अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्र-छात्राओं को शोध(पी-एचडी)हेतु शाेध छात्रवृत्ति - jagoindia Sarkari Yojana : नई सरकारी योजना 2025

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Tuesday, August 26, 2025

अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्र-छात्राओं को शोध(पी-एचडी)हेतु शाेध छात्रवृत्ति

 

अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्र-छात्राओं को शोध(पी-एचडी)हेतु शाेध छात्रवृत्ति

विभाग

उच्च शिक्षा विभाग

 

उद्देश्य

इस योजना के अंतर्गत म.प्र. के मूलनिवासी छात्रों को शोध(पी-एचडी)कार्य हेतु भारत के किसी भी वि.वि. में शोध उपाधि समिति में साक्षात्कार के उपरांत पंजीयन कराया हो एवं पंजीयन प्रमाण पत्र वि.वि. द्वारा जारी किया गया हो, तो शोध छात्रवृत्ति के रुप में रु. 8000/- प्रतिमाह प्रति छात्र की दर से अधिकतम 3 वर्ष के लिये निर्धारित अर्हताये पूर्ण करने पर प्रदाय की जाती है।

 

याेजना का लाभ लेने की प्रक्रिया

प्रत्येक सत्र के प्रारंभ में समाचार पत्रों के माध्यम से विज्ञापन प्रकाशित किया जाता है । जिसमें आवेदन की सम्पूर्ण प्रक्रिया दर्शाई जाती है। अन्य जानकारी विभागीय वेबसाइट पर भी दी जाती है।

 

योजना में शामिल हाेने की पात्रता

शोध कार्य हेतु भारत के किसी भी वि.वि. में पंजीयन होना आवश्यक है एवं छात्र म.प्र. का मूल निवासी हो । 

स्नातको.उपाधि में नियमानुसार अनु.जा./ ज.जा. के विद्यार्थियों द्वारा निर्धारित न्यूनतम अर्हकारी अंक प्राप्त किये हो। 

जाति प्रमाण पत्र (प्राधिकरण द्वारा जारी )

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए पीएचडी के लिए अनुसंधान फैलोशिप

इस योजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश के मूल निवासी विद्यार्थी जो भारत के किसी भी विश्वविद्यालय में शोध (पी.एच.डी.) कर रहे हैं।

 

योजना से संबंधित जानकारी:

इस योजना के अंतर्गत, मध्य प्रदेश के मूल निवासी छात्र जो भारत के किसी भी विश्वविद्यालय में शोध (पीएचडी) कर रहे हैं और विश्वविद्यालय की शोध उपाधि समिति के साथ साक्षात्कार के बाद पंजीकृत हुए हैं (विश्वविद्यालय द्वारा जारी पंजीकरण प्रमाण पत्र के साथ), शोध फेलोशिप के लिए पात्र हैं। यह फेलोशिप प्रति छात्र ₹8,000 प्रति माह की दर से अधिकतम 3 वर्षों के लिए प्रदान की जाती है, बशर्ते वे आवश्यक योग्यताएँ पूरी करते हों।

 

योजना का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया/विधि:

प्रत्येक सत्र की शुरुआत में समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित किए जाते हैं, जिनमें पूरी आवेदन प्रक्रिया का विवरण दिया जाता है। अतिरिक्त जानकारी विभागीय वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।

 

योजना का लाभ उठाने की शर्तें:-

भारत के किसी भी विश्वविद्यालय में शोध कार्य के लिए पंजीकरण अनिवार्य है, तथा छात्र मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।

छात्र को अपनी स्नातक डिग्री में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के छात्रों के लिए निर्धारित न्यूनतम योग्यता अंक प्राप्त करने होंगे।

जाति प्रमाण पत्र आवश्यक है।

अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्र-छात्राओं को शोध(पी-एचडी)हेतु शोध छात्रवृत्ति

विभाग   उच्च शिक्षा विभाग

योजना का नाम अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्र-छात्राओं को शोध(पी-एचडी)हेतु शोध छात्रवृत्ति

हितग्राही मूलक है या नही हाँ

अधिकार क्षेत्र   राज्य प्रवर्तित योजना

योजना कब से प्रारंभ की गयी 

योजना का उद्येश्य    SC/ST के छात्र जिनकी पारिवारिक आय ०३ लाख रूपए से कम हो उनको पीएचडी करने हेतु प्रोत्साहन राशी प्रदान करना

