हिंदुत्व क्या है??
हिन्दू होकर भी हिन्दू, हिन्दू को अपनी बेटी नहीं देता
है.
हिन्दू होकर, हिन्दू, हिन्दू को अपनी थाली में रोटी
नहीं देता है.
हिन्दू होकर भी हिन्दू, हिन्दू को मान नहीं देता,
सम्मान नहीं देता,
हिन्दू होकर, हिन्दू, हिन्दू के अधिकार छीन लेता है.
हिन्दू होकर, हिन्दू, हिन्दू गरीबों का पेट काट लेता है.
हिन्दू होकर, हिन्दू, हिन्दू के बच्चों से स्कूल-कालेजों में
भेदभाव करता है.
हिन्दू होकर, हिन्दू, हिन्दू को ही शासन-सत्ता में आगे
बढ़ते नहीं देखना चाहता है.
हिन्दू होकर, हिन्दू, हिन्दू के ही बाल-बच्चो का गला
काट देता है.
हिन्दू होकर, हिन्दू, हिन्दू की काबिलियत पर ऊँगली
उठाता है.
हिन्दू होकर ही हिन्दू, हिन्दू को एक समान अपने जैसा
इंसान होने का दर्जा नहीं देता है.
हिन्दू होकर हिन्दू यानि शुद्र को मिले आरक्षण का विरोध् करता है।
शुद्र मूलनिवासी बहुजन जो की हिन्दू नहीं, फिर भी हिंदुत्व का वास्ता दे कर, मुसलमानो से लड़ाता है, वोटे लेता है, राजनीती करता और सिर्फ स्वर्ण हिन्दुओ के बारे में काम करता है।
हिन्दू हो कर हिन्दू शूद्रो की लड़कियो का बलात्कार करता है।
हिन्दू होकर शुद्र हिन्दू से रोटी बेटी की साँझ नहीं करता।
हिन्दू होकर शुद्र हिन्दू की तरक्की से जलती है।
बहुत चालाक हिन्दू है जो जाते एक मानसिक बीमारी है, नहीं खत्म करना चाहता, पर आरक्षण और सविधान खत्म करना चाहता है।
हिन्दू होकर आरक्षण खत्म करने और सविधान बदलने के आंदोलन चलाता है ता की शूद्रो का हक खा सके और उनको फिर गुलामी में धकेला जा सके।
हिन्दू होकर आज भी शुद्र हिन्दू से छुआछात, ऊँचनीच और भेदभाव करता है।
ये कैसा हिन्दू है और कैसा इसका धर्म है. इसका ये कथित
धर्म, धर्म केसे हो सकता है?
ये धर्म नहीं, स्वार्थ का पुलिन्दा है, सिर्फ जातियों का एक झुंड है और बहुजनों को गुलाम बनाए रखने की साजिश है.
हम हिन्दू ना थे। ना है। हम सिर्फ एक षड्यंत्र के शिकार है॥
*इंसानियत मेरा धर्म है.. जय भीम जय मूलनिवासी 🙏🙏🙏
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