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Monday, November 29, 2021

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना kya hai ? iska लाभ कैसे ले पूरी जानकारी पढ़िये

 


प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना

लाभ

किससे संपर्क करें

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) 1 जुलाई 2015 को 5 वर्ष 2015-16 से 2019-20)  के लिए शुरु की गई। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के परिदृश्य में देश के कृषि भूमि को सिंचाई का संरक्षित स्रोत उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना है ताकि पानी के प्रत्येक बूंद से अधिक से अधिक फसल उत्पादन किया जा सके तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक समृद्धि लाई जा सके। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की नीति के तहत जल स्रोतों, वितरण प्रणाली (नेटवर्क), खेत स्तर पर बेहतर नीति का उपयोग और नई तकनीकी पर आधारित कृषि प्रसार एवं सूचना का व्यापक रूप से सम्पूर्ण सिंचाई आपूर्ति करने के लिए जिला व राज्य स्तर पर प्रयोग।

 

 

सहायता का प्रकार

 

सहायता का मापदण्ड/अधिकतम सीमा

 

स्कीम

 

1.

 

बूंद-बूंद (टपका) सिंचाई

 

छोटे और सीमांत किसानों के लिए 55% तक और अन्य प्रति बूंद ज्यादा किसानों के लिए 45% तक वित्तीय सहायता।

 

ड्रिप सिंचाई प्रणाली की रेंज लागत रुपये 21643 से सिंचाई योजना रु.112237 तक है। अधिकतम स्वीकार्य सहायता प्रति लाभार्थी को 5 हेक्टेयर तक

 

ही सीमित होगी।

 

प्रति बूंद ज्यादा फसल घटक प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई)

 

 

 

2.

 

छिड़काव सिंचाई (पोर्टेबल, मिनी, सूक्ष्म, अर्ध, स्थायी, बड़ी मात्रा/ रेन गन आदि)

 

छोटे और सीमांत किसानों के लिए 55% तक और अन्य किसानों के लिए 45% तक वित्तीय सहायता।

 

ड्रिप पाइप और भूमि के आकार के अनुसार आधार पर प्रति हेक्टेयर ड्रिप सिंचाई प्रणाली की रेंज लागत रुपये के 19,542 से रु.94,028 तक है।

 

अधिकतम स्वीकार्य सहायता प्रति लाभार्थी को 5 हेक्टेयर तक ही सीमित होगी।

 

- तदैव -

 

 

 

3.

 

जल संचयन एवं प्रबंधन

 

 

 

3.1

 

व्यक्तिगत स्तर पर जल संचयन पद्धति

 

लागत का 50 % (मैदानी क्षेत्र में निर्माण लागत रु. 125/- प्रति घन मीटर और पहाड़ी क्षेत्र में रु. 150/- प्रति घन मीटर) जो लाइनिंग सहित मैदानी क्षेत्र के लिए रु.75000/- और पहाड़ी क्षेत्र के लिए है रु.90,000/- तक सीमित होगी। छोटे आकार के तालाब/ कुआँ खोदने के लिए लागत अनुपातिक आधार पर स्वीकार्य होगी। बिना लाइनिंग के तालाब/ कुओं की लागत 30 % कम होगी।

 

एनएमएसए का आरएडी घटक

 

3.2.

 

मनरेगा/डब्ल्यूएसडीपी आदि के अंतर्गत निर्मित तालाब/ टैंकों की लाइनिंग

 

प्लास्टिक/आरसीसी लाइनिंग लागत का 50 % प्रति तालाब/ टैंक/कुआँ जो रे 25,000/- तक सीमित होगा

 

- तदैव -

 

3.3

 

सामुदायिक जल संचयन निर्माण - सामुदायिक टैंकों/खेत तालाब/चेक डेम /कुण्डों का सार्वजनिक भूमि पर प्लास्टिक/ आरसीसी लाइनिंग के प्रयोग से निर्माण

 

 

 

10 हेक्टेयर कमांड क्षेत्र के लिए अथवा किसी अन्य छोटे आकार के लिए कमांड क्षेत्र के अनुसार आनुपातिक आधार पर लागत का 100%, जो मैदानी क्षेत्र में रु.20 लाख प्रति यूनिट और पहाड़ी क्षेत्र में है रु.25 लाख प्रति यूनिट तक सीमित होगा बिना लाइन वाले तालाब टैंक की लागत 30% कम होगी।

 

तदैव -

 

3.4

 

ट्यूब वेल/बोर वेल(उथला/मध्यम) का निर्माण

 

कुल लागत का 50%, जो रु. 25,000/- प्रति इकाई तक सीमित होगा।

 

तदैव-

 

3.5

 

छोटे तालाब की मरम्मत / नवीनीकरण

 

नवीनीकरण के लिए लागत का 50%, जो रु. 15,000/- प्रति इकाई तक सीमित होगा।

 

 

 

- तदैव -

 

3.6

 

पाइप/प्रीकॉस्ट वितरण प्रणाली

 

इस प्रणाली की कुल लागत का 50%, जो रु.10,000/- प्रति हेक्टेयर और प्रति लाभार्थी अथवा समूह अधिकतम 4 हेक्टेयर के प्लाट तक सीमित होगा।

 

- तदैव -

 

3.7

 

जल उत्थापन यंत्र (विद्युत, डीजल, वायु, सौर उर्जा से चलने वाले)

 

 

 

स्थापना लागत का 50% जो रु.15,000/- प्रति विद्युत/ डीज़ल इकाई तथा रे 50,000/- प्रति सौर/ वायु इकाई तक सीमित होगा

