बहिष्कार
बहिष्कार बहिष्कार
आदिवासी महोत्सव
नामनगर 15-16 फ़रवरी 2020 का
पूर्णतः सामाजिक
बहिष्कार बहिष्कार बहिष्कार
पूर्णतः बहिष्कार
सर्व आदिवासी समाज मंडला के द्वारा किया जा रहा है ! क्यूंकि आदिवासी महोत्सव
आदिवासी समाज के संस्कृति के साथ रूढ़ि के साथ उनके संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है
आदिवासी महोत्सव में आदिवासियों को एक भीड़ की तरह मात्र भीड़ और तालियां बजाने के
लिए उपयोग किया जाता है एवं विगत 4 वर्षों से आदि उत्सव नामनगर में निरंतर होता
आया है उसमे भी कई तरह की घोषणा हुई है जैसे नामनगर से कालापहाड़ तक रोड, सामुदायिक भवन, आदिवासी संग्रहालय, पेयजल व्यवस्था, राजा शंकरशाह- रघुनाथ शाह की स्कूल प्रांगड़ में
मूर्ति स्थापना ऐसे अनेक घोषणा हुई है जो आज दिनांक तक पूर्ण नहीं हुआ है ! एवं इस
आदिवासी महोत्सव में किसी तरह का सामाजिक प्रतिनिधित्व नहीं दिखता है, न ही समाज प्रमुखों को इस आदिवासी महोत्सव के बारे में न बताया गया और न ही
किसी तरह से सलाह लिया गया है यह कार्यक्रम किसी तरह का सामाजिक नहीं है बल्कि
समाज का उपेक्षित करने के लिए इसका आयोजन किया जा रहा है अगर समाज के लिए ये
आदिवासी महोत्सव है तो समाज के लोग कहा है हमारी बात कहाँ है हमारी संस्कृति कहाँ
है हमारी रूढ़ि कहां है यह महोत्सव सिर्फ और सिर्फ आदिवासियों को ठगने के लिए है
हमारा मजाक बनाने के लिए है ! क्या हमारा आत्मसम्मान मर गया है क्या जो हम हमारे
समाज को जहा उपेक्षित किया जा रहा है ऐसे कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और हिस्सा
क्यों लेंगे जब इस आदिवासी महोत्सव में समाज का एक सामाजिक सियान मुखिया प्रमुख
शामिल ही नहीं है जहाँ समाज की हक़ अधिकार की बात ही नहीं होनी है क्या हम ऐसे
कार्यक्रम में शामिल होंगे हरगिज नहीं क्यों हम और हमारा समाज सिर्फ भीड़ बढ़ाने के
लिए और दूसरों के लिए ताली बजाने शामिल होंगे नहीं हरगिज नहीं ! इसलिए सर्व
आदिवासी समाज ने आयोजित होने वाले इस आदिवासी महोत्सव 15-16 फ़रवरी 2020 को सामाजिक रूप से पूर्णतः बहिष्कार कर रहे है
!
सेवा जोहर
!!पुरुड़ जोहर !!गोटुल जोहर !!
🌷🙏🏻 साथियों जय जोहार

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