असुर आरपी दक्ष लढ और आरंभ
हुए अरब के पुत्र उसे फुल गीत और बस हुए और अब छठ दे सलाह को और सलाह दे भीर को
जन्म दिया और अबीर के दो पुत्र उत्पन्न हुए एक कला पहले
इस कारण रखा गया कि उसके दोनों में पृथ्वी बट गई और उसके भाई का नाम योगदान था और
योगदान देअमुंदड़ सेलपी हसर बीट यहरहे या दूर्वाउजल दिखला वह अभिवाल
सभा को फिर हबला और यह आप को जन्म दिया यही
सब योगदान के पुत्र हुए उनके रहने का स्थान वैसा से लेकर सपर जो पूर्व में एक
पहाड़ है उसके वर्ग तक हुआ शिव के पुत्र यही हुए और यह भिंड कुल्लू भाषण देश और
जातियों के अनुसार अलग-अलग हो गएडूब के
पुत्रों के घर आने यही है और उनकी जातियों के अनुसार उनकी वंशावलिया यह ही है और
जल प्रलय की पश्चात पृथ्वी भर की जातियां इन्हें वैसे होकर बट गई
मनुष्य
की भाषा में गड़बड़ी पड़ने का वर्णन
सारी पृथ्वी पर एक ही भाषा और एक ही बोली थी उसे समय लोग
पूर्व की ओर चलते-चलते सिदार देश में एक मैदान प्रकार उसमें
बस गए तब वह आपस में कहने लगे आओ हम एट बना-बड़ा की भली भांति आग में पकाएं और
उन्होंने पत्थर के स्थान पर ईंट से और चूने के स्थान पर मिट्टी के गैर सेकाम लिया
फिर उन्होंने कहा आओ हम एक डागर और एक गुप्त बना ली जिसकी छोटी आकाश से बातें करें
इस प्रकार से हब अपना नाम करें ऐसा ना हो
कि हब को सारी पृथ्वी पर फैलने पड़े जब लोग नगर और गुंबद बनाने लगे तब उन्हें
देखने के लिए यहोवा उत्तर आया और यहोवा ने कहा मैं क्या देखता हूं कि सब एक ही डाल
के है और भाषा भी उन सब की एक ही है और उन्होंने ऐसा ही काम भी आरंभ किया और अब जो
कुछ हुए करने का यात्रा करेंगे उसमें
से कुछ भी उनके लिए हर होना ना होगा इसलिए आओ अब उतार के उड़ की भाषा में गड़बड़ी
डालें कि वह एक दूसरे की बोली को ला समझ सके इस प्रकार यहोवा ने उनको वहां से सारी
पृथ्वी के ऊपर फैला दिया और उन्होंने उसे नगर का बनाना
छोड़ दिया इस कारण उसे डागर का नाम बेबीलॉर पड़ा क्योंकि सारी पृथ्वी की भाषा में
जो गड़बड़ी है वह यह वही डाली और वहीं से यह वाले बड़े शिव को सारी पृथ्वी के ऊपर
फैला दिया
सेम की वंशावली
सेम
की वंशावली यह है जब जल प्रलय की 2 वर्ष पश्चात जब सब 100
वर्ष का हुआ तब उससे अब छड़ का जल हुआ और अर्थशाद की जड़ों के पश्चात सब 500
वर्ष जीवित रहा और उसके और भी बेटे उत्पन्न हुई
जब अर्थशाद 35 वर्ष का हुआ तब उसे सलाह का जन्म हुआ और से लेकर जन्म की
पश्चात अर्थ 403
वर्ष और जीवित रहा और उसके और भी बेटी बेटियां उत्पन्न हुईजब सलाह 30
वर्ष का हुआ तब उसके द्वारा आवर का जन्म हुआ और भीर की जन्म की पश्चात सेल है 403
वर्ष और जीवित रहा और उसकेऔर भी बेटी बेटियां उत्पन्न हुई
जब अब 34 वर्ष का हुआ तब उसके द्वारा प्लग का जन्म हुआ और पहले के
जन्म की पश्चात भीर 430
वर्ष और जीवित रहा और उसके और भी बेटी बेटियां उत्पन्न हुई
जब पहले 30 वर्ष का हुआ तब उसके द्वारा र का जन्म हुआ और रूह की जन्म के
पश्चात पहले 200
नव वर्ष और जीवित रहा और उसके और भी बेटी बेटियां उत्पन्न हुई जब रूह 32
वर्ष का हुआ तब उसके द्वारा स्वरूप का जन्म हुआ और स्वरूप के जन्म के पश्चात र 207
वर्ष और जीवित रहा औरउसके और भी बेटी बेटियां उत्पन्न हुई
जबरूप जब स्वरूप 30 वर्ष का हुआ तब उसके द्वारा लाहौर का जन्म
हुआ और लाहौर के जन्म की पश्चात सर्व 200 वर्ष और जीवित रहा और उसके और भी बेटी
बिटिया उत्पन्न हुई
जब लाहौर 29 वर्ष का हुआ तब उसके द्वारा दे रहेका जन्म हुआ और 13 के
जन्म की पश्चात लाहौर 110
वर्ष और जीवित रहा और उसके और भी बेटी बेटियां उत्पन्न हुईजब
तक तेरा 70 वर्ष
का हुआ तब तक उसके द्वारा अब राम और लाहौर और हरण उत्पन्न हुए
द बाइबल सोसायटी आफ
इंडिया
206 महात्मा गांधी रोड
बेंगलुरु560001

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