किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) क्या है? Card kaise banvaye
जिस "किसान कार्ड" की आप बात कर रहे हैं,
वह मुख्य रूप से किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Card - KCC) योजना के तहत दिया
जाने वाला कार्ड होता है, जो किसानों को खेती से जुड़ी ज़रूरतों के लिए सस्ता लोन प्रदान
करता है।
नीचे किसान क्रेडिट कार्ड कैसे बनवाते हैं और इसके
क्या लाभ हैं, इसकी पूरी जानकारी दी गई है।
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)
क्या है?
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) भारत सरकार द्वारा किसानों
को कृषि और उससे संबंधित ज़रूरतों के लिए पर्याप्त, नियमित और लागत प्रभावी लोन सुविधा
उपलब्ध कराने की एक योजना है। यह एक तरह का रिवॉलविंग कैश क्रेडिट अकाउंट होता है,
जिसमें किसान अपनी ज़रूरत के अनुसार पैसे निकाल सकते हैं।
किसान क्रेडिट कार्ड कैसे बनवाएं?
आप किसान क्रेडिट कार्ड सरकारी और निजी दोनों तरह
के बैंकों (जैसे SBI, PNB, HDFC बैंक, आदि) या क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और सहकारी
बैंकों से ऑफलाइन या ऑनलाइन आवेदन करके बनवा सकते हैं।
1. ऑफलाइन आवेदन का तरीका
1. बैंक का चयन: अपने नज़दीकी या पसंदीदा बैंक
की शाखा में जाएं।
2. आवेदन पत्र: बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड
का आवेदन पत्र (Application Form) लें।
3. भरना
और जमा करना: आवेदन पत्र को सही-सही भरें और सभी ज़रूरी दस्तावेज़ों की फोटोकॉपी
के साथ बैंक में जमा कर दें।
4. दस्तावेज़ों की जाँच: बैंक आपके दस्तावेज़ों
की जाँच करेगा।
5. कार्ड जारी होना: आवेदन स्वीकृत होने के बाद आपको किसान क्रेडिट
कार्ड जारी कर दिया जाएगा।
2. ऑनलाइन आवेदन का तरीका (बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध
होने पर)
* आप जिस बैंक से KCC बनवाना चाहते हैं, उसकी आधिकारिक
वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया चेक कर सकते हैं (यह सुविधा सभी बैंकों
में समान रूप से उपलब्ध नहीं होती)।
ज़रूरी दस्तावेज़
KCC आवेदन के लिए मुख्य रूप से निम्नलिखित दस्तावेज़ों
की आवश्यकता होती है:
1. भरा हुआ
आवेदन पत्र।
2. पहचान
प्रमाण: आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस (इनमें से कोई
भी)।
3. निवास
प्रमाण: आधार कार्ड, बिजली बिल, आदि।
4. ज़मीन के कागजात: खसरा, खतौनी या ज़मीन का विवरण
दिखाने वाले अन्य दस्तावेज़।
5. पासपोर्ट
साइज़ फोटो।
किसान क्रेडिट कार्ड के लाभ
(Benefits of KCC)
किसान क्रेडिट कार्ड योजना किसानों को कई महत्वपूर्ण
लाभ प्रदान करती है:
1. सस्ता
लोन और ब्याज सब्सिडी
ब्याज दर: KCC के तहत लोन की ब्याज दरें काफी कम
होती हैं।
ब्याज सब्सिडी: 3 लाख रुपये तक के लोन पर सरकार द्वारा
ब्याज में 2% तक की सब्सिडी दी जाती है।
समय पर भुगतान
का बोनस: अगर किसान समय पर लोन चुकाता है, तो उसे ब्याज में 3% का अतिरिक्त बोनस (छूट)
मिलता है, जिससे प्रभावी ब्याज दर सिर्फ 4% सालाना तक हो जाती है।
2. खेती की ज़रूरतों को पूरा करना
नकदी
की उपलब्धता: किसान इसका उपयोग खेती
के लिए खाद, बीज, कीटनाशक, कृषि उपकरण खरीदने और अन्य ज़रूरी खर्चों के लिए कर सकते
हैं।
विभिन्न
खर्चे: यह फसल की बुवाई, कटाई
के बाद के खर्च और कृषि से जुड़े निवेश (जैसे मवेशी, ड्रिप सिंचाई) के लिए भी मदद करता
है।
3. बीमा कवरेज
* KCC धारकों को मृत्यु और स्थायी विकलांगता के मामले
में ₹50,000 तक का बीमा कवरेज भी मिलता है।
* यह कार्ड प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)
से भी जुड़ा होता है।
4. रिवॉलविंग क्रेडिट
* यह एक रिवॉलविंग कैश क्रेडिट अकाउंट होता है, जिसका
अर्थ है कि एक बार भुगतान करने के बाद क्रेडिट सीमा का उपयोग बार-बार किया जा सकता
है।
5. अन्य लाभ
* लोन की लिमिट हर साल 10% तक बढ़ाई जा सकती है
(समय पर भुगतान के आधार पर)।
* KCC अकाउंट में अगर लोन भुगतान के अलावा कोई अतिरिक्त
धन जमा हो, तो उस पर सेविंग अकाउंट की तरह ब्याज भी मिलता है।
यहां किसान क्रेडिट कार्ड
बनवाने की प्रक्रिया से जुड़ा एक वीडियो है: [Kisan Credit Card (KCC)
कैसे बनवाएं]। किसान क्रेडिट कार्ड कैसे बनवाएं और इसके क्या फायदे हैं, इस बारे में विस्तार
से बताता है।

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