आदिवासी
साहित्य सम्मेलन
आदिवासी
एकता परिषद द्वारा
आदिवासी समाज के
साहित्यकारों की खोज
एवं आदिवासी साहित्य
को निखारने हेतु
वर्ष 2018 से साहित्य
सम्मेलन का आयोजन
कर रही है
। इस साल
के साहित्य सम्मेलन
की अध्यक्षता डॉक्टर
माहेश्वरी गावित द्वारा की
गई । स्वागत
भाषण डॉक्टर महेश
मोरे महाराष्ट्र द्वारा
रखा गया एवं
प्रस्तावना वाहरु सोनवाने संस्थापक
सदस्य आदिवासी एकता
परिषद एवं उपाध्यक्ष
अखिल भारतीय साहित्य
मंच नई दिल्ली
द्वारा रखी गई
। साहित्य सम्मेलन
का प्रमुख विषय
आदिवासी साहित्य, संस्कृति और
आदिवासियत था ।
इस विषय पर
प्रभु राजगढ़कर नागपुर,
वामन शेडमाके यवतमाल,
डॉ रमेश चौहान
मध्य प्रदेश,सुनिल
चौहान राजस्थान,वासंती
झोप सहित कई
साहित्यकारों ने अपने
विचार व्यक्त किए
। साहित्य सम्मेलन
का संचालन व
आभार डॉक्टर सुनील
गायकवाड चालीसगांव (महाराष्ट्र) द्वारा
किया गया ।
साहित्य सम्मेलन की विशेष
बात यह रही
कि आदिवासी साहित्य
मानवीय मूल्य, समतामूलक जीवन
प्रणाली पर आधारित
है । संपत्ति की उत्पत्ति
से ही भेद
की शुरुआत हुई
है, उसका का
विरोध करता है
। पुनः आदिवासियों
की जीवन प्रणाली
की ओर लौटना
पड़ेगा । यह
हमारे साहित्य की
दिशा होना चाहिए
।
आदिवासी
युवा बाल संस्कृतिक
सम्मेलन
शाम
6:00 बजे से रात्रि
12:00 बजे तक आदिवासी
एकता परिषद द्वारा
युवा नेतृत्व को
निखारने एवं आदिवासी
समाज के बाल
कलाकारों को अवसर
प्रदान करने हेतु
इसकी शुरुआत वर्ष
2018 से की गई
हैं । इस
साल के युवा
सम्मेलन की अध्यक्षता
दादरा नगर हवेली
के सुरेश रेडिया
जी द्वारा की
गई ।युवा सम्मेलन
के अध्यक्ष का
स्वागत पिछले महासम्मेलन के
अध्यक्ष एडवोकेट कैलाश वसावा
जी द्वारा किया
गया । युवा
सम्मेलन का स्वागत
भाषण रिंकल चौधरी
महाराष्ट्र द्वारा किया गया
। प्रस्तावना एडवोकेट
अभिजीत वसावा जी महाराष्ट्र
द्वारा रखी गई
। युवा सम्मेलन
में अलग-अलग
विषयों पर युवा
साथियों द्वारा अपने विचार
व्यक्त किए गए
। जिसमें प्रमुख
विषय व
वक्ता इस प्रकार
हैं :-
युवाओं
की समस्याएं एवं
समाधान -दुर्गाशंकर मीणा (राजस्थान),
आदिवासी संस्कृति एवं युवा
-जयदीप पटेल (गुजरात), आदिवासी
वैचारिक आंदोलन में युवतियों
की भूमिका- लक्ष्मी
सोलंकी (मध्य प्रदेश),
वर्तमान में आदिवासी
युवाओं को संगठित
होने की आवश्यकता-
विजय बहिराम, पुणे
(महाराष्ट्र), राजस्थान में युवाओं
की स्थिति भगवतीलाल
जी डिंडोर (राजस्थान),
आज का आदिवासी
युवा -जया सोनवाने
(महाराष्ट्र), मध्यप्रदेश में आदिवासी
युवाओं की
स्थिति व आदिवासी
छात्र संगठन-प्रकाश
बंडोड़-प्रांतीय अध्यक्ष- आदिवासी
छात्र संगठन(ACS), मध्य
प्रदेश, आदिवासी युवा एवं
वैचारिक आंदोलन विजय सोलंकी
(मध्य प्रदेश) आदि
युवाओं ने युवा
सम्मेलन को संबोधित
किया बीच-बीच
में बाल सांस्कृतिक
कार्यक्रमों की प्रस्तुति
दी गई ।
कुल 10 मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों
की प्रस्तुतियां दी
गई । जिससे
कार्यक्रम की समा
बंधी रही
। जिसमें प्रमुख
रुप से आसाम
का बिहू नृत्य,
महाराष्ट्र का तारपा
व गवरी नृत्य
तथा मध्यप्रदेश के
होशंगाबाद जिले का
डांडिया नृत्य बीच-बीच
में आदिवासी आंदोलन
पर आधारित मधुर
गीतों की प्रस्तुतियां
भी दी गई
। जिसमें दयाराम
मोरे (मध्यप्रदेश) तथा
संतोष पावरा (महाराष्ट्र)
की प्रस्तुति विशेष
रही । युवा
सम्मेलन का संचालन
मनीष घायल (महाराष्ट्र)
व अनिल रावत
(मध्य प्रदेश) द्वारा
किया गया तथा
आभार मनोज मोरे
महाराष्ट्र द्वारा व्यक्त किया
गया ।
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