पवित्र बाइबल
पुराना और नया धर्म नियम
विषय - सृष्टि का निर्माण /सृष्टि का वर्णन
पृथ्वी पर पहला दिन कैसे हुआ?-
आदि में परमेश्वर ने आकाश और पृथ्वी की सृष्टि की पृथ्वी बेडौल और
सुनसान पड़ी थी और गहरे जल के ऊपर अंधेरा था तथा परमेश्वर का आत्मा जल के ऊपर
मंडराता था जब परमेश्वर ने कहा उजाला हो तो उजियाला हो गया और परमेश्वर ने उजियाले
को देखा कि अच्छा है और परमेश्वर ने उजियाले को अंधेरे से अलग कियाऔर परमेश्वर ने
उजाले को दिन और अंधियारे को रात कहा तथा सांझ हुई फिर भर हुआ इस प्रकार पहला दिन
हो गया
पृथ्वी पर दूसरा दिन कैसे हुआ?-
फिर परमेश्वर ने कहा
जल के बीच एक ऐसा अंतर हो कि जल दो भाग हो जाएतब परमेश्वर नेएक अंतर बनाकर उसके
नीचे के जल और उसकी ऊपर की जल को अलग अलग किया और वैसा ही हो गयाऔर परमेश्वर ने
उसे अंतर को आकाश कहा तथा सांझ हुई फिर भर हुआ इस प्रकार दूसरा दिन हो गया
फिर परमेश्वर ने कहा आकाश के नीचे का जल एक स्थान में इकट्ठा हो जाए
और सूखी भूमि दिखाई दे और वैसा ही हो गया परमेश्वर ने सूखी भूमि को पृथ्वी कहा तथा
जो जल इकट्ठा हुआ उसको उसने समुद्र कहा और परमेश्वर ने देखा कि अच्छा है फिर
परमेश्वर ने कहा पृथ्वी से हरी घास तथा बी वाले छोटे-छोटे पेड़ और फलदाई वृक्ष भी
जिनके बीच उन्हें में एक-एक की जाति के अनुसार है पृथ्वी पर जऔर वैसा ही हो गया
पृथ्वी पर तीसरा दिन कैसे हुआ?-
इस प्रकार पृथ्वी से हरी घास और छोटे-छोटे पेड़ जिम अपनी-अपनी जाति
के अनुसार बीज होता है और फलदाई वृक्ष जिनके बी एक-एक की जाति के अनुसार उन्हें
में होते हैं ज और परमेश्वर ने देखा कि अच्छा है तथा शांत हुई फिर भर हुआ इस
प्रकार तीसरा दिन हो गया
पृथ्वी पर चौथा दिन कैसे हुआ?-
फिर परमेश्वर ने कहा दिल को रात से अलग करने के लिए आकाश के अंतर में
ज्योतिया हो और वह कॉन और नियत समय्यों और दोनों और वर्षों के कारण हो और वह
ज्योतिया आकाश के अंतर में पृथ्वी पर प्रकाश देने वाली भी ठहरे और वैसा ही हो गया
तब परमेश्वर ने दो बड़ी ज्योतिया बने उनमें से एक बड़ी ज्योति को दिन
पर प्रभुता करने के लिए और छोटी ज्योति को रात पर प्रभुता करने के लिए बनाया और
तारागढ़ को भी बनाया परमेश्वर ने उनकोआकाश के अंतर में इसलिए रखाकि वहपृथ्वी पर
प्रकाश दे तथा दिन और रात पर प्रभुता करें और उजियाले को अंधेरे से अलग करें और
परमेश्वर ने देखा कि अच्छा है तथा सांझ हुई फिर भर हुआ इस प्रकार चौथा दिन हो गया
पृथ्वी पर पांचवा दिन कैसे हुआ?-
फिर परमेश्वर ने कहा जल जीवित प्राणियों से बहुत ही भर जाए और पक्षी
पृथ्वी के ऊपर आकाश के अंतर में उड़े इसलिए परमेश्वर ने जाति-जाति के बड़े-बड़े जल
जंतुओं की और उन सब जीवित प्राणियों की भी सृष्टि की जोचलती फिरते हैं जिनसे जल
बहुत ही भर गया और एक-एक जाति के उड़ने वाले पक्षियों की भी सृष्टि की और परमेश्वर
ने देखा कि अच्छा है और परमेश्वर ने यह कहा कि उनका आशीषदी फूलों फलों और समुद्र
के जाल में हार जाओ और पक्षी पृथ्वी पर बढ़े तथा सांझ हुई फिर भर हुआ इस प्रकार
पांचवा दिन हो गया
फिर परमेश्वर ने कहा पृथ्वी से एक जाति की जीवित प्राणी अर्थात घरेलू
पशु और रहने वाले जंतु और पृथ्वी के वन पशु जाति के अनुसार उत्पन्न हो और वैसा ही
हो गया इस प्रकार परमेश्वर ने पृथ्वी की जाति-जाति के वन पशुओं को और जाति जाति के
घरेलू पशुओं को और जाति-जाति की भूमि पर सब रहने वाले जंतुओं को बनाया और परमेश्वर
ने देखा कि अच्छा है l
निष्कर्ष-
दोस्तों यहां परसृष्टि का उत्पन्न कैसे हुआ औरआकाश और
पृथ्वीकापरमेश्वर ने किस प्रकार निर्माण किया है औरउन सबों के बारे में यहां बताया
गया है कि यहां की जितने भी जीव जंतु हैं पृथ्वी पर उसके बारे मेंइस लेखन के
माध्यम से आप सभी कोबताया जा रहा है और इस लेखन को आप अध्ययन करें और यदि आप
पवित्र बाइबल की किताब लेना चाहते हैं और प्रभु यीशु मसीह में जुड़कर परमेश्वर की अगुवाई में चलना चाहते हैं तो आप जरूर परमेश्वर से जुड़िए और प्रभु यीशु मसीह की आराधना करिए और जहां भी हैं l
आप जो भी काम करते हो कोई भी धंधा पानी नौकरी चाकरी कुछ भी करें
लेकिन आप एक दिन परम पिता परमेश्वर के लिए आप समय निकाल कर उसकी आराधना करिए और कलीसिया में जाइए और प्रभु का वचन पढ़िए भजन
सुनिए और उनको बताए हुए मार्ग पर चलिए इसी प्रकार यहां परप्रभु यीशु मसीह नेसृष्टि का निर्माण और मानव जाति
का निर्माण किस प्रकार हुआ इस पर यह अध्ययन किया है और आप सभी को बताया गया है ताकि आप सब लोग जो है तोइस
वचन को पढ़कर और समझे की सृष्टि का निर्माण और मानव जाति का
निर्माण किस प्रकार हुआ है
आप
परमेश्वर के चरणों में बने रहिए निरंतर भजन कीर्तन करिए और उसकी आराधना करिए प्रभु
आपको और आशीष देगा तो इसी वचन के साथ में यहां पर अपने लेखन को विराम देता हूं और
सभी को जय मसीह और आप लोग जो है निरंतर भजन कीर्तन करिए आराधना चाहिए और लोगों को
समाचार सुनाइए
आप बाइबिल किताब लेना चाहते हैं तो नीचे दिए गए पते पर संपर्क
कर सकते हैं
द बाइबल सोसायटी आफ
इंडिया
206 महात्मा गांधी रोड
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