27 वां
आदिवासी सांस्कृतिक एकता महासम्मेलन
ऐतिहासिक सफलता व गरिमा
के साथ संपन्न
!!
आपकी
जय !
आदिवासी
एकता परिषद द्वारा
देश व दुनिया
में आदिवासी एकता,
अस्मिता, आत्मसम्मान, कला, संस्कृति,
इतिहास, ज्ञान, स्वावलंबन और
प्रकृति सुरक्षा जैसे विषयों
को लेकर वैचारिक
आंदोलन चलाया जा रहा
है । इसका
व्यापक प्रचार प्रसार करने
हेतु प्रतिवर्ष पांच
राज्य राजस्थान, गुजरात,
दादरा नगर हवेली,
महाराष्ट्र व मध्य
प्रदेश में चक्रीय
क्रम में "आदिवासी
सांस्कृतिक एकता महासम्मेलन"
का आयोजन किया
जाता है ।
इस वर्ष का
महासम्मेलन 13-14-15 जनवरी, 2020 को कोलगांव
जिला- पालघर (महाराष्ट्र)
में आयोजित किया
गया । यह
महासम्मेलन ऐतिहासिक गरिमा के
साथ सफलतापूर्वक संपन्न
हुआ । जिसकी
कुछ झलकियां प्रस्तुत
है :-
!! आदिवासियों
बचाओ यात्रा 2020 !!
प्रति
वर्षानुसार इस वर्ष
भी मध्य प्रदेश
के समर्पित कार्यकर्ताओं
द्वारा "आदिवासियत बचाओ
यात्रा 2020" दिनांक 7 जनवरी, 2020 से
महान क्रांतिकारी शहीद
भीमा नायक की
जन्म व कर्मस्थली
धाबा बावड़ी, जिला
बड़वानी से प्रारंभ
होकर महाराष्ट्र के
नंदुरबार तथा गुजरात
के नर्मदा, तापी,
आह्वा डांग, नवसारी,
वलसाड, दादरा नगर हवेली
(केंद्र शासित प्रदेश) और
पुनः महाराष्ट्र के
पालघर आदि जिले
के सैकड़ों गांव
का भ्रमण कर
एवं आदिवासियत बचाने
व आदिवासियों के
पारंपरिक एवं संवैधानिक
अधिकारों के बारे
में जन जागृति
करते हुए महासम्मेलन
स्थल कोलगांव, जिला
पालघर पहुंचकर महासम्मेलन
में शामिल हुई
। इस यात्रा
के दरमियान कुछ
विशेष उल्लेखनीय बातें
इस प्रकार है:-
यात्रा
को प्रारंभ हेतु
स्थानीय सांसद माननीय गजेंद्र
पटेल (भाजपा), सांसद
प्रत्याशी डॉक्टर गोविंद मुझालदा
(कांग्रेस) एडवोकेट राजेंद्र मंडलोई
पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष-बड़वानी, सुभद्रा परमार
-जिला पंचायत सदस्य,
एस एस कुमरे
(आईएएस), डी एस
डोडवे (आईएफएस), मनोज सरियाम
सीईओ जिला पंचायत
बड़वानी, तेरेसिंह डुडवे जिला
रोजगार अधिकारी, श्रीराम डुडवे
जिला प्रबंधक राष्ट्रीय
आजीविका मिशन, सुखलाल अलावा
जिला परियोजना अधिकारी,
डॉ नितिन कुशवाहा
जिला आयुष अधिकारी,
डॉ कीर्ति सिंह
चौहान जिला टीकाकरण
अधिकारी, रामू दयाराम
बडोले एडीओ बीएसएनएल,
आसाराम मुजाल्दे जिला शिक्षा
अधिकारी, प्यारसिंह जर्मन अकाउंट
ऑफिसर आदि जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक
अधिकारी उपस्थित थे ।
इस यात्रा के
द्वारा एक ऐतिहासिक
संदेश लोगों तक
गया कि हमारे
जनप्रतिनिधि चाहे किसी
भी राजनैतिक पार्टी
में रहे या
समाज के प्रशासनिक
अधिकारी चाहे जितने
भी ऊंचे पद
पर हो लेकिन
जब समाज की
बात हो तो
सारे एक मंच
पर आकर समाज
की बात करते हैं
। यात्रा में
चल रहे कार्यकर्ताओं
द्वारा पूरे रास्ते
में पड़ने वाले
आदिवासी महापुरुषों के स्टेचू,उनके नाम
के चौराहे आदि
पर माल्यार्पण करते
हुए आगे बढ़े
जिसमें प्रमुख रुप से
शहीद भीमा नायक,
गुलाम बाबा,शहीद
ताराबाई,शहीद शिल्पत
राजा, देव नग्न
पूजन, कोसबाड़ (दहाणु),
जिला पालघर में
अनुताई वाघ जिन्होंने
भारत देश को
आंगनवाड़ी की सोच
दी है, गंजाल
में वारली चित्रकार
पद्मश्री जिव्या सोमा म्हसे,
नानीवेली में 7 जनवरी, 1947 को
100 से अधिक आदिवासी
शहीद हुए थे
उनकी याद में
बनने वाले स्मारक,
बिरसा मुंडा चौक,
वीरांगना झलकारी बाई चौक,
तारपा चौक, शहीद
जतरु भाई धूम
चौक आदि
प्रमुख थे ।
यात्रा के दौरान
कुछ संस्थाएं जो
आदिवासियों के हित
के लिए कार्य
कर रही है
वहां पर भी
जाने व उन्हें
जानने का अवसर
मिला । जिसमें
प्रमुख रुप से
पाटी ब्लाक का
बोकराटा ऐसा इलाका
है, जहां से
20-25 किलोमीटर की
दूरी तक अभी
भी रास्ते नहीं
बने हैं पैदल
चलकर लोग आते
हैं । 100% नशा
मुक्त गांव बांदरियाबढ़,
आदिवासी साहित्य अकादमी, पाट
सागवारा, जिला तापी,
शक्ति कानूनी सहायता
मानव अधिकार केंद्र,
सोनगढ़, जिला व्यारा,
गुजरात संगाति महिला स्वयं
सहायता समूह, गोपालपुरा जिसकी
7000 महिला सदस्य हैं और
4 करोड़ रुपए की
बचत है, धर्मपुर
विभाग जंगल कामदार
सहकारी मंडली करंजवेली, तहसील
धर्मपुर, जिला वलसाड,
गुजरात, आदिवासी प्रगति मंडल
वेवजी, तालुका तलासारी, जिला
पालघर, महाराष्ट्र, हनुमंतमाल तालुका
धरमपुर, जिला वलसाड,गुजरात में आदिवासी
सांस्कृतिक कार्यक्रम जहां पर
हजारों लोगों को मिलने
का अवसर मिला
। इस प्रकार
इस यात्रा के
दरमियां आदिवासी इलाके के
सैकड़ों गांवों के लोगों
से मिलने का
व उनसे सीखने
का अवसर प्राप्त
हुआ ।
13 जनवरी,
2020
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