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Saturday, November 22, 2025

जगत की उत्पत्ति और मानव जाति का आरंभ कैसे हुआ? How did the world originate and human race begin?

                                            जगत की उत्पत्ति और मानव जाति का आरंभ कैसे हुआ?

उत्पत्ति

भूमिका

उत्पत्ति नाम का अर्थ है- [आरंभ] ,जगत की सृष्टि, मानव जाति की उत्पत्ति, इस संसार में आप और दुख का कारण और परमेश्वर का मानव जाति के साथ व्यवहार का वर्णन इस पुस्तक मेंमिलता है उत्पत्ति को दो प्रमुख भागों में विभाजित किया जा सकता है

1 अध्याय 1 से 11 जगत की सृष्टि और मानव जाति का प्रारंभिक इतिहास इसमें आदम और हवा कायम और हबल नून और जल प्रलय तथा बेबीलोन की गुणवत का वर्णन मिलता हैl

 

2  अध्याय 12 से 50 इसराइलियों के आरंभिक पूर्वजों का इतिहास इसमें पहले अपराह्न है जो परमेश्वर पर अपनी विश्वास और उसकी प्रति अपनी आज्ञाकारिता के कारण प्रसिद्ध था इसके बादउसके पुत्र इश्क और पोती याकूब जो इसराइल भी कहलाता था का वर्णन है l

तब याकूब के 12 पुत्रों का वर्णन है जोइसराइल के 12 गोत्रों के संस्थापक हुए इसमें उसकी एक पुत्र युसूफ और उन घटनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है जिसके द्वारा याकूब और उसके अन्य पुत्र अपने परिवारों सहित मिस्र में रहने के लिए आ गए थे l

 

यद्यपि यह पुस्तक लोगों की विषय में बताती है फिर भी मुक्त है यह परमेश्वर के कार्यों का वर्णन करती है इसका आरंभ इस स्वीकृति से होता है कि परमेश्वर ने जगत की सृष्टि कीऔर अंत इस प्रतिज्ञा से होता हैl

 कि परमेश्वर निरंतर अपने लोगों की चिंता करता रहेगा पुस्तक के आरंभ से अंत तक मुख्य पत्र परमेश्वर है जो बुराई करने वालों को दोषी तारत और उन्हें दंड देता है वह अपने लोगों की अगुवाई और सहायता करता तथा उनके इतिहास को व्यवस्थित करता है यह प्राचीन पुस्तक एक जाति की विश्वास का वर्णन करने और उसे विश्वास को बनाए रखने में सहायता के लिए लिखी गई थी

रूपरेखा

जगत और मानव जाति की सृष्टि 1:1-2:25

पाप और दुख का आरंभ 3:1-24

आदम से नूह तक 4:1-5:32

नूह और जल प्रलय 6:1-10:32

बेबीलोन का गुम्मट 11:1-9

सेम से अब्राम तक  11:10-32

कुलपति: अब्राहम, इसहाक याकूब12:1-35:29

एसाव की वंशावली 36:1-43

युसूफ और उसके भाई37:1-45:28

मिश्र देश में इजरायली46:1-50:26

 

निष्कर्ष-

जय मसीह दोस्तों यहां पर हमइस लेखन के माध्यम से बताना चाहते हैंकीसृष्टि का आरंभ कैसे हुआमानव जाति की उत्पत्ति कैसे हुई और इस संसार में पाप और दुख का आरंभ कैसे हुआ परमेश्वर कामानव जाति के साथ व्यवहार का वर्णन इस पुस्तक में बताया गया है औरजितने भी हमारे विश्वासी भाई हैं l


मसीह भाई बहन हैं वह सभी इस लेखन को अच्छे से अध्ययन करें और पढ़ें समझें और जाने और लोगों तक भी इस बात को पहुंचाएं परमेश्वर की समाचार लोगों तक जरूर पहुंचाएं और यदि आप इस पुस्तक को लेना चाहते हैं और अधिक जानना चाहते हैं तो हमारे इस वेबसाइट को निरंतर रूप से अपने मोबाइल पर खोलकर देख सकते हैं औरजो भी उसमें जानकारी दी जाती है

उसका आप लोग जो है तो गहराई से पालन करें ताकि आप प्रभु के वचनों में उसके बताए गए रास्तों पर आगे बढ़े ताकि आपका जीवनबेहतर हो सके आप हर एक प्रकारकी जादू टोना तंत्र-मंत्र भूत प्रेत की बंधन से छुटकारा पाएंगे और परमेश्वर के चरणों में रहकर आप बड़े-बड़े काम कर पाएंगे क्योंकि इस जगत मेंसिर्फ परमेश्वर ही एक ऐसा माध्यम है जिसके चरणों में रहकर हम आशीष का सकते हैं बाकी दुनिया में कहीं भी शांति मिलने वाला नहीं है लेकिन हम भूल जाते हैं l


सांसारिक जीवन में माया मोह में फंसे रहते हैं और हम जो परमपिता परमेश्वर है जो जगत का पालनहार है जो इस सृष्टि का रचना करता है उसको हम भूल जाते हैं औरअपने माया मुंह में हंसकर हमउसेनजर अंदाज करते हैं और यह हमारे लिए बहुतगलत है सभी को प्रभु के चरणों में आना चाहिए प्रभु यीशु मसीह यहां पर यही संदेश देना चाहते हैं कि आप कुछ भी करिए कोई भी धंधा व्यापार करिए नौकरी चाकरी कहीं भी रहिए लेकिन आप एक दिन उसे परमेश्वर के लिए समय निकालकर जरूर उसकी आराधना करिए उसकी जो भी कलेशिया है वहां पर जाइए और उसका भजन कीर्तन करिए और निरंतर सुबह-शाम प्रार्थना करिए यदि आपके पास समय है


तो आप दोपहर में भी समय कर सकते हैं तो आपके प्रभु और आशीष करेगा और इसमें सभी को आगे बढ़ना चाहिए विश्वास करना चाहिए कि परमेश्वर है वह परमपिता परमेश्वर है जो निराकार है किसी को भी दिखाई नहीं देता लेकिन वही इस जगत को चलनाहै और उसी के हाथों में सब कुछ हैउसकी मर्जी के बिना पत्ता भी हिलता नहीं इस संसार की हर एक जीव जंतु हर एक पेड़ पौधों में परमेश्वर का अंश पाया जाता है और सभी में वास करता है और वही इस संसार को चलना है


तो प्रभु यीशु मसीह यहां पर सब कोई संदेशदेना चाहते हैं कि आप परमेश्वर के चरणों में बने रहिए निरंतर भजन कीर्तन करिए औरउसकी आराधना करिए प्रभु आपको और आशीष देगा तो इसी वचन के साथ में यहां पर अपने लेखन को विराम देता हूं और सभी को जय मसीह और आप लोग जो है निरंतर भजन कीर्तन करिए आराधना चाहिए और लोगों को समाचार सुनाइए

 

आप बाइबिल किताब लेना चाहते हैं तो नीचे दिए गए पते पर संपर्क कर सकते हैं

 

द बाइबल सोसायटी आफ इंडिया

206 महात्मा गांधी रोड बेंगलुरु560001

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