ग्रुप लोन क्या होता है?
नीचे ग्रुप लोन (Group Loan) के बारे में लगभग 1000 शब्दों में पूरी जानकारी सरल
भाषा में दी जा रही है — इसमें इसका अर्थ, जरूरत, फायदे, शर्तें, प्रोसेस और महत्वपूर्ण सावधानियाँ
सब शामिल हैं।
ग्रुप लोन क्या होता है? (What is Group Loan?)
ग्रुप लोन वह लोन है जो 5 से 20 लोगों के एक समूह को मिलकर दिया
जाता है। यह समूह लोन मुख्य रूप से महिला स्व-सहायता समूह (Self Help Group – SHG), **जॉइंट लाइबिलिटी ग्रुप (JLG), या ग्रामीण/शहरी छोटे व्यवसाय चलाने वाली टीमों को दिया जाता
है।
इसमें पूरे समूह की जिम्मेदारी
होती है कि वे समय पर किस्त भरें। अगर समूह का कोई एक सदस्य किस्त समय पर न दे सके, तो बाकी सदस्य मिलकर उसकी किस्त भरते हैं। इसी को Group Liability** कहा जाता है।
यह लोन खासतौर पर उन लोगों के लिए
बनाया गया है जिनकी इनकम कम है, सिक्योरिटी/गिरवी देने की क्षमता
नहीं होती, या बैंक उन्हें व्यक्तिगत लोन
नहीं दे पाते।
ग्रुप लोन की जरूरत क्यों पड़ती
है?
ग्रामीण और शहरी गरीब परिवारों
में बहुत से लोग छोटे-छोटे व्यवसाय करना चाहते हैं,
जैसे—
* किराना दुकान
* सिलाई-कढ़ाई
* पशुपालन
* ब्यूटी पार्लर
* छोटा होटल/स्टॉल
* बकरियाँ/गाय खरीदना
* सब्जी/फ्रूट का व्यापार
आदि
लेकिन बैंक व्यक्तिगत लोन नहीं
देते क्योंकि उनके पास—
* आय प्रमाण (Income Proof) नहीं होता
* सुरक्षा (Collateral) नहीं होती
* बैंक तक पहुँच नहीं होती
ऐसे में ग्रुप लोन एक आसान और
सुरक्षित विकल्प बन जाता है।
ग्रुप लोन कितने प्रकार के होते
हैं?
भारत में मुख्य रूप से तीन प्रकार
के ग्रुप लोन होते हैं:
1. SHG (Self Help Group) लोन
* 10 से 20 महिलाएँ मिलकर एक समूह बनाती
हैं।
* हर महीने एक छोटी रकम बचत जमा करती हैं।
* बैंक उनका रिकॉर्ड देखकर लोन को मंजूरी देता है।
* लोन का उपयोग समूह के सदस्य अपने-अपने व्यवसाय में कर सकते हैं।
2. JLG (Joint Liability Group) लोन
1.
5–10 लोग मिलकर समूह बनाते हैं।
2.
इसमें महिलाएँ और पुरुष दोनों शामिल हो सकते हैं।
3.
सभी की जिम्मेदारी एक-दूसरे पर होती है।
3. माइक्रोफाइनेंस कंपनी (MFI)
ग्रुप लोन
* NBFC-MFI कंपनियाँ 5–7 महिलाओं का समूह बनाकर लोन देती
हैं।
* EMI साप्ताहिक या मासिक होती है।
* यह सबसे तेज़ और आसानी से मिलने वाला ग्रुप लोन होता है।
ग्रुप लोन कैसे मिलता है? (Step-by-Step Process)**
नीचे सरल भाषा में बताया गया है
कि ग्रुप लोन की प्रक्रिया कैसे काम करती है।
स्टेप 1: समूह बनाना (Group
Formation)
* 5 से 20 लोग एक समूह बनाते हैं।
* सभी की उम्र 18 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
* सभी के पास आधार कार्ड और मोबाइल नंबर होना चाहिए।
* समूह में लोग एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते हों।
स्टेप 2: पहचान और सत्यापन (KYC
Verification)
प्रत्येक सदस्य को अपने:
* आधार कार्ड
* वोटर ID
* राशन कार्ड
* फोटो
जैसे दस्तावेज़ देने होते हैं।
स्टेप 3: समूह की ट्रेनिंग (Group Training)
MFI या बैंक 2–4 दिन की ट्रेनिंग देते हैं:
* लोन कैसे लौटाना है
