अनुसूचित जनजाति बस्ती विकास योजनान्तर्गत हुआ 03 करोड़ 44 लाख 43 हजार 990 रुपये का घोटाला - jagoindia Sarkari Yojana : नई सरकारी योजना 2025

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Tuesday, August 4, 2020

अनुसूचित जनजाति बस्ती विकास योजनान्तर्गत हुआ 03 करोड़ 44 लाख 43 हजार 990 रुपये का घोटाला



अनुसूचित जनजाति बस्ती विकास योजनान्तर्गत हुआ 03 करोड़ 44 लाख 43 हजार 990 रुपये का घोटाला

मामला मंडला ट्राईवल का

मंडला से स्पेशल रिपोर्ट

मंडला।सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग में पदस्थ रहें संतोष शुक्ला के कार्यकाल में अनेक भ्रष्टाचार के किस्से पढ़ने और सुनने को मिले होंगे।बता दे की तत्कालीन सहायक आयुक्त संतोष शुक्ला के रहते हुए सूचना का अधिकार के तहत जानकारी मांगे जाने पर किसी भी आवेदनकर्ता को जानकारी उपलब्ध नही कराई गईं।सूचना का अधिकार के तहत प्रथम अपील उपरांत जो भी जानकारी प्राप्त की गईं जिसमें एक मामला बस्ती विकास योजना का भी हैं।उक्त योजना के अंतर्गत प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर अवलोकन किए जाने पर जिले के प्रत्येक जनपद पंचायतों को सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग के द्वारा वित्तीय वर्ष निम्ननुसार 2015-16 में जनपद पंचायत मंडला को विविध निर्माण कार्य हेतु पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक 10908/ दिनांक- 09-12-15 को 10 लाख रुपये दिए गये।इसी तरह पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक 10954/ दिनांक 25-09-15 को 15 लाख 96 हजार दिये गये।इसी तरह पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक 1553/ दिनांक 10-02-16 को 08 लाख रुपये दिये गये।इसी तरह वर्ष 2016-17 में अनुसूचित जनजाति ग्रामों में सीसी रोड़ निर्माण हेतु पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक 8661/दिनांक 05-09-16 को 05 लाख 55 हजार 560 रुपये दिये गये, जिसकी एजेंसी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मंडला को बनाया गया था।

नैनपुर जनपद को भी दिये गये 45 लाख 27 हजार 555 रुपये

नैनपुर जनपद पंचायत को भी वित्तीय वर्ष 2015-16 में पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक 8241/ दिनांक 14-09-15 को 20 लाख रुपये दिये गये।इसी तरह पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक 10908/ दिनांक 09-12-15 में 11 लाख 72 हजार रुपये दिये गये।इसी तरह पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक 1553/ दिनांक 10-02-16 में 08 लाख रुपये दिये गये।
वर्ष 2016-17 में पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक 8663/ दिनांक 05-09-16 को 05 लाख 55 हजार 555 रुपये दिये गये।

 बिछिया जनपद को भी दिये गये 39 लाख 49 हजार 555 रुपये

बिछिया जनपद पंचायत को भी वित्तीय वर्ष 2015-16 में पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक 10908/ दिनांक 09-12-15 में 10 लाख रुपये दिये गये।इसी तरह पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक 10954/ दिनांक 09-12-15 को ही 15 लाख 94 हजार रुपये दिये गये।इसी तरह पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक 1553/ दिनांक 10-02-16 में 08 लाख रुपये दिये गये।वर्ष 2016-17 में अनुसूचित जनजाति ग्रामों में सीसी रोड़ हेतु पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक 8657/ दिनांक 05-09-16 में 05 लाख 55 हजार 555 रुपये दिये गये।

घुघरी जनपद को भी दिये गये 42 लाख 49 हजार 555 रपये

घुघरी जनपद पंचायत को भी वित्तीय वर्ष 2015-16 में पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक 10908/दिनांक 09-12-15 में 10 लाख रूपये दिये गये।इसी तरह पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक 10954/ दिनांक 09-12-15 में 15 लाख 94 हजार रुपये दिये गये।इसी तरह पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक 1553/ दिनांक 10-02-16 में 08 लाख रुपये दिये गये।
वर्ष 2016-17 में ग्राम तबलपानी में सीसी रोड़ निर्माण हेतु पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक 8659/ दिनांक 05-09-16 में 05 लाख 55 हजार 555 रुपये दिये गये।इसी तरह पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक 14706/ दिनांक 23-12-16 में 03 लाख रुपये दिये गये।