 

- तदैव-

 

3.8

 

पॉली लाइनिंग तथा सुरक्षात्मक बाड़ द्वितीय भंडारण संरचना हेतु

 

लागत का 50% जो रु.100/ घन मीटर की भंडारण क्षमता तक और अधिकतम अनुदान सहायता रु. 2 लाख प्रति लाभार्थी तक सीमित।

 

एनएमएसए का आरएडी घटक

 

3.9

 

सुरक्षित बाढ़ युक्त ईंट/ सीमेंट/कंक्रीट द्वारा निर्मित द्वितीयक भंडारण संरचना

 

लागत का 50% जो रे 350/ घन मीटर की भंडारण क्षमता तक और अधिकतम अनुदान सहायता के 2 लाख प्रति लाभार्थी तक सीमित ।

 

- तदैव -

 

मिट्टी सुधार के लिए सहायता

 

1.

 

सिंचाई की पाइपें

 

 

 

लागत का 50 %, रु. 50/- प्रति मीटर एचडीपीई पाईप के लिए, रु.35/- प्रति मीटर पीवीसी पाईप के लिए तथा रु. 20/- प्रति मीटर एचडीपीई लेमिनेटिड ओपन समतल ट्यूब पाईप के लिए जो रु.15,000/- प्रति किसान/लाभार्थी के लिए

 

सीमित है।

 

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन(तिलहन एवं ऑयल पॉम)

 

2.

 

ऑयलपाम के लिए बूंद-बूंद (टपका) सिंचाई प्रणाली

 

 

 

प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना के दिशा निर्देश के अनुसार

 

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन(तिलहन एवं ऑयल पॉम)

 

3.

 

प्लास्टिक/आरसीसी आधारित जल संचयन रचना/ खेत तालाब/ सामुदायिक टैंक निर्माण (100 मीटर X 100 मीटर x 3 मीटर) छोटे आकार के तालाब/ टैंक के लिए अनुपातिक आधार पर जो कमांड एरिया पर निर्भर होगी, की लागत स्वीकार्य होगी।

 

10 हेक्टेयर कमांड एरिया के लिए 500 माइक्रोन प्लास्टिक लाइनिंग/आरसीसी लाइनिंग के लिए मैदानी क्षेत्रों में रु.20.00 लाख प्रति इकाई और पहाड़ी क्षेत्रों में है 25.00 लाख प्रति इकाई

 

एनएचएम/एचएमएनई एच एमआईडीएच की एक उपयोजना

 

4.

 

व्यक्तिगत आधार पर खेत तालाब/कुँए में जल संचयन(20 मी. x 20 मी. x 3 मी परिमाप) छोटे आकार के खेत तालाब/ कुँए के लिए लागत अनुपातिक आधार पर स्वीकार्य होगी

 

02 हेक्टेयर कमांड क्षेत्र के लिए 300 माइक्रोन प्लास्टिक लाइनिंग/आरसीसी लाइनिंग के लिए मैदानी क्षेत्र में हैं 1.50 लाख प्रति लाभार्थी और पहाड़ी क्षेत्रों में हैं 1.80 लाख प्रति लाभार्थी

 

एनएचएम/एचएमएनई एवं एमआईडीएच की एक उपयोजना

 

 

 

5.

 

दलहनों, गेंहूँ एवं न्यूटीसिरियल के लिए फव्वारा सिंचाई सेट

 

रु.10,000/है. अथवा लागत का 50 %, जो भी कम हो

 

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन(एनएफएसएम)।

 

6.

 

(क) ऑयल पाम के खेत में बोर वेल का निर्माण

 

(ख) जल संचयन संरचना/ तालाब

 

एनएमएसए दिशानिर्देशों के अनुसार सहायता अर्थात लागत का 50% इस शर्त पर कि ये गंभीर, अर्द्ध गंभीर एवं अधिक शोषित भूजल क्षेत्र में स्थापित नही किये जाएंगे, अधिकतम सीमा रु. 25,000/- प्रति बोरवेल/नलकूप लागत का 50% (निर्माण लागत मैदानी क्षेत्रों के लिए र 125/- एवं पहाड़ी क्षेत्रों के लिए रु.150/- प्रति घन मीटर), जो लाइनिंग सहित मैदानी क्षेत्र के लिए रु. 75,000/- और पहाड़ी क्षेत्र के लिए रु. 90,000/- तक सीमित होगा।

 

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (तिलहन एवं ऑयल पॉम)

 

 

 

7.

 

बीजीआरईआई के तहत कुओं/बोरवेलों का निर्माण

 

लागत का 100%, जो रु. 30,000/- तक सीमित है

 

पूर्वी भारत में हरित क्रांति लाना (बीजीआरईआई)

 

8.

 

उथले नलकूप

 

 

 

लागत का 100%, जो रु. 12,000/- तक सीमित है।

 

बीजीआरईआई

 

9.

 

धान, गेहूँ एवं दालों के लिए 10 हॉर्सपावर तक के पम्प सेट

 

रु. 10,000/- प्रति पम्प सैट या लागत का 50%, जो भी कम हो।

 

 

 

बीजीआरईआई

 

10.

 

केवल दालों के लिए मोबाइल रेन गन

 

रु.15,000/- प्रति मोबाइल रेन गन या लागत का 50%, जो भी कम हो।

 

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन(एनएफएसएम)

 

किससे संपर्क करें

जिला कृषि अधिकारी/जिला मृदा संरक्षण अधिकारी/परियोजना निदेशक (आत्मा)/ जिला फलोत्पादन अधिकारी

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