समाज के बुद्धि
जीवी
अगर 5 वी अनुसूचि की बात अगर करते हो तो जमीनी स्तर से काम करो, नही तो चुल्लू भर पानी मे नाक डूबा के मर जावो,
आज का दुःखद समाचार
1.नगर पंचायत चिचोली 5 वी अनुसूचि क्षेत्र में है, परन्तु वहाँ का अध्यक्ष गैर आदिवासी।
2.नगर पंचायत भैंसदेही 5 वी अनुसूचि के अंतर्गत क्षेत्र है,फिर भी वहाँ गैर आदिवासी
अध्यक्ष है।
3.नवनिर्मित नगर पंचायत घोड़ाडोंगरी भी 5 वी अनुसूचि
क्षेत्र में आती है,पर यहाँ भी सामान्य रोस्टर के हिसाब से
सीटों का बंटवारा किया गया। जो कि निंदनीय है,5 वी अनुसूचि
क्षेत्र में 50% आरक्षण आदिवासीयो को होता है, मगर ऐसा नही हुआ।
6.नवनिर्मित नगर पंचायत शाहपुर में भी 15 वार्ड बने जिसमे
सामान्य आरक्षण प्रणाली से 3
सीट अनुसूचित जन जाति 2 सीट अनुसूचित जाति और बाकी सामान्य रख
दिया, जिसने प्रणाली गलत है, 5 वी अनुसूचि के अनुसार 50% सीट अनुसूचित जन जाति की
होना था,और अध्यक्ष भी आदिवासी ही होंगा।
अब बतावो जमीनी
मुद्दों पर कोन कोन ध्यान देंगा, या फेस बुक व्हाट्सएप पर ही दम दिखावोंगे, संविधान पढ़ा है तो उसका उपयोग,जन के सहयोग के लिए
करो ढेर करने के लिए नही,
जन हित में सूचना
अगर आप सभी सामाजिक
संगठन मिलकर स्टेय नही लगा पाते है,तो दिक्कार है,उस दिखावे पर,,,,,जो सब करते है,,,,,,
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