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Friday, March 6, 2020

मूल अधिकार क्या है


The Constitution of India भारत का संविधान
भाग  3
मूल अधिकार
साधारण
12. परिभाषा- किस भाग में जब तक की संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित ना हुए राज्य के अंतर्गत भारत की सरकार को संसद तथा राज्यों में से प्रत्येक राज्य सरकार और विधानमंडल तथा भारत के राज्य क्षेत्र की जीता या भारत सरकार के नियंत्रण के अधीन सभी स्थानीय और प्राधिकारी हैं
टिप्पणियां
 आसाम स्माल स्केल इंडस्ट्री डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड निकाय है और संविधान के अनुच्छेद 12 के अर्थ में राज्य हैं क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड राज्य नहीं है क्योंकि वह ना तो वित्तीय क्रियात्मक या प्रशासनिक रूप से सरकार पर आश्रित है और ना ही सरकार के नियंत्रण में है एन सी आर टी संविधान के अनुच्छेद 12 के अंतर्गत राज्य नहीं है चंद्रमोहन खन्ना बनाम एनसीआर टी आई आर 1992 एसी सहकारी समिति स्थानीय प्राधिकारी है जो संविधान के अनुच्छेद 12 के अर्थ में राज्य हैं
13  मूल अधिकारों से असंगत या उनका अल्पी करण करने वाली विधियां-1- संविधान के प्रारंभ से ठीक पहले भारत के राज्य क्षेत्र में प्रवृत्त सभी विधियां उस मात्रा तथा होंगी जिस तक भी इस भाग की बंधुओं से असंगत है
2. राज ऐसी कोई विधि नहीं बनाएगा जो इस भाग द्वारा प्रदत्त अधिकारों को छीन ती है या न्यून करती है और इस खंड के उल्लंघन में बनाई गई प्रत्येक विधि उल्लंघन की मात्रा तक सुन होगी
3. इस अनुच्छेद में जब तक की संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित ना हो-
1.    विधि के अंतर्गत भारत के राज्य क्षेत्र में विधि का बल रखने वाला कोई अध्यादेश आदेश उपविधि नियम विनिमय अधिसूचना रुणीजा प्रथा है
2.    व्रत विधि के अंतर्गत भारत की राज्य क्षेत्र में किसी विधानमंडल या सक्षम प्राधिकारी द्वारा इस संविधान के प्रारंभ से बनाई गई है जो पहले ही नहीं कर दी गई है चाहे ऐसी कोई विधि या उसका कोई भाग उस समय पूर्णतया विशिष्ट क्षेत्रों में परिवर्तन में नहीं है
4. अनुच्छेद अनुच्छेद 368 के अधीन किए गए इस संविधान के किस संशोधन को लागू नहीं करेगी 

समता का अधिकार
14.  विधि के समक्ष समता- राज्य भारत के राज्य क्षेत्र में किसी व्यक्ति को विधि के समक्ष समता से या विधियों के समान संरक्षण से वंचित नहीं करेगा

