Garib Kalyan Anna Yojana गरीब
कल्याण अन्न योजना (प्रधानमंत्री-जीकेएवाई)
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लाभ
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पात्रता
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योजना
का उपयोग कैसे करें
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्ना योजना
(पीएम-जीकेएवाई) आत्मानिर्भर भारत कार्यक्रम के एक भाग के रुप में गरीबों एवं
घुमंतू लाेगाें को मुफ्त खाद्यान्न की आपूर्ति करने के लिए एक योजना है
लाभ
80 करोड़ से अधिक लोगों को 5 किलो मुफ्त गेहूं/ चावल प्रति व्यक्ति/माह के
साथ प्रत्येक परिवार को प्रति माह 1
किलो मुफ्त चना अप्रैल-नवंबर 2020 के दौरान दिया जाएगा। 6 राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों- पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, चंडीगढ़, दिल्ली
और गुजरात को गेहूं आवंटित किया गया है और शेष राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों को
चावल आवंटित किया गया है।
पात्रता
गरीबी रेखा के नीचे वाले परिवार-अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) और प्राथमिकता
वाली श्रेणी के परिवार योजना के लिए पात्र होंगे।
प्राथमिकता वाली श्रेणी के परिवारों की पहचान राज्य सरकार / केंद्र शासित
प्रदेशों के प्रशासन द्वारा बनाए गये मापदंड के आधार पर जानी चाहिए हैं। अत्योदय
परिवारों(एएवाई) की पहचान राज्य सरकार / केंद्र शासित प्रदेश द्वारा केंद्र सरकार
द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुसार द्वारा की जानी है:
ऐसे
परिवार जिनके मुखिया विधवा या सामान्य रूप से बीमार व्यक्ति या विकलांग व्यक्ति या
60 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्यक्ति हों एवं
जिनके पास निर्वाह या सामाजिक सहायता का कोई सुनिश्चित साधन नहीं है।
सभी
आदिम जनजातीय परिवार
भूमिहीन खेतिहर मजदूर, सीमांत किसान, ग्रामीण कारीगर/कारीगर जैसे कुम्हार, टेनर, बुनकर, लोहार, बढ़ई, झोपड़पट्टी वाले लोग, और अनौपचारिक क्षेत्र में दैनिक आधार पर अपनी
रोजी-रोटी कमाने वाले व्यक्ति जैसे कुली, रिक्शा
चालक, हाथ गाड़ी खींचने वाले, फल और फूल बेचने वाले, सपेरें, चीर
बीनने वाले, चर्मकार, बेसहारा
और ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में की ऐसी अन्य श्रेणियां।
गरीबी रेखा से नीचे के सभी एचआईवी प्रभावित परिवार के सभी सदस्य पात्र
हाेंगे।
how to use plan योजना का उपयोग कैसे करें
अधिक विवरण जानने के लिए आप अपने निकट की राशन
की दुकान से संपर्क कर सकते हैं।
पीएमजीकेवाई-उज्जवला
1.
लाभ
2.
पात्रता
3.
संपर्क
करें
सरकार ने "प्रधानमंत्री गरीब कल्याण
योजना" के नाम से राहत पैकेज की घोषणा की जिसका उद्देश्य महामारी से सबसे
अधिक प्रभावित गरीब और कमजोर वर्गों के लोगों को सुरक्षा कवच प्रदान करना है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत एलपीजी कनेक्शन का लाभ लेने
वाले गरीब परिवारों के लिए भी पैकेज में
राहत सहायता शामिल है।
लाभ
पीएमजीकेवाई के अंतर्गत पीएमयूवाई उपभोक्ताओं
को 14.2 किलो के सिलिंडर की 3 रिफिल मुफ्त मिलेंगी एवं ओएमसी द्वारा अग्रिम
खुदरा बिक्री मूल्य राशि पीएमयूवाई ग्राहकों के बैंक खाते में स्थानांतरित की
जाएगी। वह राशि वितरक से रीफिल लेने के समय निकाली जा सकती है। यह योजना अप्रैल से
30 सितंबर, 2020 की
अवधि में मान्य होगी।
पात्रता
पीएमयूवाई योजना का लाभ लेने वाले
पीएमयूवाई योजना के अंतर्गत लाभार्थी की पात्रता है
गरीब परिवार से जुड़ी एक वयस्क महिला जिसके घर में एलपीजी कनेक्शन नहीं है
विस्तारित योजना के अंतर्गत वर्तमान श्रेणियों के अलावा लाभार्थी पात्र
(यानि:SECC