* नियम क्या हैं
* EMI कैसे भरी जाती है
* कोई सदस्य EMI न दे तो क्या होगा
यह ट्रेनिंग अनिवार्य होती है।
स्टेप 4: बैंक या कंपनी का अधिकारियों द्वारा घर विज़िट (Home Visit)
अधिकारी घर जाकर चेक करते हैं कि
सदस्य स्थायी रूप से वहीं रहते हैं या नहीं।
यह भी देखा जाता है कि व्यक्ति
किस काम के लिए लोन ले रहा है।
स्टेप 5: लोन मंजूरी (Loan
Sanction)
सब कुछ सही मिलने पर कंपनी लोन
मंजूर कर देती है।
लोन की राशि आम तौर पर:
20,000 से ₹1,50,000 तक होती है (प्रति सदस्य)
स्टेप 6: लोन वितरण (Loan Disbursement)
* राशि सीधे बैंक खाते में आती है।
* समूह के सभी सदस्यों को एक साथ कैंप में बुलाकर प्रक्रिया पूरी की
जाती है।
स्टेप 7: EMI भरना (Repayment)
EMI का समय:
* साप्ताहिक
* पखवाड़ा
* या मासिक
हो सकता है।
EMI पूरे समूह को बैठकर भरनी होती है।
ग्रुप लोन लेने के फायदे
1. गारंटी/गिरवी की जरूरत नहीं
कोई जमानत नहीं लगती, न जमीन-प्लॉट की जरूरत होती है।
2. जल्दी और आसान प्रोसेस
माइक्रोफाइनेंस कंपनियाँ 4–7 दिन में लोन दे देती हैं।
3. ब्याज दर कम होती है
ब्याज दर व्यक्तिगत लोन की तुलना
में कम होती है।
4. व्यापार शुरू करने में मदद
कम पूँजी वाला व्यक्ति भी अपना
काम शुरू कर सकता है।
5. महिलाओं को आर्थिक मजबूती
SHG लोन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते हैं।
ग्रुप लोन लेने की शर्तें
* सभी सदस्य एक ही मोहल्ले/गाँव के हों।
* किसी सदस्य पर पहले से भारी कर्ज न हो।
* सभी सदस्यों की बैठक में उपस्थित होना जरूरी है।
* बैंक या MFI की नियमावली माननी होगी।
ग्रुप लोन देने वाली कंपनियाँ /
बैंक
भारत में बहुत सी संस्थाएँ ग्रुप
लोन देती हैं, जैसे:
* बैंक ऑफ इंडिया
* SBI
* ग्रामीण बैंक
* Ujjivan Small Finance Bank
* Jana Small Finance Bank
* Bandhan Bank
* Spandana Sphoorty
* Fusion Microfinance
* L&T Microfinance
* Satin Creditcare
आदि
ग्रुप लोन की कमियाँ (Disadvantages)
1. किसी एक सदस्य की गलती का असर सभी
पर
अगर एक EMI न भरे, तो बाकी को भरनी पड़ती है।
2. समूह पर दबाव
कभी-कभी सदस्यों पर दबाव पड़ता
है।
3. बैठक में अनिवार्य उपस्थिती
हर EMI मीटिंग में जाना जरूरी होता है।
ग्रुप लोन लेते समय सावधानियाँ
* ऐसे लोगों को ही समूह में रखें जिन पर भरोसा हो।
* EMI समय पर भरें, वरना CIBIL खराब हो सकता है।
* लोन राशि को सही काम में ही उपयोग करें।
* धोखाधड़ी करने वाले लोगों से सावधान रहें।
* कंपनी की वैधता (Registration) जरूर चेक करें।
निष्कर्ष (Conclusion)
ग्रुप लोन गरीब और मध्यम वर्गीय
परिवारों के लिए एक बेहतरीन वित्तीय सहायता मॉडल है। इसमें कोई गिरवी नहीं लगता और
लोन जल्दी मिल जाता है। इससे महिलाएँ और छोटे उद्यमी आर्थिक रूप से मजबूत बनते
हैं।
लेकिन इसे सोच-समझकर और भरोसेमंद
लोगों के साथ ही लेना चाहिए।
अगर आप चाहें तो मैं—
1.
👉SHG ग्रुप कैसे बनाएँ?
2.
👉 ग्रुप लोन फॉर्म का फॉर्मेट
3.
👉EMI कैलकुलेशन
4.
👉किस कंपनी का लोन सबसे अच्छा है?
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