हैप्पी होली 2020 आप सभी को बधाई - jagoindia Sarkari Yojana : नई सरकारी योजना 2025

Breaking

more info click below

Sunday, March 8, 2020

हैप्पी होली 2020 आप सभी को बधाई



 दयाराम मार्को की ओर से आप सभी को 
दोस्तों होली की आप सभी को बधाई  आप और आपका परिवार खुशहाल रहे आपका जीवन हमेशा खुशियों से भरा रहे हैप्पी होली 2020


तब देख बहारें होली की
 जब फागुन रंग चमकते हैं तब देख बहारें होली की 
और  10 के शोर खड़क ते हो तब देख बहारें होली की
 परियों के रंग दमकते हों तब देख बहारें होली की
 खून शीशे जाम छलकते हैं तब देख बहारें होली की
 महबूब नशे में जगते हो तब देख बहारें होली की

 हो नाच रंगीली परियों का बैठे हो गुरु रंग भरे
 कुछ भीगी तानें होली की कुछ ना जो अदा के ढंग भरें
 दिल भूले देख बहारों को और कानों में रंग भरे
 कुछ तबले खड़के रंग भरे कुछ एसके दम मुंह भरे
 कुछ घुंघरू ताल सकते हो तब देख बहारें होली की

 गुलजार खिले हो परियों की और मजलिस की तैयारियां हो
 कपड़ों पर रंग की सीटों से खुश रंग का जनकारी हूं
 मुंह लाल गुलाबी आंखें और
 हाथों में पिचकारी हो रंग भरी पिचकारी को अंगिया पर टक्कर मारी हो
 सीनों से रंग डालते हो तब देख बहारें होली की

 और एक तरफ दिल लेने को महबूब भाइयों के लड़के 
हरान घड़ी फिरते हो कुछ घट घट के कुछ गड़बड़ कर
 कुछ ना जावे लड़ लड़ के कुछ होली गावे
 कुछ लचके कमर पतली कुछ हाथ चले कुछ तन फड़के
 कुछ काफिर नए मटकते हैं तब देख बहारें होली की

 यह धूम मची हो होली की एस मजे का झक्कड़ हो
 उस खींचा खींची सिटी पर काफी हदीका फक्कड़ हो
 माजून रवि नाच मजा और टिकिया सुल्फा कक्कड़ हो
 लड़की के नजीर भी निकाला हूं कीचड़ में लक्षण पत्थर
 जब ऐसे एस महकते हो तब देख बहारें होली की 

2-

चुनर मोरी  कोरी उमर मोरी गाली
 धीरे रंग डालो करुणा जोरा जोरी
 बरस भरे बीते तब आए कहीं होरी
 झिझक नहीं हमसे निकट आजा गोरी

 धीरे-धीरे पिचकारी मारो
 नहीं मारो बेदर्दी से कस के
 देखो देखो भयानक खींचो
 मोहे तुम्हारी कसम मोहे लागे रसम
 मानो मानो मानो मोरी
 चुनर मोरी कोरी
 भींगी भींगी चुनरी से झांके
 तोरे मतवाले अंगों का जादू
  जाओ मेरी बाहों में छुप जा
 गोरी घबरा क्यों ना सिमट तू
 मिले तन से ये तन
 मुझे मन की लगन
 कहे हम भी कि आई है होली 

3-

निकलता जिन से कुछ मतलब उन्हें  हुकुम कहता है
 निकल जाता है जब मतलब वह झंडू बाम कहता है
 पिलाने को जो बोलो तो कहे व्रत आज है मेरा
 मगर पीने का मौका हो तो भर तू जाम कहता है
 तरीका उसका अपना है किसी की चापलूसी का
 पढ़े जब काम कर लूं उससे तो कालाजाम कहता है
 टहलने भी नहीं जाता ना करता दंड बैठक  वह
 सुबह बस फूफा कर लेता उसे व्यायाम कहता है
 पिलाकर जाम मुझको काम करवाता रहा अपना
 लगी पीने की लत मुझको उमर खय्याम कहता है
 जरूरत थी उसे जब तक मुझे कहता रहा बाबू
 जरूरत हो गई पूरी तो आसाराम कहता है
 हमारे नाम से जब नाम उसका हो गया काफी
 हमारे नाम को ही आज वह बदनाम कहता है 


No comments:

Post a Comment

you have any dauts, Please info me know