लाभार्थी के लिए आवश्यक शर्ते / लाभार्थी चयन प्रक्रिया 1. मध्यप्रदेश का मूल निवासी हो। 2. पी.एच.डी के शोर्ध कार्य हेतु भारत के किसी भी विश्वविद्यालय में शोध उपाधि समिति में साक्षात्कार के उपरान्त पंजीयन कराया हो एवं पंजीयन प्रमाण पत्र विश्वविद्यालय द्वारा जारी किया गया हो। 3. स्नातकोत्तर उपाधि में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियमानुसार अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियो के लिये निर्धारित न्यूनतम अर्हताकारी अंक प्राप्त किये हों। 4. विद्यार्थी का जाति प्रमाण पत्र कलेक्टर/सक्षम अधिकारी से प्राप्त किया हो। 5. अभिभावक की वार्षिक आय सीमा मध्यप्रदेश शासन आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक न हो, जो वर्तमान में रूपये 3 लाख है।

लाभार्थी वर्ग    अनुसूचित जाति ,अनुसूचित जनजाति

लाभार्थी का प्रकार  छात्र ,छात्रा

लाभ की श्रेणी वित्तीय सहायता /भत्ता

योजना का क्षेत्र    Urban and Rural

आवेदन/संपर्क/पंजीयन/प्रशिक्षण कहाँ करें    इस योजना के अंतर्गत म.प्र. के मूलनिवासी छात्रों को शोध(पी-एचडी)कार्य हेतु भारत के किसी भी वि.वि. में शोध उपाधि समिति में साक्षात्कार के उपरांत पंजीयन कराया हो एवं पंजीयन प्रमाण पत्र वि.वि. द्वारा जारी किया गया हो, तो शोध छात्रवृत्ति के रुप में रू 16000/- माह प्रति छात्र की दर से अधिकतम 3 वर्ष के लिये निर्धारित अर्हताये पूर्ण करने पर प्रदाय की जाती हैं।

पदभिहित अधिकारी   आयुक्त उच्च शिक्षा

समय सीमा  विभाग के निर्देशानुसार

आवेदन प्रक्रिया 1. उच्च शिक्षा संचालनालय द्वारा विज्ञापन जारी किया जाता है। 2. प्राप्त आवेदनों का परीक्षण किया जाता है एवं निर्धारित कोटे की सीमा के अंतर्गत आवेदकों का चयन किया जाता है। 3. आयुक्त, उच्च शिक्षा की स्वीकृति से राशि आवेदक के बैंक खाते में प्रदाय की जाती है। 4. प्रतिवर्ष अनुसूचित जाति के लिये 100 एवं अनुसूचित जनजाति के लिये 56 छात्रवृत्तियों का कोटा निर्धारित है।

आवेदन शुल्क   निशुल्क

अपील   उच्च शिक्षा संचालनालय

अनुदान /ऋण /वित्तीय सहायता /पेंशन/लाभ की राशि  राशि रू 16000/- प्रतिमाह कुल राशि रूपये 1,92,000/- प्रतिवर्ष ।

हितग्राहियों को राशि के भुगतान की प्रक्रिया / हितग्राहियों को ऋण एवं अनुदान की व्यवस्था /वित्तीय प्रावधान 1. उच्च शिक्षा संचालनालय द्वारा विज्ञापन जारी किया जाता है। 2. प्राप्त आवेदनों का परीक्षण किया जाता है एवं निर्धारित कोटे की सीमा के अंतर्गत आवेदकों का चयन किया जाता है। 3. आयुक्त, उच्च शिक्षा की स्वीकृति से राशि आवेदक के बैंक खाते में प्रदाय की जाती है। 4. प्रतिवर्ष अनुसूचित जाति के लिये 100 एवं अनुसूचित जनजाति के लिये 56 छात्रवृत्तियों का कोटा निर्धारित है।

ऑनलाइन आवेदन हेतु लिंक

योजना से सम्बंधित दस्तावेज संलग्न करें   आय प्रमाण पत्र, मूल निवासी सर्टिफिकेट एवं अन्य जरुरी कागजात उच्च शिक्षा संचालनालय द्वारा विज्ञापन जारी किया जाता है। प्राप्त आवेदनों का परीक्षण संबंधित क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक द्वारा किया जाता है। संबंधित क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक की स्वीकृति से राशि आवेदक के बैंक खाते में प्रदाय की जाती है। प्रतिवर्ष 2000 विद्यार्थियों को इसका लाभ प्राप्त हो सकता है।

 

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