ओडिशा के सुंदरगढ़ में एक 13 वर्षीय आदिवासी बच्ची का थाना प्रभारी सहित कई पुलिस वालों ने 3 महीनों तक रेप किया।
दरअसल बच्ची लॉकडाउन से तुरंत पहले ही मेला देखने गयी थी। मेले से लौटने में बच्ची को देरी हो गयी और इलाके में राउंड पर आई पुलिस बच्ची को थाने ले गयी। उसे रात भर थाने में रखा गया और रेप किया गया। सुबह होने पर उसे घर पहुंचा दिया।
इसके बाद 3 महीनों तक बच्ची को थाने बुला बुला कर लगातार रेप किया गया।
इसी बीच बच्ची गर्भवती भी हो गयी। जिसके लिए पुलिस वालों ने एक स्थानीय डॉक्टर से उसका गर्भपात करवा दिया।
DGP को खबर मिलते ही थाना प्रभारी, अन्य पुलिस कर्मियों और डॉक्टर सहित बच्ची के सौतेले पिता को गिरफ्तार किया गया है।
DGP ने बच्ची से सार्वजनिक माफी भी मांगी।
पुलिस ब्रुटेलिटी पर आज बहसें हो रही हैं पर आदिवासी समाज इस ब्रुटेलिटी को लंबे अर्से से झेल रहा है।
इस 13 साल की बच्ची के कोमल शरीर और मन पर इन पुलिस वालों ने इतने गहरे घाव दे दिए हैं कि शायद ही वो कभी भर सकें।
इस खबर से देशवासी अनभिज्ञ हैं।
यह घटना यदि शहर में घटती या गैर-आदिवासी समाज मे घटती तो शायद खूब शोर होता।
शांति इसलिए है क्योंकि वो बच्ची आदिवासी है।

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