मवई जनपद को भी दिये गये 29 लाख 55 हजार 555 रुपये

मवई जनपद पंचायत में भी पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक 8237/ दिनांक 14-09-15 में 10 लाख रुपये दिये गये।इसी तरह पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक10908/ दिनांक 09-12-15 में 06 लाख रुपये दिये गये।इसी तरह पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक 1553/ दिनांक 10-02-16 को 08 लाख रुपये दिये गये।वर्ष 2016-17 में पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक 8655/ दिनांक 05-09-16 में 05 लाख 555 रुपये दिये गये।

मोहगाँव जनपद को भी दिये गये 39 लाख 49 हजार 555 रुपये

मोहगाँव जनपद पंचायत में पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक 10908/ दिनांक 09-12-15 में 10 लाख रुपये दिये गये।इसी तरह पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक 10954/ दिनांक 09-12-15 को ही 15 लाख 94 हजार रुपये दिये गये।इसी तरह पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक 1553/ दिनांक 10-02-16 को 08 लाख रुपये दिये गये।
वर्ष 2016-17 को पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक 8653/ दिनांक 05-09-16 में 05 लाख 55 हजार 555 रुपये दिये गये।

नारायणगंज जनपद को भी दिये गये 39 लाख 49 हजार 555 रुपये

नारायणगंज जनपद पंचायत को पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक 10908/ दिनांक 09-12-15 में 10 लाख रुपये दिये गये।इसी तरह पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक 10954/ दिनांक 09-12-15 को 15 लाख 94 हजार रुपये दिये गये।इसी तरह पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक 1553/ दिनांक 10-02-16 को 08 लाख रुपये दिये गये।वर्ष 2016-17 में  पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक 8649/ दिनांक 05-09-16 को 05 लाख 55 हजार 555 रुपये दिये गये।

बीजाडांडी जनपद को भी दिये गये 29 लाख 55 हजार 555 रुपये

बीजाडांडी जनपद पंचायत को पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक 8235/ दिनांक 14-09-15 में 19 लाख रुपये दिये गये।इसी तरह पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक 10908/ दिनांक 09-12-15 में 06 लाख रुपये दिये गये।इसी तरह पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक 1553/ दिनांक 10-02-16 में  08 लाख रुपये दिये गये।वर्ष 2016-17 में पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक 8651/ दिनांक 05-09-16 में 05 लाख 55 हजार 555 रुपये दिये गये।

निवास जनपद को भी दिये गये 29 लाख 55 हजार 555 रुपये

निवास जनपद पंचायत को पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक  8239/ दिनांक 14-09-2015 में 10 लाख रुपये दिये गये।इसी तरह पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक 10908/ दिनांक 09-12-2015 में 06 लाख रुपये दिये गये।इसी तरह पुनर्रावंटन पत्र क्रमांक 1553/ दिनांक 10-02-2016 में 08 लाख रुपये दिये गये।वर्ष 2016-17 में पुनर्रावंटनख पत्र क्रमांक 8645/ दिनांक 05-09-2016 में 05 लाख 55 हजार 555 रुपये दिये गये।उक्त 09 जनपद पंचायतों ग्राम पंचायतों को कुल राशि 03 करोड़ 44 लाख 43 हजार 990 रुपये केंद्र शासन द्वारा सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग मंडला को दी गईं थी।उक्त राशि को तत्कालीन सहायक आयुक्त संतोष शुक्ला  के द्वारा अपना परसेंट लेकर जनपद पंचायत ग्राम पंचायतों के नाम से जारी कर उनको अपना परसेंट देकर बाकी राशि वापस ले ली गई,जो जिले की 09 जनपदों में जमीनी हकीकत में उक्त योजना के अंतर्गत निर्माण कार्य हुए ही नही हैं।अभी हमने जनपद ग्राम पंचायतों की दी गईं राशि का उल्लेख किया हैं।इसी तरह जिले के सभी विकास खण्डों को भी करोड़ो की राशि इसी योजना के अंतर्गत दी गईं हैं,जिसका निर्माण कार्य कराया ही नही गया हैं।भ्रष्टाचारी तत्कालीन संतोष शुक्ला के द्वारा जिले के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों राज्य के नेता से सांठ-गाठ कर बड़े पैमाने पर गबन कर भ्रष्टाचार किया गया हैं।ऐसे भ्रष्ट अधिकारी को उच्च स्तर से आशीर्वाद मिला हुआ था जो आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में आदिवासी की योजना को चकना चूर करके रख दिया था,और इसके विरुद्ध जिला प्रशासन से लेकर राज्य तक का अमला कुछ नही कर पाया।संतोष शुक्ला  ने राज्य के नेता से लेकर जिले के वरिष्ठ अधिकारियों तक को रुपये का नजराना भेंट कर उनको आपंग गूंगा बहरा बना दिया था। जिसकी जांच अब बड़े स्तर से की जा रही हैं।

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