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Wednesday, October 14, 2020

इस बार चुनाव में लड़ाई दल की नहीं न्याय की है

 


इस बार चुनाव में लड़ाई दल की नहीं न्याय की है जनता को वोट करने का समान अधिकार है इसे कोई छीन नहीं सकता 

 

मध्य प्रदेश में उपचुनाव का बिगुल बज चुका है भाजपा और कांग्रेस ने सभी 28 सीट पर अपने प्रत्याशी का घोषणा पहले ही कर ली है प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं और मतदाताओं के बीच उन्होंने विधान का भरसक प्रयास कर रहे हैं इस बीच हरिभूमि ग्रुप के आई एन एच न्यूज़ चैनल पर लगातार सोशल भूटान मैदान में महारथी में इन प्रत्याशियों से बातचीत कर विधानसभा सीट मतदाताओं के रुझान विधानसभा क्षेत्र की समस्या और चुनौती को जानने की कोशिश की जा रही है इसी कड़ी में सुरक्षित से कांग्रेस प्रत्याशी पारुल साहू से आई एम न्यूज़ चैनल के प्रधान संस्थापक डॉ हिमांशु द्विवेदी ने विशेष बातचीत की एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि इस बार चुनाव में लड़ाई दल की नहीं है न्याय की लड़ाई है जनता के साथ विश्वासघात जो हुआ है इसकी लड़ाई है इसी तरह की राजनीतिक अगर चलती रही तो फिर जनता की जरूरत क्या है

 

सवाल जनता की आवाज की तो पारुल साहू निर्दलीय चुनाव लड़ सकती थी कांग्रेस को क्यों चुना

जवाब मेरा ख्याल से आपको सवाल उनसे पूछना चाहती कि कितने  रात रही है गोभी सी की राजपूत को भाजपा में जानना हर पार्टी की अपनी एक नीति होती है क्योंकि आप जोर जबरदस्ती से सरकार बनाना चाहते हैं यह आप जनता के निर्णय को स्वीकार करना चाहते हैं स्थिति ऐसी है कि मैं कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में जनता के बीच खड़ी हूं सवाल में पहले भी मंत्री थे आज भी है गोविंद सिंह राजपूत को सरकार गिराकर आखिर मिला क्या

 जवाब-    यह तो वही बेहतर  बता पाएगी उनके लिए व्यक्तिगत लाभ महत्वपूर्ण रखता है और जनता का मान सम्मान विश्वास कोई मायने नहीं रखता अगर इतनी फिकर थी तो वह छोड़ कर बैठे बैठ जाते जनता की लड़ाई लड़ती पर ऐसे इन्होंने नहीं किया

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