सवर्णों
ने यूनिवर्सिटी में
OBC, SC, ST का आरक्षण कैसे खत्म
किया , इसे समझते
हैं👇
जरा
कुछ नामों पर
गौर करें 👇
1. सबसे
पहले आरक्षण के
इस केस को
लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट
कौन गया - विवेकानंद
तिवारी (ब्राह्मण) 🔱
2. विवेकानंद
तिवारी के वकील
कौन है - विमलेंदु
त्रिपाठी (ब्राह्मण) 🔱
3. आरक्षण
के विषय में
भारत सरकार का
पक्ष किसने रखा-
गुजराती ब्राह्मण अशोक मेहता
ने 🔱
4. बीएचयू
के वकील ए.के. उपाध्याय
(ब्राह्मण) 🔱, बीएचयू
के वाइस चांसलर
5. यूनिवर्सिटी
ग्रांट्स कमीशन के वकील
- वी. के. शुक्ला
(ब्राह्मण) 🔱
6. हाई
कोर्ट में आरक्षण
के खिलाफ फैसला
देने वाले जज
हैं - विक्रम नाथ
और दया शंकर
त्रिपाठी (ब्राह्मण) 🔱
7. भारत
के मानव विकास
मंत्री - पंडित प्रकाश जावड़ेकर
(ब्राह्मण) 🔱
8. शिक्षा
विभाग के सचिव
- आर. सुब्रह्मण्यम (ब्राह्मण)
🔱
🏛
हाई कोर्ट में
क्या हुआ था
? 👇
हाई
कोर्ट में तिवारी
के वकील त्रिपाठी
ने मौजूदा आरक्षण
व्यवस्था के खिलाफ
अपनी बात रखी
, जिसे जज त्रिपाठी
और जज नाथ
ने स्वीकार कर
लिया और आरक्षण
के पक्ष में
अपनी बात रखने
वाले दूसरे पक्ष उपाध्याय,
और शुक्ला की
कमजोर दलीलों को
ठुकरा दिया
अब
मामला आता है
सुप्रीम कोर्ट में 🏛
1. यहाँ
जज होते हैं
- इंदिरा बनर्जी और पंडित
यू यू ललित यानी
दोनों ब्राह्मण 🔱
तो
हुआ ये कि
इन ब्राह्मणों की वजह
से हम OBC, SC, ST कानूनी
लड़ाई में हार
गए और हमारा
आरक्षण चालाकी से खत्म
कर दिया गया
!🙅♂
दोनों
पक्ष से ब्राह्मण
वकील अदालत में
खड़े थे और
जज भी ब्राह्मण
. 🔱
ऐसे
में आपको क्या
लगता है कि
SC,ST और OBC को न्याय
मिलेगा ?
इतनी
बड़ी खबर को
न किसी न्यूज़
चैनल ने दिखाया
और न ही
किसी अखबार ने
इस खबर को
प्रमुखता से छापा
क्योंकि न्यूज़ चैनलों और
अख़बारों पर भी
सवर्णों का ही
कब्जा है , वे
नहीं चाहते कि
OBC ,SC ,ST को उनके अधिकार
छीने जाने का
पता चले !
अगर
आपको अपनी और
अपने समाज की
जरा भी फिक्र
है तो इस
मैसेज को ज्यादा
से ज्यादा शेयर
करके लोगों को
जागरूक करें 🙏
ताकि
मिलकर इसका विरोध
किया जा सके
✊
🙏🙏🌹🌹जय भीम
जय संविधान🌹🌹🙏🙏
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