2011 सूची या सात चिन्हित श्रेणियों में
जैसे एससी/ एसटी परिवार, प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) (ग्रामीण), के
लाभार्थी, अंत्योदय
अन्न योजना (AAY)
,वनवासी, सबसे
पिछड़ा वर्ग (एमबीसी), चाय और पूर्व-चाय उद्यान में कार्य
करने वाली जनजातियां, नदी द्वीप में रहने वाले लोग)
संपर्क करें
पीएमयूवाई कनेक्शन देने के लिए पंजीकृत गैस
एजेंसियों से लाभार्थी संपर्क कर सकते हैं।
ऑपरेशन ग्रीन
1)
उद्देश्य
2)
याेजना
में शामिल फसलें
3)
योजना
अवधि
4)
पात्रधारी
संस्थाएँ
5)
सहायता
विधि
आवेदन कैसे करें
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MoFPI) द्वारा आत्मनिर्भर भारत अभियान के एक भाग के
रुप में ऑपरेशन ग्रीन योजना को टमाटर, प्याज
और आलू(टॉप) को सभी फलों और सब्जियों (टोटल) तक विस्तारित कर पायलट आधार पर छह
महीने की अवधि के लिए बढ़ा दिया गया।
उद्देश्य
इस गतिविधि का उद्देश्य फल और सब्जी उत्पादकों
को लॉकडाउन की वजह से होने वाले बिक्री के संकट से बचाना और फसलों पर होने नुकसान
को कम करना है ।
याेजना में शामिल फसलें
फल-
आम, केला, अमरूद, कीवी, लीची, पपीता, खट्टे, अनानास, अनार, कटहल;
सब्जियां-फ्रेंच बीन्स, करेला, बैंगन, शिमला मिर्च, गाजर, फूलगोभी, मिर्च
(हरी), ओकरा, प्याज, आलू और टमाटर।
कृषि मंत्रालय या राज्य सरकार की सिफारिश के आधार पर किसी अन्य
फलाें/सब्जियाें को इस सूची में भविष्य में जोड़ा जा सकता है (योजना के तहत शामिल
फसल, चयनित अधिशेष उत्पादन समूह और ट्रिगर मूल्य को
जानने के लिए- कृपया यहां क्लिक करें)।
योजना अवधि
अधिसूचना की तारीख से छह महीने की अवधि के लिए
जैसे कि11/06/2020।
पात्रधारी संस्थाएँ
खाद्य प्रसंस्करण, एफपीओ/एफपीसी, सहकारी
समितियां, व्यक्तिगत किसान, लाइसेंस
प्राप्त कमीशन एजेंट, निर्यातक, राज्य विपणन/सहकारी संघ, खुदरा विक्रेता आदि जो फलों और सब्जियों के
प्रसंस्करण / विपणन में लगे हुए हैं।
सहायता विधि
मंत्रालय लागत मानकों के आधार पर निम्नलिखित दो घटकों की लागत का 50% तक
सब्सिडी प्रदान करेगा:
अधिशेष उत्पादन केंद्र से खपत केंद्र तक शामिल फसलों का परिवहन; और / या शामिल फसलों के लिए उचित भंडारण
सुविधाओं की व्यवस्था करना (अधिकतम 3
माह के लिए)।
how to apply आवेदन कैसे करें
सब्सिडी के लिए दावे जमा करना- उपर्युकत आवश्यक मानदंडों का पालन करने वाली
पात्रधारी संस्थाएं खाद्य प्रसंस्करण
उद्योग मंत्रालय (MoFPI) से बिना किसी पूर्वानुमति के अधिसूचित
अधिशेष उत्पादन समूह से अधिसूचित फसलों के परिवहन और/ या भंडारण का कार्य कर सकते
हैं, और बाद में ऑनलाइन पोर्टल पर अपने भुगतान दावे
भर सकते हैं।
आवेदक का फल और सब्जियों का परिवहन / भंडारण करने से पहले पोर्टल पर
पंजीकरण होना चाहिए। पंजीकरण के लिए,
ईपीएफ द्वारा व्यवसायों को सहायता
लाभ
पात्रता
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज (पीएमजीकेपी)
के तहत, 12% नियोक्ता और 12%
कर्मचारी योगदान का भुगतान पात्रताधारी प्रतिष्ठानों के ईपीएफ खातों में किया गया।
लाभ
मार्च - अगस्त 2020
महीनों का वेतन देने में सहायता करने के लिए यह प्रदान किया गया।
पात्रता
जून, जुलाई
और अगस्त,
2020 महीने के वेतन के लिए, यह योजना 100
कर्मचारियों की संख्या वाले सभी प्रतिष्ठानों को कवर करेगी और 90% ऐसे कर्मचारी जिनका वेतन प्रति महीने 15,000 रुपये रुपये से कम है इसमें शामिल हाेंगे।
प्रधानमंत्री रोज़गार प्रोत्साहन योजना (PMRPY) के अंतर्गत जून से अगस्त, 2020 के महीनों के लिए नियोक्ताओं के योगदान का 12% पाने के लिए लाभार्थी पात्रधारी होंगे और
लाभार्थी एक समय में होने परस्पर लाभ के लिए शामिल नहीं होंगे।
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