ब्राह्मण और हम में क्याँ अंतर हैं ?
+++++++++++++++++++++ थोडासा विचार जरुर करें💐🙏🏻
वो धन के लिए लड़ता है,
हम धर्म के लिए लड़ते हैं ।
वो संसद की तरफ दौडता है,
हम तीर्थ स्थल की तरफ दौडते हैं।
वो अपने बच्चो को कॉलेज भेजता है,
हम मंदिर व कांवड़ लेने भेजते हैं ।
वो कथा भागवत करता है ,
हम कथा भागवत कराते हैं ।
वो हम से दान दक्षिणा लेता है ,
हम उसको दान दक्षिणा देते हैं ।
वो हमको झूठा आशीर्वाद देता है ,
हम उसके पैरों में पड़़ जाते हैं ।
वो हमको गुलाम बनाता है ,
हम उसके गुलाम बन जाते हैं ।
वो हमें मुसलमानों के प्रति भडकाता है ,
हम सब भडक जाते हैं ।
वो हमको बर्बाद करना चाहता है ,
हम उसको आबाद करना चाहते हैं ।
वो हमसे हमेशा ईर्ष्या रखता है ,
हम उससे हमेशा अनुराग रखते हैं ।
वो अपने घर में कभी सत्यनारायण की पूजा
नहीं करता है ,
हम से हमेशा करवाता है ।
वो हमेशा सब की कुंडली बनाता है ,
पर अपनी कुंडली किसी से नहीं बनवाता ।
उसकी नजर पैसों पर रहती है ,
हमारी नजर कर्मकांडों पर रहती है।
उसका अधिकार सभी मठ मंदिरों पर है,
हमारा अधिकार किसी मठ मंदिर पर नहीं ।
वो हर समय धन दौलत में खेलता है ,
हम अपनी रोटी के लिए दिन रात एक करते
हैं ।
वो बगैर पसीने की कमाई करता है ,
हम पसीना बहा कर एक हिस्सा उसको दे आते
हैं ।
उसका 10 साल का बच्चा अपना इतिहास जानता है,
हमारा 60 साल का बुड्ढा भी अपना इतिहास नहीं जानता है।
वो हमसे अपने पूर्वजों की पूजा करवाता
है ,
हमारे
महापुरुषों को हमसे ही गाली दिलवाता है ।
वो कभी मंदिर में दान नहीं करता ,
हमसे दान करवाकर हमारी तिजोरी साफ कर
देता है ।
वो मंदिरो के चढावे से तिजौरियां भरता
है ,
हम अपनी कमाई मंदिरो में चढा कर गरीब
बन जाते हैं ।
वो अपनी चतुर बुद्धि से भारत पर राज कर
रहा है ,
हम अपनी मंद बुद्धि के कारण उसकी
गुलामी करते हैं ।
जीवन में दुख भी वही बताता है उपाय भी
वही बताता है ,
हम उसके नचाये नाचते हैं ।
भारत में उसकी संख्या 3% है
लेकिन 68% जगहों पर विराजमान है ।
हमारी संख्या 85% है
लेकिन हम 20% जगहों पर भी नहीं ।
वह अपने महापुरुषों का सम्मान करता एवं
हमसे करवाता है ,
हमसे ही हमारे ही महापुरुषों का अपमान
करवाता है ।
अगर ब्राह्मण वाद से निकलना है तो इस
पर से विश्वास खत्म करो, तभी निकल सकते हो ।
जय विज्ञान जय संविधान
जय शिक्षा जय जागरूकता
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