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Tuesday, October 6, 2020

गोंडवाना मूवमेंट से जुड़े युवा और बुजुर्ग जो गोंडवाना आंदोलन

 


गोंडवाना मूवमेंट से जुड़े युवा और बुजुर्ग जो गोंडवाना आंदोलन में साथ खड़े थे, अब वे लोग दुर्गा स्थापना की तैयारी में लग गए हैं। कोई मूर्तियों की खरीदी के लिए पैसा दे रहा है कोई चंदा वसूली में लगा हुआ है कोई पंडाल व्यवस्था में लगा हुआ है। दुर्गा स्थापना (नवरात्रि) आयोजनों की जोर शोर से तैयारी हो रही है जो हमारी गोंडवाना विचारधाराओं की पोल खोल रही हैं। गोंडवाना विचारधारा को लेकर चलने वाले हमारे युवा साथियों और पंडा पुजारियों ,भूमका की पोल खोल रहे हैं भीड़ तंत्र दिखा दिखा कर हम यह समझ बैठे की गोंडवाना आगे बढ़ रहा है लेकिन देखने में आ रहा है कि लोग मनुवाद में वापस जा रहे हैं, यह कैसा गोंडवाना आंदोलन है जिसे देखकर लगता है कोई आत्महत्या कर लेगा लेकिन उसे भुला दिया जाएगा, ऐसा होता रहा है और अभी वर्तमान में हो रहा है। जागो मेरे गोंडवाना के वीरो ,गोंडवाना की वीरांगनाओं ,गोंडवाना के दाई दाऊ शक्ति, वक्त तुम्हें पुकार रहा है प्रकृति संकेत दे रही है सोया समाज को जगाने प्रकृतिक प्रकोप आ रहा।

जय सेवा ,प्रकृति शक्तिता सेवा सेवा, जय बड़ादेवता सेवा सेवा, भाई दाऊ ना सेवा सेवा , नारूंग दाई शक्ति ना सेवा सेवा, 88 शंभू शेक शक्ति ठाना सेवा सेवा, 52 गढ़ पेन शक्ति ना सेवा, सगा समाज पेन शक्ति ना सेवा सेवा, विमल पेन , खेड़ापति दाई गांव,

 नगर, शहर में बसी  सगा पेन शक्ति ना सेवा सेवा, रावेन पेन शक्तिना सेवा सेवा।

नोट:-समस्त दुर्गा पंडालों में आरती के समय युवा साथी वीडियोग्राफी करें और गोंडवाना विचारधाराओं का अवलोकन करें। आपका आंदोलन विफल होते दिख रहा है रात दिन की मेहनत बेकार होती दिखाई देगी कड़वा सच है लेकिन सत्य है। विजय सिंह admachi

आप हिन्दू हैं या गोंड यह तय कर लीजिए या तो आप गोंड हैं या हिन्दू दोनों एक साथ नहीं हो सकते। हम सभी गोंड अपनी प्रिय मातृभूमि गोंडवाना लैंड के मूल निवासी प्रकृतिवादी गोंडीधर्मी गोंड हैं। हमें नाज है अपनी गोंडी सभ्यता, संस्कृति पर। गोंड समुदाय में तनिक भी दहेज नहीं चलता है, हां लड़की का पिता अपनी मर्जी से कोई उपहार, गिफ्ट दे दें वो अलग बात है। सच्चा गोंड दहेज के लिए कभी मुंह खोल ही नहीं सकता। अपनी गोंडी प्रकृतिवादी मूल सभ्यता, संस्कृति से दूर हो जाना ही सारी समयाओं की जड़ है यदि हम गोंड हैं तो गोंड का गुण अपनायें सारी समस्याओं से निजात पायें।  हम यदि ऐसा नहीं करते हैं तो एक दिन ऐसा भी आएगा कि गोंड जाति का अस्तित्व ही मिट जाएगा। सभी लोग हिन्दुओं में विलिन हो जाएंगे... जय सेवा अरविन्द गोंडवाना

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