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Monday, March 2, 2020

आदिवासी हिन्दू नही है इस बात को भारत का संविधान भी कहता है,और सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है, कि आदिवासी हिन्दू नही है।


आदिवासी हिन्दू नही है इस बात को भारत का संविधान भी कहता है,और सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है, कि आदिवासी हिन्दू नही है। क्योंकि आदिवासीयो के सारे रीती रिवाज और परंपरा हिन्दूओ से अलग है। आदिवासीयो के देवी देवता हिन्दूओ से अलग है।
इसलिए आदिवासी हिन्दू नही है। लेकिन
आदिवासीयो को संविधान मे मिले अधिकारों से वंचित करने के लिये शासक वर्ग जानबूझकर आदिवासीयो का हिन्दूकरण,आदिवासीयो के देवी देवताओं का हिन्दूकरण, आदिवासीयो के मठ मंदिरों का हिन्दूकरण,बड़ी षड्यंत्र के साथ कर रहा है। ताकि हिन्दू धर्म के प्रभाव मे आके आदिवासी अपने मुल धर्म, अपने मुल संस्कृति, अपने रीती रिवाज, अपने बोली भाषा, और अपने खुद के देवी देवताओं को भुल जाय। और हिन्दू परंपरा, हिन्दू रीति रिवाज, हिन्दूओ के देवी देवताओं को अपना ले। और जब अपनाकर आदिवासी पुरी तरह हिन्दूमय हो जायेगा। तब सरकार आदिवासीयो का छानबीन करके आदिवासीयो के आदिवासी जाति प्रमाण पत्र समाप्त कर देगा। आदिवासीयो को अनुसूचित जनजाति से निकाल के ओ बी सी मे डाल देगा, क्योंकि उस समय अपने आपको आदिवासी साबित करने के लिये कोई सबुत कोई प्रमाण नही रहेगा। उस समय आपकी आदिवासी पहचान नही रहेगा क्योकि आप आदिवासी तभी आदिवासी हो जब आपके पास आपके खुद के आदिवासी संस्कृति, आदिवासी रीती रिवाज, आदिवासी परंपरा और खुद के बोली भाषा है तभी आपको आदिवासी माना जायेगा अन्यथा आपको गैर आदिवासी होने से कोई नही रोक सकता।  🙏 कृष्णा धुवै 🙏आदिवासी हिन्दू नही है इस बात को भारत का संविधान भी कहता है,और सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है, कि आदिवासी हिन्दू नही है। क्योंकि आदिवासीयो के सारे रीती रिवाज और परंपरा हिन्दूओ से अलग है। आदिवासीयो के देवी देवता हिन्दूओ से अलग है।
इसलिए आदिवासी हिन्दू नही है। लेकिन
आदिवासीयो को संविधान मे मिले अधिकारों से वंचित करने के लिये शासक वर्ग जानबूझकर आदिवासीयो का हिन्दूकरण,आदिवासीयो के देवी देवताओं का हिन्दूकरण, आदिवासीयो के मठ मंदिरों का हिन्दूकरण,बड़ी षड्यंत्र के साथ कर रहा है। ताकि हिन्दू धर्म के प्रभाव मे आके आदिवासी अपने मुल धर्म, अपने मुल संस्कृति, अपने रीती रिवाज, अपने बोली भाषा, और अपने खुद के देवी देवताओं को भुल जाय। और हिन्दू परंपरा, हिन्दू रीति रिवाज, हिन्दूओ के देवी देवताओं को अपना ले। और जब अपनाकर आदिवासी पुरी तरह हिन्दूमय हो जायेगा। तब सरकार आदिवासीयो का छानबीन करके आदिवासीयो के आदिवासी जाति प्रमाण पत्र समाप्त कर देगा। आदिवासीयो को अनुसूचित जनजाति से निकाल के ओ बी सी मे डाल देगा, क्योंकि उस समय अपने आपको आदिवासी साबित करने के लिये कोई सबुत कोई प्रमाण नही रहेगा। उस समय आपकी आदिवासी पहचान नही रहेगा क्योकि आप आदिवासी तभी आदिवासी हो जब आपके पास आपके खुद के आदिवासी संस्कृति, आदिवासी रीती रिवाज, आदिवासी परंपरा और खुद के बोली भाषा है तभी आपको आदिवासी माना जायेगा अन्यथा आपको गैर आदिवासी होने से कोई नही रोक सकता।  🙏 कृष्णा धुवै 🙏

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