आपकी जय!
भारत की ईमानदार व संविधान का 100% पालन करने वाली केंद्र सरकार
द्वारा 3 प्रकार के कानून बनाए गए हैं। और आखरी
कानून भी स्वत: बन जाएगा और देश स्वीकार भी करने लगेगा।
(1) NPR.
(2) CAB.
(3) NRC.
(4)
EMIGRATION ACT.
सिटीज़न अमेंटमेन बिल (CAB) के तहत अन्य देशों से आने वाले गैर
मुस्लिम अनजाने, बिना
दस्तावेज के लगभग 6 करोड़ शरणार्थियों को भारत की नागरिकता देने के लिए केंद्र सरकार
खुद दस्तावेज बनाकर यहाँ रहने की पात्रता देगी। ये ऐसे लोग हैं जो यहाँ पैदा नहीं
हुए और न ही देश में इनको कोई जानता है।इसके बाद पूरे देश में NRC लागू करके देश में ही सदियों से
निवासरत लोगों से पहचान पत्र के लिए दस्तावेज मांगेगी। जो दस्तावेज नहीं देगें ऐसे
करोड़ों लोगों को देश से बाहर निकाल देंगे या शहरों, गांवों में जहाँ भी है उनके ही घरों से
बलपूर्वक उठाकर शरणार्थी केंपों (अस्थाई जेलों) में रखा जाएगा। जहाँ से वह अपनी
मर्जी से बाहर निकल भी नही सकते। चारों तरफ आर्मी की फौज तैनात होगी। जहाँ
बारी-बारी से सबको मार दिया जाएगा। देश के सभी राज्यों में शरणार्थी केंप बनाए जा
रहे है। देश का दुर्भाग्य है कि जो विदेशी घुसपैठिया है जिसकी कोई पहचान नहीं है, उसे सरकार खुद दस्तावेज बनाकर देगी और
जो देश में पैदा हुआ, सदियों से पीढ़ी दर पीढ़ी निवासरत है। देश में रहने के लिए उससे
दस्तावेज मांग रही है। जब विदेशी घुसपैठियों को दस्तावेज दे सकती है तो भारत के
लोगों को दस्तावेज क्यों नहीं दे सकती? यही तो धार्मिक जहर दुनिया के लिए सबसे
बड़ा खतरा बन चुका है।
सबसे पहला हमला शहरी आदिवासियों को
पकड़कर डिटेंशन कैंप में भेज देंगे। उनके घर, संपत्ति विदेशी लोगों को देंगे। उसके
बाद सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी डिटेंशन कैंप में भेजने की खतरनाक साजिश।
जम्मू काश्मीर में धारा 370 हटाने के पहले लगभग 3000 ज्यादा राजनैताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं को 3 महीने के लिए जेल भेज दिया गया था।
इसलिए बचने का संघर्ष नहीं कर सकते हो तो तैयार जरूर रहे।
आपकी जय।
डिटेंशन कैंप की एक झलक।👇🏻👇🏻
सजग रहें अन्यथा
समाज गुलाम हो जायेगा"
मनुवादी विचारधारा
पर देश में विभिन्न आंदोलनों के माध्यम से लगातार हमला और इस हमले से कमजोर होती
मनुवादी व्यवस्था और उसके संगठन लगातार चिंता में हैं। यही कारण है कि वे जल्द से
जल्द संविधान को बदलने की कवायद में राज्यसभा में भी बहुमत हासिल करना चाहते हैं।
इसलिए मनुवादी विचारधारा को मजबूत बनाने की मंशा रखने वाला व्यक्ति चाहे वह किसी
दल में बैठा हो जल्द से जल्द केंद्रित हो रहा है और साथ ही राज्य सभा में बहुमत
बनाने की कौशिश कर रहा है । यह कार्य इतनी तेजी से हो रहा है कि ऐसे मनुवादी नेता
का साथ और समर्थन देने वाले एससी एसटी ओबीसी के जनप्रतिनिधियों को भनक तक नहीं कि
आगे क्या षड्यंत्र होगा । साथियों मनुवाद की जड़ें हिल चुकी हैं। अम्बेडकर वादी, प्रकृतिवादी, मानवतावादी, समाजवादी जैसी
विचारधाराओं के लगातार बढ़ती हलचल ने "अभी नहीं तो कभी नहीं" तथा "येन केन प्रकारेण" "साम
दाम दण्ड भेद" जैसे इनके अपने पारंपरिक हथियार को व्यवहार में ला रहे हैं।
"सजग रहें अन्यथा समाज नष्ट हो जायेगा"
(गुलजार सिंह मरकाम
राष्ट्रीय संयोजक गोंडवाना समग्र क्रांति आंदोलन)

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