टिप्पणियां
 प्रथम वाक्यांश विधि के समक्ष समता ब्रिटिश संविधान से तथा द्वितीय विधियों के समान संरक्षण अमेरिकन संविधान से लिया है
 समान कार्य के लिए समान वेतन का सिद्धांत ही मान्यता है कि समान कार्य के लिए समान वेतन में सभी प्रकार की समानता अपेक्षित है
 एक जाति की हिंदू महिला एक अनुसूचित जाति के व्यक्ति से विवाह करने पर संविधान के अनुच्छेद 15-4  एवं 16-4  के अंतर्गत आरक्षण का फायदा प्राप्त नहीं कर सकती हैं( मीरा कांवरिया बनाम सुनीता एआईआर ऐसी597)
 निजी गैर सहायता प्राप्त व्यवसाय शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश के लिए सीटों का आरक्षण नहीं कर सकती है- इस्लामिक एकेडमी बना कर्नाटक राज्य   आई आर एससी  3724 पिए इनामदार बनाम महाराष्ट्र राज्य 2005 एससी 3226
 अनुच्छेद 14 में क्षमता का खंड भारत राज्य क्षेत्र के अध्ययन विधि के समान संरक्षण या विधि के समक्ष समता की गारंटी देता है
स्नातकोत्तर चिकित्सा पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए काउंसिल संबंधी नियम केवल इसी आधार पर अभियुक्त ना होगा कि अच्छे मेरिट के अभ्यर्थी को उसकी रुचि का विषय और पाठ्यक्रम देने से मना करता है- सफल नंदवानी बनाम स्टेट आफ हरियाणा एआईआर 2002 एससी 3382
 मुस्लिम महिला तलाक के अधिकारों का संरक्षण अधिनियम 1986 संविधान के अनुच्छेद 14 के अधीन विवेद कारी नहीं है- डेनियल लतीफी बनाम भारत संघ आई आर 2000 एससी 3262
 मत देने का अधिकार मूल अधिकार नहीं माना जाता यह विधान द्वारा आरोपित पर सीमाओं को अध्ययन वैधानिक अधिकार है लेकिन विधान के अधीन निर्वाचन के अधिकार की प्रकृति को अवैध मानकर चुनौती नहीं दी जा सकती हैं- अनुकूल चंद्र प्रधान बनाम भारत संघ आई आर 1997 एस सी 2814
 नैसर्गिक न्याय का सिद्धांत संविधान के अनुच्छेद 14 में निहित है- सेंट्रल इनलैंड वॉटर ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन 
 विधि का शासन भारतीय संविधान का आधारभूत ढांचा है इसे संविधान के अनुच्छेद 368 संविधान संशोधन नहीं किया जा सकता है-- इंदिरा नेहरू गांधी बनाम राज नारायण एआईआर 1975 2200
 विधि का समान संरक्षण- विधि के समक्ष समता का ही सिद्धांत है स्टेट ऑफ वेस्ट बंगाल बनाम अनवर अली सरकार आई आर 1975
 संविधान के अनुच्छेद 14 में प्रयुक्त कोई व्यक्ति शब्द में विधिक व्यक्ति कंपनी है चिरंजीत लाल इंडिया
15. धर्म मूल वंश जाति लिंग या जन्म स्थान के आधार पर विभेद का  प्रतिषेध-
1. राज्य किसी नागरिक के विरुद्ध केवल मूल वंश जाति लिंग जन्म स्थान या इनमें से किसी के आधार पर कोई विभेद नहीं करेगा
2. कोई नागरिक केवल धर्म मूल वंश जाति लिंग जन्म स्थान या इनमें से किसी के आधार पर-
1.    दुकानों सार्वजनिक खोज नालियों होटल और सार्वजनिक मनोरंजन के स्थानों में प्रवेश किया
2.    पूर्णतया भागता राजनीति से पोषित या साधारण जनता की प्रयोग कीजिए समर्पित तालाब में स्नान घाटों सड़कों और सार्वजनिक समागम के स्थानों के उपयोग के संबंध में किसी भी निर्योग्यता दायित्व निर्बंधन या  शर्त के अधीन नहीं होगा
3.  अनुच्छेद की कोई बात राज्य को स्त्रियों और बालकों के लिए कोई विशेष उपबंध करने से अनिवार्य नहीं करेगी
4.  इस अनुच्छेद की या अनुच्छेद 29 के खंड दो कि कोई बात राज्य को सामाजिक और शैक्षिक दृष्टि से पिछड़े हुए नागरिकों के इन्हीं वर्गों की उन्नति के लिए या अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए कोई विशेष को बंद करने से निवारी नहीं करेगी
5. इस अनुच्छेद या अनुच्छेद 19 के खंड 1 के उपखंड 6 की कोई बात राज्य को नागरिकों की किसी सामाजिक रूप से और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों की प्रगति के लिए या अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजातियों के लिए विधि द्वारा किसी विशेष प्रावधान को करने से निवारक नहीं करेगी जहां तक ऐसा विशेष प्रावधान अनुच्छेद 30 के खंड 1 में निर्दिष्ट अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान की अतिरिक्त अन्य शैक्षणिक संस्थानों में जिसमें गैर सरकारी शैक्षिक संस्थान शामिल है चाहे सरकार द्वारा सहायता प्राप्त हों या सहायता प्राप्त हैं उनकी प्रवेश से संबंधित है 

दोस्तों भारत की संविधान में समता का अधिकार सभी को प्राप्त है चाहे वह किसी भी जाति धर्म संप्रदाय से संबंध रखता हूं सभी को विधि के समक्ष समान अधिकार प्राप्त है इसके अगला खंड अगले लेखन में प्रस्तुत करेंगे आप सभी से निवेदन है कि इस जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं

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